जानसठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कोरोना महामारी को खत्म करने को लेकर पांच अप्रैल की रात्रि नौ बजे घरों पर दीये, मोमबत्ती जलाने की अपील के बाद से कुम्हारों के घरों में रखे सभी मिट्टी के दीये बिक गए हैं। कुम्हार ने अब नए दीये बनाने में जुटे हैं। बिना त्योहार दीये की बिक्री होने से कुम्हारों के घरों में खुशहाली लौटी है। कुम्हारों की आमदनी से उनके घरों के भी चूल्हे जल जाएंगे।
जानसठ क्षेत्र में करीब एक दर्जन से ज्यादा कुम्हार परिवार मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करते हैं। गांव गढ़ी में सबसे ज्यादा कुम्हार परिवार मिटटी के बर्तन बनाते हैं। फिलहाल इन कुम्हारों का काम बंद था। लॉकडाउन होने के बाद से तो मिट्टी के बर्तन भी कोई नहीं खरीद रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को रविवार रात नौ बजे घरों पर रोशनी करने की अपील की तो शुक्रवार व शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता व अन्य लोगों ने कुम्हारों के यहां पहुंचकर मिट्टी के दीये खरीदे। कुम्हारों ने घरों पर रखे दीये 60 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बेचे। गांव गढ़ी निवासी दीये बेचने वाले राजकुमार पुत्र समय सिंह व विनित पुत्र राजेंद्र ने बताया कि उनके पास जितने दीये रखे थे, वे बिक गए हैं। शनिवार की सुबह से ही चाक पर नए दीपक बनाने शुरू कर दिए थे। कुम्हारों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते कामकाज एकदम ठप पड़ा था। प्रधानमंत्री की इस घोषणा से उनके घरों के चूल्हे भी जल गए हैं।