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एसआईटी ने अधिवक्ता को दी क्लीन चिट, कोर्ट में दाखिल की अंतिम रिपोर्ट

Thu, 27 Oct 2022 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 11:39 PM IST
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SIT gives clean chit to advocate, final report filed in court
- निलंबित एडीजे की पत्नी ने अधिवक्ता पर कराया था मुकदमा
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- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीजीपी ने किया था एसआईटी का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले में तैनात रहे अपर जिला जज संदीप गुप्ता की पत्नी नीरू अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता अमित कुुमार के खिलाफ कराए गए मुकदमे में एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। चर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद प्रदेश के डीजीपी ने गौतमबुद्घ नगर में तैनात आईपीएस लव कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था।
अधिवक्ता अमित कुमार जैन ने अपर जिला जज एवं उनकी पत्नी नीरू अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शिकायत की थी। इस मामले में बातचीत की एक ऑडियो भेजी गई थी। अमित जैन के खिलाफ एडीजे की पत्नी ने सिविल लाइन थाना में मुकदमा कायम कराया था। मुकदमे की जांच सीबीआई से कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की, जिसका सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया।
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इसके बाद हाईकोर्ट ने एडीजे संदीप गुप्ता को शीर्ष अदालत में सुनवाई से पहले निलंबित करते हुए मुरादाबाद में संबद्ध कर दिया था। इस संबंध में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के आदेश दिया था। जिसमें एक आईपीएस, एक एसएचओ और एक डिप्टी एसपी को नियुक्त किए जाए। दो सप्ताह में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे।
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ये था मामला
पुलिस ने वर्ष 2004 में फहीमपुर गांव निवासी कुलदीप राठी को मुठभेड़ में मार गिराया था। मुठभेड़ के बाद चर्चा फैल गई कि नई मंडी निवासी सचिन जैन ने पुलिस का साथ दिया है। इसके कुछ दिन बाद सचिन जैन संदिग्ध हालत में गायब हो गया। सचिन की हत्या की बात सामने आई, लेकिन शव बरामद नहीं हुआ । परिजनों ने सचिन की हत्या का आरोप कुलदीप राठी के परिवार के पांच सदस्यों पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। यह प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। सचिन जैन के भाई अधिवक्ता अमित जैन का कहना था कि इसी केस में सजा करने के नाम पर जज और उनकी पत्नी ने पांच लाख रुपये मांगे थे। कॉल रिकॉर्डिंग के साथ अधिवक्ता ने पति-पत्नी की शिकायत हाई कोर्ट में की थी।
एसआईटी में शामिल रहे अधिकारी
डीजीपी द्वारा जिला गौतम बुद्घनगर के अपर पुलिस कमिश्नर आईपीएस लव कुमार को एसआईटी का प्रभारी नियुक्त किया था। उनके साथ डिप्टी एसपी आलोक दूबे तथा इंस्पेक्टर संजीव कुमार विश्नोई को सदस्य नियुक्त किया गया। पिछले दिनों एसआईटी टीम ने एक सप्ताह तक मुजफ्फरनगर में रहकर मामले से जुडे़ लोगों के बयान लिए और छानबीन की थी।

एसआईटी ने इन बिंदुुओं पर की जांच
एसआईटी ने एडीजे की पत्नी द्वारा अधिवक्ता अमित जैन पर लगाए आरोपों की जांच कई बिंदुओं पर की। एफआईआर में दर्शाए गवाहों के बयान संकलित किए। सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया। अमित से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल नंबरों की सीडीआर आदि के तहत मुकदमे को बेबुनियाद मानते हुए मुकदमे को खारिज करते हुए रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी है।
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