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एसआईटी ने कॉलेज में साक्ष्य जुटाने के लिए की थी जांच
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:23 AM IST
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कॉलेज का कमरा नंबर छह,जिसमें विशाल ने परीक्षा दी।
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार के बाद हत्या के मामले की जांच अभी जारी है। हत्यारोपी विशाल जंगोत्रा या उसके स्थान पर खतौली में परीक्षा किसने दी इस मामले की एसआईटी टीम ने कॉलेज में पहुंचकर दो दिन तक घंटों जांच पड़ताल की थी। इसके लिए टीम द्वारा उस कक्ष नंबर छह को भी खुलवाकर जांच की गई।
हालांकि उस कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। कॉलेज में निगरानी के लिए लगे 16 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक किया गया। 20 दिन से अधिक समय बीतने पर सीसीटीवी की फुटेज में विशाल की तस्वीर दिखाई नहीं देने पर टीम डीबीआर को अपने साथ ले गई, जिसकी फोरेंसिक लैब में जांच पड़ताल कराई जाएगी।
जम्मू बार एसोसिएशन द्वारा कठुआ गैंगरेप की चार्जशीट पर सवालिया निशान खड़े किए गए थे। एसोसिएशन का कहना था कि क्राइम ब्रांच ने जिस विशाल जंगोत्रा को दुष्कर्म का आरोपी करार दिया है, वह घटना के वक्त सैकड़ों मील दूर परीक्षा दे रहा था, जिसकी एसआईटी टीम ने जांच पड़ताल प्रारंभ की।
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टीम का मानना है कि परीक्षा के दौरान विशाल घटना में शामिल था तथा उसकी जगह खतौली के केके जैन डिग्री कालेज में किसी डमी छात्र से परीक्षाएं दिलवाई गई है। जम्मू एसआईटी के निरीक्षक उरफान बानी टीम के साथ 23 व 24 मार्च को कालेज में पहुंचे थे। प्राचार्य अरविंद कुमार राना के मुताबिक टीम ने इन दोनों दिनों में घंटों विशाल द्वारा परीक्षा देने या न देने को लेकर जांच पड़ताल की।
जिस कक्ष नंबर 6 में विशाल को परीक्षा देना बताया गया, टीम ने उस कक्ष की भी जांच पड़ताल की थी। परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। टीम ने परीक्षाओं के दौरान रहे कक्ष निरीक्षकों से भी पूछताछ की थी। उपस्थिति सीट पर हस्ताक्षरों की जांच पड़ताल के साथ-साथ कालेज में अन्य जगहों पर लगे निगरानी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी चेक किया। विशाल की फुटेज में तस्वीर नहीं दिखाई देने पर टीम फोरेंसिक लैब से जांच कराने को डीबीआर अपने साथ जम्मू ले गई थी।
प्रवेश-पत्र के फोटो कलर करवाए
प्राचार्य अरविंद कुमार ने बताया कि जब से यह मामला हुआ है, तब से कालेज में परीक्षा देने वाले छात्र व छात्राओं को नेट से अपने प्रवेश पत्रों को कलर फोटो वाले निकलवाने के निर्देश दिए गए थे। कलर फोटो से छात्रों के चेहरे की सही से पहचान हो सके। फिलहाल कालेज में बीएससी व एमए की परीक्षाएं चल रही है। सभी परीक्षार्थी कलर फोटो वाले प्रवेश पत्र ही लेकर आते हैं। ब्लैक एंड व्हाइट वाले प्रवेश पत्रों पर रोक लगा दी गई है।
विशाल 4 जनवरी को गांव गया था
खतौली। मीरापुर में पंजाबी कालोनी के मकान मालिक का कहना हे कि छात्र विशाल अपने पिता की रिटायर्ड पार्टी में शामिल होने के लिए जम्मू में अपने गांव गया था। वह 10 जनवरी को पेपर होने की वजह से मीरापुर में आ गया था। 10 जनवरी को विशाल खतौली कालेज में परीक्षा देने के लिए गया था।
कॉलेज में परीक्षा देने या डमी छात्र द्वारा दिलवाने का मामला पहली बार हुआ है। आकांक्षा डिग्री कालेज के अध्यापक खुद अपने छात्रों को परीक्षा दिलवाने लेकर आते थे तथा साथ ले जाते थे। इसके बावजूद भी अगर डमी छात्र ने परीक्षा दी है। इस सच्चाई का पता एसआईटी द्वारा डीबीआर की फोरेंसिक जांच कराने पर चल जाएगा - अरविंद कुमार राना, प्राचार्य, केके जैन डिग्री कालेज।
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हालांकि उस कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। कॉलेज में निगरानी के लिए लगे 16 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक किया गया। 20 दिन से अधिक समय बीतने पर सीसीटीवी की फुटेज में विशाल की तस्वीर दिखाई नहीं देने पर टीम डीबीआर को अपने साथ ले गई, जिसकी फोरेंसिक लैब में जांच पड़ताल कराई जाएगी।
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जम्मू बार एसोसिएशन द्वारा कठुआ गैंगरेप की चार्जशीट पर सवालिया निशान खड़े किए गए थे। एसोसिएशन का कहना था कि क्राइम ब्रांच ने जिस विशाल जंगोत्रा को दुष्कर्म का आरोपी करार दिया है, वह घटना के वक्त सैकड़ों मील दूर परीक्षा दे रहा था, जिसकी एसआईटी टीम ने जांच पड़ताल प्रारंभ की।
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टीम का मानना है कि परीक्षा के दौरान विशाल घटना में शामिल था तथा उसकी जगह खतौली के केके जैन डिग्री कालेज में किसी डमी छात्र से परीक्षाएं दिलवाई गई है। जम्मू एसआईटी के निरीक्षक उरफान बानी टीम के साथ 23 व 24 मार्च को कालेज में पहुंचे थे। प्राचार्य अरविंद कुमार राना के मुताबिक टीम ने इन दोनों दिनों में घंटों विशाल द्वारा परीक्षा देने या न देने को लेकर जांच पड़ताल की।
जिस कक्ष नंबर 6 में विशाल को परीक्षा देना बताया गया, टीम ने उस कक्ष की भी जांच पड़ताल की थी। परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। टीम ने परीक्षाओं के दौरान रहे कक्ष निरीक्षकों से भी पूछताछ की थी। उपस्थिति सीट पर हस्ताक्षरों की जांच पड़ताल के साथ-साथ कालेज में अन्य जगहों पर लगे निगरानी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी चेक किया। विशाल की फुटेज में तस्वीर नहीं दिखाई देने पर टीम फोरेंसिक लैब से जांच कराने को डीबीआर अपने साथ जम्मू ले गई थी।
प्रवेश-पत्र के फोटो कलर करवाए
प्राचार्य अरविंद कुमार ने बताया कि जब से यह मामला हुआ है, तब से कालेज में परीक्षा देने वाले छात्र व छात्राओं को नेट से अपने प्रवेश पत्रों को कलर फोटो वाले निकलवाने के निर्देश दिए गए थे। कलर फोटो से छात्रों के चेहरे की सही से पहचान हो सके। फिलहाल कालेज में बीएससी व एमए की परीक्षाएं चल रही है। सभी परीक्षार्थी कलर फोटो वाले प्रवेश पत्र ही लेकर आते हैं। ब्लैक एंड व्हाइट वाले प्रवेश पत्रों पर रोक लगा दी गई है।
विशाल 4 जनवरी को गांव गया था
खतौली। मीरापुर में पंजाबी कालोनी के मकान मालिक का कहना हे कि छात्र विशाल अपने पिता की रिटायर्ड पार्टी में शामिल होने के लिए जम्मू में अपने गांव गया था। वह 10 जनवरी को पेपर होने की वजह से मीरापुर में आ गया था। 10 जनवरी को विशाल खतौली कालेज में परीक्षा देने के लिए गया था।
कॉलेज में परीक्षा देने या डमी छात्र द्वारा दिलवाने का मामला पहली बार हुआ है। आकांक्षा डिग्री कालेज के अध्यापक खुद अपने छात्रों को परीक्षा दिलवाने लेकर आते थे तथा साथ ले जाते थे। इसके बावजूद भी अगर डमी छात्र ने परीक्षा दी है। इस सच्चाई का पता एसआईटी द्वारा डीबीआर की फोरेंसिक जांच कराने पर चल जाएगा - अरविंद कुमार राना, प्राचार्य, केके जैन डिग्री कालेज।