देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिया डिग्री कॉलेज में बुधवार को सर सैयद जन्म शताब्दी (सर सैयद-डे) के उपलक्ष्य में कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें शिक्षकों ने सर सैयद अहमद खां द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीसीएस यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि इंसान जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि उसके काम उसको बड़ा बनाते हैं। सर सैयद अहमद खां ने अपनी मेहनत दूरदर्शिता राष्ट्र चिंतक तथा कुछ अलग करने के नजरिये से देशवासियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण कार्य किए। कॉलेज के सचिव डॉ. अजीम उल हक ने कहा कि सर सैयद का सबसे बड़ा संदेश संस्थाओं की स्थापना है। उन्होंने कहा संस्थाएं जीवित रहती हैं, इंसान तो आते जाते रहते हैं, क्योंकि संस्थाएं राष्ट्र की उन्नति और समृद्धि का द्योतक भी हैं। उन्होंने सर सैयद अहमद खां द्वारा मुसलमानों के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि इन्हीं कार्यों की वजह से न केवल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें याद किया जाता है। प्राचार्य डॉ. असजद तुर्की, डॉ. अर्चना पाठक, डॉ. निमिशा, डॉ. जेपी शुक्ला, दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कालर अरशद इकराम, मुफ्ती राहत अली सिद्दीकी, दारूल उलूम के उस्ताद-ए-हदीस मौलाना शाह आलम और राहत अली सिद्दीकी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान छात्रों से क्विज के माध्यम से प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले छात्रों को अतिथियों ने ट्राफी देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. रहमत बी. मुल्तानी, डॉ. अनवर पाशा, मो. अखलाक, डॉ. अब्दुल मुसव्विर, नर्गिस, मौ. फाजिल, रचना, अंजू, आयशा परवीन, अलका, विनोद, कपिल, आरिफ खान आदि रहे।