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एक चूक ने दो परिवारों में किया अंधेरा
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सिखेड़ा हादसा : शादी समारोह की खुशियां हुईं काफूर
मुजफ्फरनगर/सिखेड़ा। पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर हुए हादसे ने एक साथ दो परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। थानाभवन निवासी बस चालक के परिवार में जहां मुखिया के साथ ही बेटी की जान जाने से कोहराम मच गया, वहीं शहर के मोहल्ला खालापार निवासी युवक के परिवार में भी एक बेटे के चले जाने से अंधेरा छा गया।
शामली जनपद के कस्बा थानाभवन निवासी नसीम थानाभवन-मुजफ्फरनगर रूट की प्राइवेट बस पर बतौर चालक परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में पत्नी के साथ ही तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। सोमवार को मीरापुर के गांव संभलहेड़ा में नसीम की रिश्तेदारी में शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह बेटी जुबेनिया के साथ पहले मोहल्ला दक्षिणी खालापार निवासी अपने बहनोई मनशाद के घर पहुंचा। वहां से नसीम ने अपने भांजे अयाज को साथ लिया, जिसके बाद वह संभलहेड़ा पहुंचकर शादी-समारोह में शरीक हुआ था। मंगलवार को संभलहेड़ा से लौटते समय पानीपत-खटीमा राजमार्ग स्थित सिखेड़ा गंगनहर पुलिया पर बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार तीनों लोगों की सांसे छीनकर दोनों परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। नसीम के परिवार में जहां अब पत्नी व पांच बच्चे रह गए हैं, वहीं मनशाद के दो बेटों में से एक ही रह गया है।
नसीम व अयाज का शव हुआ पूरी तरह क्षत-विक्षत
सिखेड़ा। गंगनहर पर हुआ हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी तीनों के शव देखे, होश खो बैठा। हादसे में पहिया शरीर से उतरने के कारण नसीम का पूरा शरीर कुचला गया, वहीं अयाज का सिर फटने से उसका शव भी क्षत-विक्षत हो गया। इसके साथ ही जुबेनिया के शरीर पर भी काफी चोटें आईं, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर जो भी परिजन मौके पर पहुंचे, हादसे की भयावहता देख उनका कलेजा कांप उठा।
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नहीं लगाए थे किसी ने भी हेलमेट
सिखेड़ा। गंगनहर पुल के पास हादसे का शिकार हुए बाइक सवार नसीम व दोनों बच्चों में किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। हादसे में मारे गए दोनों बच्चों अयाज व जुबेनिया की मौत की वजह भी उनके सिर में लगी गंभीर चोटें रहीं। यदि दोनों बच्चे हेलमेट लगाए हुए होते तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी।
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मुजफ्फरनगर/सिखेड़ा। पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर हुए हादसे ने एक साथ दो परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। थानाभवन निवासी बस चालक के परिवार में जहां मुखिया के साथ ही बेटी की जान जाने से कोहराम मच गया, वहीं शहर के मोहल्ला खालापार निवासी युवक के परिवार में भी एक बेटे के चले जाने से अंधेरा छा गया।
शामली जनपद के कस्बा थानाभवन निवासी नसीम थानाभवन-मुजफ्फरनगर रूट की प्राइवेट बस पर बतौर चालक परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में पत्नी के साथ ही तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। सोमवार को मीरापुर के गांव संभलहेड़ा में नसीम की रिश्तेदारी में शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह बेटी जुबेनिया के साथ पहले मोहल्ला दक्षिणी खालापार निवासी अपने बहनोई मनशाद के घर पहुंचा। वहां से नसीम ने अपने भांजे अयाज को साथ लिया, जिसके बाद वह संभलहेड़ा पहुंचकर शादी-समारोह में शरीक हुआ था। मंगलवार को संभलहेड़ा से लौटते समय पानीपत-खटीमा राजमार्ग स्थित सिखेड़ा गंगनहर पुलिया पर बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार तीनों लोगों की सांसे छीनकर दोनों परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। नसीम के परिवार में जहां अब पत्नी व पांच बच्चे रह गए हैं, वहीं मनशाद के दो बेटों में से एक ही रह गया है।
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नसीम व अयाज का शव हुआ पूरी तरह क्षत-विक्षत
सिखेड़ा। गंगनहर पर हुआ हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी तीनों के शव देखे, होश खो बैठा। हादसे में पहिया शरीर से उतरने के कारण नसीम का पूरा शरीर कुचला गया, वहीं अयाज का सिर फटने से उसका शव भी क्षत-विक्षत हो गया। इसके साथ ही जुबेनिया के शरीर पर भी काफी चोटें आईं, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर जो भी परिजन मौके पर पहुंचे, हादसे की भयावहता देख उनका कलेजा कांप उठा।
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नहीं लगाए थे किसी ने भी हेलमेट
सिखेड़ा। गंगनहर पुल के पास हादसे का शिकार हुए बाइक सवार नसीम व दोनों बच्चों में किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। हादसे में मारे गए दोनों बच्चों अयाज व जुबेनिया की मौत की वजह भी उनके सिर में लगी गंभीर चोटें रहीं। यदि दोनों बच्चे हेलमेट लगाए हुए होते तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी।