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Muzaffarnagar News: मोरना - तंबुओं का नगर बना शुकतीर्थ, श्रद्धालु लगा रहे आस्था के गोते

Fri, 24 Nov 2023 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 24 Nov 2023 12:28 AM IST
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Shuktirtha became a city of tents, devotees are taking a dip of faith
गंगा घाट पर स्नान के बाद पूजा अर्चना करते मुजफ्फरनगर के श्रद्धालु।
- डीएम और एसपी देहात ने किया मेले का निरीक्षण, पैड़ियों से हटवाए तंबू
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- आज ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर मेले का शुभारंभ करेंगे
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। शुकतीर्थ में कार्तिक गंगा स्नान मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निरीक्षण किया। पुलिस ने घाट की पैड़ियों से तंबू हटवाए। एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि 27 नंबर को मुख्य गंगा स्नान होगा। तंबू लगे होने से श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। आज ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर मेले का शुभारंभ करेंगे।
डीएम ने मेला कोतवाली परिसर एवं गंगा घाट का निरीक्षण किया। पूजा के बाद छोड़े गए दीये, पूजा सामग्री, कपड़े को प्रतिदिन हटाने के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अच्छी व्यवस्था बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। ड्यूटी के दौरान कोई भी अधिकारी कर्मचारी लापरवाही न बरते। गंगा घाट स्थित मंदिर पर रंगाई पुताई न होने व घाट स्थित टूटी पत्थर की पैड़ियों को देखकर नाराजगी जताई। शुकदेव सेतु के पिलर के नीचे गहरे पानी का चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए कहा।
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हाईमास्क लाइट से रोशनी गायब, श्रद्धालु परेशान

एमडीए की ओर से शुकतीर्थ विकास योजनाओं के लिए शुकदेव तिराहे, मुख्य गंगा घाट, श्मशान घाट समेत अन्य स्थानों पर ऊंचे-ऊंचे विद्युत पोल पर दर्जनों लाइटें लगाई गई थीं। मेले की तैयारियों में बैठक के दौरान हाईमास्क लाइट लगाने के आदेश दिए गए, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका। श्रद्धालुओं ने प्रकाश व्यवस्था की मांग की है।
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चार बैरियर से होकर गुजरेंगे श्रद्धालु
मेला कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मेले में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए मोरना-शुकतीर्थ मार्ग पर हरिदास समाधि के सामने प्रथम बैरियर लगाया गया है। दूसरा बैरियर एसडी इंटर कॉलेज, शनिधाम पर लगा है। पुलिस चौकी शुकदेव तिराहे सहित राजपूत धर्मशाला पर बैरियर और फिरोजपुर शुकतीर्थ मार्ग दुर्गाधाम पर बनाया गया है। बस व अन्य बड़े वाहनों के लिए हरिदास समाधि एवं दुर्गाधाम पर पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है।
पीने के पानी की व्यवस्था चरमराई
मेले में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। श्रद्धालु खाना बनाने एवं पीने के पानी के लिए आश्रमों एवं धर्मशालाओं की पानी की व्यवस्था पर निर्भर हैं। मेला कोतवाली परिसर के बराबर में श्रद्धालुओं द्वारा तंबू लगाए गए हैं, जहां पर पानी की व्यवस्था को लेकर भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने शासन प्रशासन से पेयजल आपूर्ति कराए जाने की मांग की है। जिला पंचायत मुजफ्फरनगर की ओर से मेला परिसर में प्रतिवर्ष झूला लगाया जाता है, लेकिन अबकी बार झूला नहीं लगने से श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी है। मेले में श्रद्धालुओं के वाहन निजी वाहन सहित सवारी वाहनों का आनाजाना बना हुआ है। जिसके कारण धूल का गुब्बार उठने से सांस लेने में तकलीफ महसूस होने से परेशानी हुई।
भैंसा प्रतियोगिता के लिए आज रजिस्ट्रेशन
पशु चिकित्सालय विज्ञान महाविद्यालय मेरठ व मुजफ्फरनगर पशुपालन विभाग की ओर से भैंसा प्रतियोगिता होगी। भारतीय अनुसंधान केंद्र मेरठ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता, विभाग अध्यक्ष डॉ. सुशील, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जयवीर सिरोही एवं मोरना ब्लॉक पशु अधिकारी सुनील कपूर, डॉ. नीरज रविदीप ने मेल कोतवाली परिसर के बराबर में भैंसा प्रतियोगिता स्थल का गहनता के साथ निरीक्षण किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने बताया कि दो दांत, चार दांत और चार दांत से बड़े भैंसे प्रतियोगिता में भाग लेंगे। पशुपालक 24 नवंबर को मेला कोतवाली परिसर के बराबर में सुबह दस बजे से पांच बजे तक अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 25 नंबर को भैंसा प्रतियोगिता होगी। इस मौके पर अपर मुख्य अधिकारी पवन गोयल, अमित राठी, अरुण गर्ग, अक्षय शर्मा, रामकुमार शर्मा मौजूद रहे।
गंगा स्नान मेले में शुकतीर्थ आए थे पंडित नेहरू
(फोटो समाचार)

मोरना/शुकतीर्थ। भागवत भूमि शुकतीर्थ में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की यादें अमिट हैं और प्रेरक भी। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के निमंत्रण पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु मेले में पधारे थे।
वीतराग स्वामी कल्याणदेव ने विलक्षण और विराट व्यक्तित्व से न केवल महाभारतकालीन शुकतीर्थ को देश के तीर्थ मानचित्र पर अंकित किया, बल्कि देश की बड़ी शख्सियतों को धार्मिक नगरी की यात्रा से जोड़ने का कार्य किया। संत विभूति ने कार्तिक गंगा स्नान मेले में किसानों की जनसभा की योजना बनाई। उन्होंने दो बार दिल्ली की यात्रा कर प्रधानमंत्री पंडित नेहरु से भेंट की। स्वामी जी की सरलता और सादगी से प्रभावित नेहरू ने शुकतीर्थ आने का निमंत्रण स्वीकार किया। उस दौर में आज जैसे संसाधन नहीं थे, पंडित नेहरू कार द्वारा दिल्ली से भोपा में बेलड़ा पुल से होते हुए तीर्थ में पधारे थे।
26 नवंबर 1958 को कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में पीएम नेहरू की मौजूदगी से किसान और मजदूर बेहद उत्साहित थे। शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद बताते हैं कि गंगा किनारे बने मंच से पीएम के सामने गुरुदेव स्वामी कल्याणदेव ने किसानों से गेहूं उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प कराया था। पंडित नेहरू ने अपने भाषण में वीतराग संत को उत्तर प्रदेश के गांधी कहकर सम्मान दिया था। संवाद


डॉ. संपूर्णानंद ने तीर्थ को किया था जगमग

(फोटो)

शुकतीर्थ। वर्ष 1959 में कार्तिक पूर्णिमा मेला में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद पधारे। स्वामी कल्याणदेव ने उनसे शुकतीर्थ तक विद्युत व्यवस्था कराने का आग्रह किया। उस समय रात में पेट्रोमेक्स से मेले में रोशनी की जाती थी। डॉ. संपूर्णानंद के निर्देश पर देहरादून जा रहे इटली से आए खंभे रेलवे वैगनों से मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर उतारे गए। शहर से 28 किलोमीटर दूर तीर्थ तक तत्काल विद्युत लाइन खींची गई और शुकतीर्थ जगमग हो गया था। संवाद
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