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कोरोना योद्धा बनकर सामने आए शहजाद और नीटू
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कोरोना योद्धा बनकर सामने आए शहजाद और नीटू
मुजफ्फरनगर। जिले में कोरोना महामारी के बाद लगातार बढे़ मौतों के ग्राफ के बीच मृतकों के शवों का निस्तारण कराना ही एक बड़ी चुनौती बना है। ऐसे में परोपकारी सेवा समिति नदी घाट आम जनता के लिए सहायक बनकर सामने आई है। समिति की दो एंबुलेंस शवों को 500 रुपये में श्मशान घाट तक पहुंचाने का काम कर रही है।
समिति अध्यक्ष अजय अग्रवाल का कहना है कि जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, या कोई भिखारी, संत, फकीर का शव आता है तो उनसे पैसा नहीं लिया जाता है। महामारी के बीच समिति के दो एंबुलेंस ड्राइवर मिसाल बने हैं। सुबह छह बजे से लेकर देर शाम तक ये शवों को लाने और उनका निस्तारण कराने का कार्य कर रहे हैं। खालापार निवासी शहजाद और गांधी कालोनी निवासी नीटू सूचना के 15 मिनट बाद एंबुलेंस लेकर शव लेने पहुंच रहे हैं। कोरोना के शव मेडिकल कॉलेज और घरों से एंबुलेंस के माध्यम से ही लाए जा रहे हैं। एक तरफ जहां परिजन भी डरे और सहमे हैं, वहीं ये दोनो चालक शवों को एंबुलेंस में रखवाने और उतरवाने में परिजनों का सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सभी को अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए तभी व्यवस्था बनेगी।
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मुजफ्फरनगर। जिले में कोरोना महामारी के बाद लगातार बढे़ मौतों के ग्राफ के बीच मृतकों के शवों का निस्तारण कराना ही एक बड़ी चुनौती बना है। ऐसे में परोपकारी सेवा समिति नदी घाट आम जनता के लिए सहायक बनकर सामने आई है। समिति की दो एंबुलेंस शवों को 500 रुपये में श्मशान घाट तक पहुंचाने का काम कर रही है।
समिति अध्यक्ष अजय अग्रवाल का कहना है कि जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, या कोई भिखारी, संत, फकीर का शव आता है तो उनसे पैसा नहीं लिया जाता है। महामारी के बीच समिति के दो एंबुलेंस ड्राइवर मिसाल बने हैं। सुबह छह बजे से लेकर देर शाम तक ये शवों को लाने और उनका निस्तारण कराने का कार्य कर रहे हैं। खालापार निवासी शहजाद और गांधी कालोनी निवासी नीटू सूचना के 15 मिनट बाद एंबुलेंस लेकर शव लेने पहुंच रहे हैं। कोरोना के शव मेडिकल कॉलेज और घरों से एंबुलेंस के माध्यम से ही लाए जा रहे हैं। एक तरफ जहां परिजन भी डरे और सहमे हैं, वहीं ये दोनो चालक शवों को एंबुलेंस में रखवाने और उतरवाने में परिजनों का सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सभी को अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए तभी व्यवस्था बनेगी।
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