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Muzaffarnagar News: गेहूं खरीद में शामली-सहारनपुर आगे, मुजफ्फरनगर पिछड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। गेहूं खरीद में जनपद लक्ष्य से दूर है। कई केंद्र ऐसे भी हैं, जो शून्य खरीद पर चल रहे हैं। लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की 15 फीसदी खरीद भी नहीं हो पाई। मंडल के शामली और सहारनपुर में इससे कहीं ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। नवीन मंडी स्थल से दो क्रय केन्द्र हटाने के लिए भी कहा गया है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में गेहूं खरीद की व्यवस्था को परखने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र सिंह ने बुधवार को समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 29 अप्रैल तक जनपद में हुई गेहूं खरीद के आंकड़े लिए गए। इसमें पाया गया कि खाद्य विभाग द्वारा 1359 मीट्रिक टन (36.93 प्रतिशत), पीसीएफ द्वारा 1108.64 मीट्रिक टन (10.11प्रतिशत ), पीसीयू द्वारा 968.40 मीट्रिक टन (13.16 प्रतिशत), भा.खा.नि. द्वारा 147.90 मीट्रिक टन (5.03प्रतिशत), कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 110.20 मीट्रिक टन्र (19.96प्रतिशत) गेहूं क्रय किया गया।
मुजफ्फरनगर में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 14.49 प्रतिशत गेहूं क्रय किया जा सका है, जबकि सहारनपुर में 28.16 प्रतिशत और शामली में 29.27 प्रतिशत गेहूं क्रय किया गया। जनपद मुजफ्फरनगर में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 14.49 प्रतिशत गेहूं क्रय किये जाने पर नाराजगी जताई गई।
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उन्होंने दैनिक रूप से अत्यधिक कम खरीद करने वाले अथवा शून्य खरीद करने वाले केन्द्र प्रभारियों के साथ निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अत्यधिक कम खरीद करने वाले केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने वर्तमान में नवीन मंडी के प्लेटफार्म पर गेहूं क्रय केन्द्रों में से दो केन्द्रों को किसी अन्य प्लेटफार्म पर स्थानान्तरित किये जाने के अतिरिक्त समस्त जनपदीय अधिकारियों को गेहूं क्रय की क्रय केन्द्रवार समीक्षा किये जाने के निर्देश दिए। साथ ही गेहूं क्रय में रूचि न लेने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने पर जोर दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिये गए की गेहूं विक्रय करने वाले प्रत्येक किसान को 48 घंटों के भीतर भुगतान करा दिया जाए।
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मुजफ्फरनगर। गेहूं खरीद में जनपद लक्ष्य से दूर है। कई केंद्र ऐसे भी हैं, जो शून्य खरीद पर चल रहे हैं। लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की 15 फीसदी खरीद भी नहीं हो पाई। मंडल के शामली और सहारनपुर में इससे कहीं ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। नवीन मंडी स्थल से दो क्रय केन्द्र हटाने के लिए भी कहा गया है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में गेहूं खरीद की व्यवस्था को परखने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र सिंह ने बुधवार को समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 29 अप्रैल तक जनपद में हुई गेहूं खरीद के आंकड़े लिए गए। इसमें पाया गया कि खाद्य विभाग द्वारा 1359 मीट्रिक टन (36.93 प्रतिशत), पीसीएफ द्वारा 1108.64 मीट्रिक टन (10.11प्रतिशत ), पीसीयू द्वारा 968.40 मीट्रिक टन (13.16 प्रतिशत), भा.खा.नि. द्वारा 147.90 मीट्रिक टन (5.03प्रतिशत), कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 110.20 मीट्रिक टन्र (19.96प्रतिशत) गेहूं क्रय किया गया।
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मुजफ्फरनगर में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 14.49 प्रतिशत गेहूं क्रय किया जा सका है, जबकि सहारनपुर में 28.16 प्रतिशत और शामली में 29.27 प्रतिशत गेहूं क्रय किया गया। जनपद मुजफ्फरनगर में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 14.49 प्रतिशत गेहूं क्रय किये जाने पर नाराजगी जताई गई।
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उन्होंने दैनिक रूप से अत्यधिक कम खरीद करने वाले अथवा शून्य खरीद करने वाले केन्द्र प्रभारियों के साथ निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अत्यधिक कम खरीद करने वाले केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने वर्तमान में नवीन मंडी के प्लेटफार्म पर गेहूं क्रय केन्द्रों में से दो केन्द्रों को किसी अन्य प्लेटफार्म पर स्थानान्तरित किये जाने के अतिरिक्त समस्त जनपदीय अधिकारियों को गेहूं क्रय की क्रय केन्द्रवार समीक्षा किये जाने के निर्देश दिए। साथ ही गेहूं क्रय में रूचि न लेने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने पर जोर दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिये गए की गेहूं विक्रय करने वाले प्रत्येक किसान को 48 घंटों के भीतर भुगतान करा दिया जाए।