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ईद उल फितर पर फिर कोरोना का साया
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ईद उल फितर पर फिर कोरोना का साया
मुजफ्फरनगर। मुस्लिमों के प्रमुख पर्व ईद-उल-फितर पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का साया मंडरा गया है। कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रमुख त्योहार की रौनक नदारद हो चुकी है, जिससे बच्चों व बड़ों के चेहरे मुरझाए हैं। वहीं, रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा व जूते-चप्पलों के कारोबारियों की तमाम उम्मीदें भी धराशायी हो गईं हैं।
मुस्लिमों का प्रमुख त्योहार ईद-उल-फितर 14 मई को मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के चलते एक बार फिर ईद की रौनक पूरी तरह से नदारद हो चुकी है। शासन द्वारा लगातार बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर एक बार फिर 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जा चुका है, जिससे ईद का त्योहार भी इसकी भेंट चढ़ना तय माना जा रहा है।
इससे एक ओर जहां मुस्लिम वर्ग के बच्चे व बड़ों के चेहरे मुरझाए हुए हैं, वहीं रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा व जूते-चप्पल से जुड़े कारोबारियों को भी मोटा नुकसान होना स्वाभाविक है। दरअसल, ईद पर मुस्लिम समाज का हर परिवार रेडीमेड गारमेंट व कपड़ों के साथ ही जूते-चप्पल भी खरीदता है।
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पिछले वर्ष कोरोना के चलते ईद की रौनक लॉकडाउन की भेंट चढ़ गई थी, लेकिन कई माह से हालात में सुधार व बाजार सामान्य रूप से खुलने के चलते कारोबारियों ने ईद की खरीदारी के लिए मोटा स्टॉक लगा लिया था। अब फिर से कोरोना कर्फ्यू की जद में आने के कारण ईद की बिक्री होनी संभव नहीं है।
- कपड़ा व्यापारी अय्यूब ने बताया कि इस बार ईद पर काफी अच्छी बिक्री की उम्मीदें थीं, जिसके चलते अच्छा-खासा स्टॉक लगाया था, लेकिन कोरोना कर्फ्यू ने सब कुछ छीन लिया है। इससे रेडीमेड गारमेंट के कारोबार को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
- जूता-चप्पल कारोबारी आलोक गुप्ता के अनुसार, पिछले साल ईद का पर्व लॉकडाउन की भेंट चढ़ गया था, जिससे इस बार काफी उम्मीदें थीं। इसके चलते काफी फ्रेश स्टॉक भी लगाया गया था, लेकिन एक बार फिर कोरोना कर्फ्यू ने सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं।
दुकानें नहीं खुलने से कारोबारियों को नुकसान
पुरकाजी। लगातार बढ़ रहे कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकानें नहीं खुलने से रेडीमेड, कपड़ा और जूता व्यापारी परेशान हैं। बाजार नहीं खुलने से ईद के प्रमुख त्योहार पर भी बिक्री संभव नहीं होगी, जिससे इन कारोबारियों को मोटा नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, ईद पर बाजार नहीं खुलने से मुस्लिम समाज के लोग भी काफी मायूस हैं। व्यापारी मणिकांत गोयल, दीपक कौशिक, सुखपाल, शंकरलाल गोयल, अरुण गर्ग, बिट्टू गोयल, सचिन कुमार और पंकज शर्मा का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के कारण ईद के त्योहार पर होने वाली भारी बिक्री इस बार भी नहीं होने से लाखों का नुकसान होगा।
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मुजफ्फरनगर। मुस्लिमों के प्रमुख पर्व ईद-उल-फितर पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का साया मंडरा गया है। कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रमुख त्योहार की रौनक नदारद हो चुकी है, जिससे बच्चों व बड़ों के चेहरे मुरझाए हैं। वहीं, रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा व जूते-चप्पलों के कारोबारियों की तमाम उम्मीदें भी धराशायी हो गईं हैं।
मुस्लिमों का प्रमुख त्योहार ईद-उल-फितर 14 मई को मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के चलते एक बार फिर ईद की रौनक पूरी तरह से नदारद हो चुकी है। शासन द्वारा लगातार बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर एक बार फिर 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जा चुका है, जिससे ईद का त्योहार भी इसकी भेंट चढ़ना तय माना जा रहा है।
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इससे एक ओर जहां मुस्लिम वर्ग के बच्चे व बड़ों के चेहरे मुरझाए हुए हैं, वहीं रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा व जूते-चप्पल से जुड़े कारोबारियों को भी मोटा नुकसान होना स्वाभाविक है। दरअसल, ईद पर मुस्लिम समाज का हर परिवार रेडीमेड गारमेंट व कपड़ों के साथ ही जूते-चप्पल भी खरीदता है।
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पिछले वर्ष कोरोना के चलते ईद की रौनक लॉकडाउन की भेंट चढ़ गई थी, लेकिन कई माह से हालात में सुधार व बाजार सामान्य रूप से खुलने के चलते कारोबारियों ने ईद की खरीदारी के लिए मोटा स्टॉक लगा लिया था। अब फिर से कोरोना कर्फ्यू की जद में आने के कारण ईद की बिक्री होनी संभव नहीं है।
- कपड़ा व्यापारी अय्यूब ने बताया कि इस बार ईद पर काफी अच्छी बिक्री की उम्मीदें थीं, जिसके चलते अच्छा-खासा स्टॉक लगाया था, लेकिन कोरोना कर्फ्यू ने सब कुछ छीन लिया है। इससे रेडीमेड गारमेंट के कारोबार को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
- जूता-चप्पल कारोबारी आलोक गुप्ता के अनुसार, पिछले साल ईद का पर्व लॉकडाउन की भेंट चढ़ गया था, जिससे इस बार काफी उम्मीदें थीं। इसके चलते काफी फ्रेश स्टॉक भी लगाया गया था, लेकिन एक बार फिर कोरोना कर्फ्यू ने सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं।
दुकानें नहीं खुलने से कारोबारियों को नुकसान
पुरकाजी। लगातार बढ़ रहे कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकानें नहीं खुलने से रेडीमेड, कपड़ा और जूता व्यापारी परेशान हैं। बाजार नहीं खुलने से ईद के प्रमुख त्योहार पर भी बिक्री संभव नहीं होगी, जिससे इन कारोबारियों को मोटा नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, ईद पर बाजार नहीं खुलने से मुस्लिम समाज के लोग भी काफी मायूस हैं। व्यापारी मणिकांत गोयल, दीपक कौशिक, सुखपाल, शंकरलाल गोयल, अरुण गर्ग, बिट्टू गोयल, सचिन कुमार और पंकज शर्मा का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के कारण ईद के त्योहार पर होने वाली भारी बिक्री इस बार भी नहीं होने से लाखों का नुकसान होगा।