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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - 1150 महिलाओं को स्वावलंबी बनाएंगे स्वयं सहायता समूह
Thu, 16 Nov 2023 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:58 PM IST
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- 31 मार्च तक 115 समूह बनाने का लक्ष्य मिला डूडा को
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 115 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1150 महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाएगा। महिलाएं समूह के माध्यम से रोजगार कर आर्थिक रूप से सबल होंगी। समूहों को प्रोत्साहित करने को सरकार प्रत्येक समूह की दस हजार रुपये से आर्थिक मदद करेगी।
दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना में शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना में शहरी क्षेत्र के 115 स्वयं सहायता समूहों की 1150 महिलाओं को जोड़ा जाएगा। एक समूह में दस महिलाओं को रखा जाएगा। ये महिलाएं कोई भी स्वरोजगार कर सकती हैं। आपस में 50 या 100 रुपये प्रति महिला एकत्र कर अपना कार्य शुरू कर सकती हैं।
इन महिलाओं के स्वरोजगार में मदद करने के लिए सरकार प्रत्येक समूह को दस हजार रुपये देगी। समूह लगातार कार्य कर आगे बढ़ता रहे, इसके लिए समूह की महिलाओं को डूडा के अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षित भी करेंगे। 31 मार्च तक समूहों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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समूह गठन के लिए कर रहे जागरूक
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के योजना प्रबंधक सागर मित्तल का कहना है कि हम समूह बनाने के लिए महिलाओं का जागरूक कर रहे हैं। 31 मार्च तक 115 समूहों का लक्ष्य पूरा कर लेंगे। एक समूह में दस महिला जोड़ी जा रही हैं। स्वयं सहायता समूह मैन्यूफेक्चरिंग का कोई भी काम कर सकती हैं। इसमें साज सज्जा का सामान तैयार करना, दोने बनाना, सिलाई-कढ़ाई का कार्य करना, ब्यूटी पार्लर चलाना, मोमबत्ती बनाने आदि के कार्य शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 115 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1150 महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाएगा। महिलाएं समूह के माध्यम से रोजगार कर आर्थिक रूप से सबल होंगी। समूहों को प्रोत्साहित करने को सरकार प्रत्येक समूह की दस हजार रुपये से आर्थिक मदद करेगी।
दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना में शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना में शहरी क्षेत्र के 115 स्वयं सहायता समूहों की 1150 महिलाओं को जोड़ा जाएगा। एक समूह में दस महिलाओं को रखा जाएगा। ये महिलाएं कोई भी स्वरोजगार कर सकती हैं। आपस में 50 या 100 रुपये प्रति महिला एकत्र कर अपना कार्य शुरू कर सकती हैं।
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इन महिलाओं के स्वरोजगार में मदद करने के लिए सरकार प्रत्येक समूह को दस हजार रुपये देगी। समूह लगातार कार्य कर आगे बढ़ता रहे, इसके लिए समूह की महिलाओं को डूडा के अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षित भी करेंगे। 31 मार्च तक समूहों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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समूह गठन के लिए कर रहे जागरूक
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के योजना प्रबंधक सागर मित्तल का कहना है कि हम समूह बनाने के लिए महिलाओं का जागरूक कर रहे हैं। 31 मार्च तक 115 समूहों का लक्ष्य पूरा कर लेंगे। एक समूह में दस महिला जोड़ी जा रही हैं। स्वयं सहायता समूह मैन्यूफेक्चरिंग का कोई भी काम कर सकती हैं। इसमें साज सज्जा का सामान तैयार करना, दोने बनाना, सिलाई-कढ़ाई का कार्य करना, ब्यूटी पार्लर चलाना, मोमबत्ती बनाने आदि के कार्य शामिल हैं।