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खुद की आलोचना करने से होता है पुण्य का उदय : भारत भूषण
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खतौली जैन मंदिर में प्रवचन सुनते श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आचार्य भारत भूषण ने कहा कि स्वयं की मनोभावनाा का चिंतन करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। आत्म चिंतन मनुष्य को उसके पाप और पुण्य कर्म का बोध कराता है। आत्म मूल्यांकन करने वाला व्यक्ति जीवन में गलत कार्य करने से बचता है। खुद की आलोचना करने से पुण्य उदय होता है।
कानूनगोयान स्ट्रीट स्थित भागीरथी मंदिर में आचार्य भारत भूषण और भव्य भूषण विराजमान है। महाराज श्री नैतिक संस्कार शिविर में अमृत रूपी प्रवचनों के माध्यम से ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा कर रहे हैं। संतों ने कहा कि जीवन में शुभ कार्य करों। प्राणी मात्र के हित के लिए समर्पित रहों। जीवन में वाणी का संयम अति आवश्यक है। जीवन में अनुकूल तथा प्रतिकूल स्थिति में क्षमता का भाव धारण करें। जीवन को सफल बनाने के लिए मृत्यु दर्शन भी जरूरी है। जीव अजीव आदि तत्वों को जानकर जो आत्म तत्व का चिंतन मनन करते हैं, वहीं एक दिन परमात्व अवस्था को प्राप्त करते हैं।
शिविर में प्रवीन, रामकुमार, डाॅ. ज्योति जैन, सुशील, संजय, विवेक, प्रीति, हर्ष, अजय, मानसी, अंजू, भावना, ममता, दीक्षा, बबीता, माया, संध्या, संगीता, मनीषा, शिल्पी, निधि, मोनिका, विवेक, आंचल, राजीव, पारस, रेखा, दीपा, रितु, सुदेश, सरिता, सोनिया, नीरज जैन उपस्थित रहे।
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खतौली। आचार्य भारत भूषण ने कहा कि स्वयं की मनोभावनाा का चिंतन करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। आत्म चिंतन मनुष्य को उसके पाप और पुण्य कर्म का बोध कराता है। आत्म मूल्यांकन करने वाला व्यक्ति जीवन में गलत कार्य करने से बचता है। खुद की आलोचना करने से पुण्य उदय होता है।
कानूनगोयान स्ट्रीट स्थित भागीरथी मंदिर में आचार्य भारत भूषण और भव्य भूषण विराजमान है। महाराज श्री नैतिक संस्कार शिविर में अमृत रूपी प्रवचनों के माध्यम से ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा कर रहे हैं। संतों ने कहा कि जीवन में शुभ कार्य करों। प्राणी मात्र के हित के लिए समर्पित रहों। जीवन में वाणी का संयम अति आवश्यक है। जीवन में अनुकूल तथा प्रतिकूल स्थिति में क्षमता का भाव धारण करें। जीवन को सफल बनाने के लिए मृत्यु दर्शन भी जरूरी है। जीव अजीव आदि तत्वों को जानकर जो आत्म तत्व का चिंतन मनन करते हैं, वहीं एक दिन परमात्व अवस्था को प्राप्त करते हैं।
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शिविर में प्रवीन, रामकुमार, डाॅ. ज्योति जैन, सुशील, संजय, विवेक, प्रीति, हर्ष, अजय, मानसी, अंजू, भावना, ममता, दीक्षा, बबीता, माया, संध्या, संगीता, मनीषा, शिल्पी, निधि, मोनिका, विवेक, आंचल, राजीव, पारस, रेखा, दीपा, रितु, सुदेश, सरिता, सोनिया, नीरज जैन उपस्थित रहे।
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