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अखिल के परिजनों की रही कड़ी सुरक्षा, मकान और दुकान पर तैनात रहा फोर्स 

Thu, 26 Apr 2018 12:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 26 Apr 2018 12:26 AM IST
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Security of the family of Akhil
अखिल गुप्ता के घर तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
अखिल गुप्ता के परिजनों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई थी। वैसे तो उसके परिजनों को पहले से ही दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध है, मगर कोर्ट के फैसले के मद्देनजर उन्हें एक और सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराकर आवास पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। कोर्ट द्वारा आसाराम को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने पर शहर में किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। उनके अनुयायी भी शांत रहे। 
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आसाराम के रसोइया रहे शहर निवासी अखिल गुप्ता की तीन वर्ष पहले हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या के बाद से ही पुलिस प्रशासन ने हाई प्रोफाइल इस मामले में उसके परिजनों को सुरक्षा लगातार मुहैया करा रखी है। मंगलवार को उन्हें एक और सुरक्षा कर्मी दिया गया।
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यौन शोषण के मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन से दो दिनों से सक्रिय था। मंगलवार को ही जानसठ रोड के गीता एनक्लेव स्थित अखिल गुप्ता के मकान पर पुलिस बल तैनात कर दिया था। आशंका थी कि कोर्ट के निर्णय के बाद अनुयायी कुछ बवाल कर सकते हैं, मगर ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा भारी पुलिस बल के साथ अखिल के यहां मौजूद रहे। बुधवार को कोर्ट का निर्णय आया, तो सुबह से ही उनके मकान पर फोर्स तैनात कर दी गई।
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अखिल के पिता नरेश गुप्ता शहर में मीनाक्षी चौक स्थित अपनी दूध डेयरी की दुकान पर आए तो दुकान पर भी फोर्स तैनात रही। पुलिस कर्मी उनके साथ ही दुकान पर आए। कोर्ट का निर्णय आने से पहले ही नरेश गुप्ता दुकान बंद कर घर चले गए। मकान पर मीडिया कर्मियों का भी जमावड़ा रहा।

मगर, नरेश गुप्ता ने फैसला आने के बाद ही मिलने की बात कही। कोर्ट का निर्णय आने पर नरेश गुप्ता चंद मिनटों के लिए मीडिया के समक्ष आए। इसके बाद उनका पूरा परिवार घर में ही मौजूद रहा। उधर, इस मामले को लेकर शहर में भी पुलिस बल तैनात रहा। 

आश्रम पर खामोशी रही 
मुजफ्फरनगर। शहर में रुड़की रोड पर आसाराम का आश्रम है, जहां कीर्तन और सत्संग होता है। कोर्ट के फैसले को लेकर माना जा रहा था कि यहां पर अनुयायियों की भीड़  होगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। अनुयायी नहीं पहुंचे, जिस कारण आश्रम पर खामोशी रही। कोर्ट के निर्णय को लेकर बुधवार सुबह शहर कोतवाली पुलिस यहां आश्रम पर तैनात की गई थी, लेकिन आश्रम में कोई अनुयायी नहीं आए तो पुलिस कुछ देर बाद लौट आई थी। 

बेटे को इंसाफ मिलने तक संघर्ष करूंगा
पुलिस सवा तीन साल बाद भी अखिल गुप्ता हत्याकांड में शामिल रहे सभी हत्यारोपियों को तलाश नहीं कर सकी है। मुख्य हत्यारोपी कार्तिक हलदार और नीरज की गिरफ्तारी के अलावा अन्य किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की ढीली विवेचना से अखिल के परिजन आहत हैं।

उनका कहना है कि पुलिस ने अन्य हत्यारोपी को आज तक तलाश नहीं किया और न ही अखिल के मर्डर की विवेचना में आसाराम लिंक तलाश कर उसका नाम केस में शामिल किया। अखिल के पिता नरेश गुप्ता ने कहा कि बेटे अखिल को न्याय दिलवा कर रहूंगा। मैं अंतिम सांस कर हत्यारोपियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर उनका पूरा विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा। 

शहर के जानसठ रोड स्थित गीता एनक्लेव निवासी नरेश गुप्ता का परिवार आसाराम का अनुयायी रहा। पिता की वजह से उनका बेटा अखिल गुप्ता भी आसाराम का शिष्य बन गया था। सेवा से खुश आसाराम ने उसे अपना रसोइया बना कर राजदार भी बनाया। आसाराम के सत्संग में उसकी मुलाकात मध्यप्रदेश की वर्षा से हुई। अखिल और वर्षा ने विवाह का फैसला लिया। आसाराम की सहमति के बाद दोनों ने गृहस्थी बना ली।

वर्ष 2008 में अखिल ने अहमदाबाद आश्रम छोड़ दिया और वापस घर आकर यहां शहर में दूध डेयरी का कारोबार शुरू कर दिया। पांच साल पहले सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया। गुजरात पुलिस ने सच जानने को अखिल गुप्ता पर शिकंजा कसा।

इस केस में अखिल सरकारी गवाह बन गया। 11 जनवरी 2015 की शाम मीनाक्षी चौक के पास स्थित डेयरी बंद कर घर लौट रहे अखिल की मकान के पास जानसठ रोड पर गोली मार कर हत्या कर दी गई। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने तफ्तीश की, मगर कोई सफलता नहीं मिली। बाद में केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया, लेकिन क्राइम ब्रांच भी मर्डर का खुलासा करने में विफल रही।

इसी बीच मार्च 2016 में गुजरात एटीएस और क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से कार्तिक हलदार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कार्तिक ने ही अखिल की हत्या की थी। पूरी योजनाबद्ध तरीके से कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया। कार्तिक हलदार एक महीने तक यहां शहर की आर्यपुरी में एक मकान में रहा और अखिल की पूरी रेकी की और उसकी हत्या कर फरार हो गया। फिलहाल कार्तिक हलदार हरियाणा की करनाल जेल में बंद है।

अखिल हत्याकांड में क्राइम ब्रांच उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, मगर मर्डर की साजिशकर्ता कौन था तथा कौन-कौन इसमें शामिल थे, इसका खुलासा पुलिस अभी तक नहीं कर सकी।  उधर, अखिल के पिता नरेश गुप्ता ने कहा कि बेटे अखिल को न्याय दिलवाऊंगा। मैं अंतिम सांस तक हत्यारोपियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर उनका पूरा विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा। 


ईश्वर में आस्था है 
मुजफ्फरनगर। अखिल के परिजनों ने कहा बेटे को न्याय चाहिए। हमें ईश्वर पर पूरी आस्था और विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा। 

सुरक्षा पर सवाल उठाए 
मुजफ्फरनगर। अखिल के पिता नरेश गुप्ता ने उन्हें मुहैया कराई गई सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। कहा कि परिजनों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। बीच-बीच में पुलिस कर्मी हटा लिए जाते हैं। काफी समय से दो ही सुरक्षा कर्मी मिले थे। अब कई बार अधिकारियों से आग्रह करने पर एक और सुरक्षा कर्मी मिला है। 
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