{"_id":"5dc859688ebc3e5b2475dcf8","slug":"second-day-of-verdict-on-ayodhya-muzaffarnagar-news-mrt452951452","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांति-भाईचारे के बीच गुजरा दूसरा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शांति-भाईचारे के बीच गुजरा दूसरा दिन
विज्ञापन
खालापार में फ्लैग मार्च निकालते अर्द्वसैनिक बल।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शांति-भाईचारे के बीच गुजरा दूसरा दिन
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन की सजगता और आम जनता की समझदारी से अयोध्या विवाद का फैसला आने के बाद दूसरा दिन भी शांति और सौहार्द के साथ गुजरा। धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं की, सभी पर अंकुश रहा। सभी ने सामाजिक सद्भाव में योगदान किया।
जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या विवाद के निर्णय को लेकर जिला प्रशासन काफी तनाव में था। आम जनता की समझदारी और प्रशासन की सजगता से दूसरा दिन भी यहां शांति के माहौल में गुजरा। दूसरे दिन जिंदगी भी पटरी पर लौटती नजर आई। सड़कों और बाजारों में भीड़ रही। दूसरे दिन किसी भी धर्म के सामाजिक और धार्मिक संगठन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। सभी संगठनों ने आपसी भाईचारे का माहौल बनाने में सहयोग दिया। शहर में कुछ धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों में दीये जलाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत जरूर किया, लेकिन ऐसा कोई काम किसी ने नहीं किया जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचती हो। सभी लोगों ने एक-दूसरे की भावना का ख्याल रखा। शहर के शिवचौक, मीनाक्षी चौक, शामली रोड पुलिस चौकी, अहिल्याबाई चौक पर पुलिस की विशेष व्यवस्था रही। ये सब वह स्थान थे, जहां धरने-प्रदर्शन आदि होते रहते हैं। प्रशासन इन स्थानों पूरी तरह सजग दिखाई दिया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन की सजगता और आम जनता की समझदारी से अयोध्या विवाद का फैसला आने के बाद दूसरा दिन भी शांति और सौहार्द के साथ गुजरा। धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं की, सभी पर अंकुश रहा। सभी ने सामाजिक सद्भाव में योगदान किया।
जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या विवाद के निर्णय को लेकर जिला प्रशासन काफी तनाव में था। आम जनता की समझदारी और प्रशासन की सजगता से दूसरा दिन भी यहां शांति के माहौल में गुजरा। दूसरे दिन जिंदगी भी पटरी पर लौटती नजर आई। सड़कों और बाजारों में भीड़ रही। दूसरे दिन किसी भी धर्म के सामाजिक और धार्मिक संगठन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। सभी संगठनों ने आपसी भाईचारे का माहौल बनाने में सहयोग दिया। शहर में कुछ धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों में दीये जलाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत जरूर किया, लेकिन ऐसा कोई काम किसी ने नहीं किया जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचती हो। सभी लोगों ने एक-दूसरे की भावना का ख्याल रखा। शहर के शिवचौक, मीनाक्षी चौक, शामली रोड पुलिस चौकी, अहिल्याबाई चौक पर पुलिस की विशेष व्यवस्था रही। ये सब वह स्थान थे, जहां धरने-प्रदर्शन आदि होते रहते हैं। प्रशासन इन स्थानों पूरी तरह सजग दिखाई दिया।
विज्ञापन