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एक साल में दूसरी बड़ी और कुल पांचवीं फैक्टरी पकड़ी
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पकड़े गए आरोपियों से बरामद अवैध शराब बनाने का सामान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। जनपद में जीरो ड्रग्स अभियान के तहत पिछले एक साल की अवधि में यह दूसरी बड़ी व कुल पांचवीं नकली शराब फैक्टरी पकड़ी गई है। साफ है कि हरियाणा, पंजाब व अरुणाचल प्रदेश से शराब तस्करी के धंधे में लगे माफिया अब खुद की नकली शराब तैयार करने में जुट गए हैं।
एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा करीब सवा साल पूर्व जनपद में जीरो ड्रग्स अभियान शुरू किया गया था। इसके तहत जिले में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर नकली शराब बनाकर सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। इसके बाद जिले में एक-एक कर कुल तीन अन्य नकली शराब की फैक्टरियां पकड़ी गईं, जिनमें से दो शहर क्षेत्र में चलाई जा रहीं थीं। जीरो ड्रग्स अभियान के तहत अब एक बार फिर जनपद पुलिस ने पश्चिमी यूपी में बड़े स्तर पर नकली शराब बनाकर सप्लाई करने के धंधे का भंडाफोड़ किया है। शासन की ओर से अभियान में शामिल पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम को दो लाख रुपये पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
सरकारी ठेके पर पहले भी मिली थी नकली शराब
मुजफ्फरनगर। नकली शराब तैयार कर सेल्समैनों की मिलीभगत से उसे जनपद के कई सरकारी शराब ठेकों पर भी बेचा जा रहा था। इनमें खतौली क्षेत्र के दो और छपार क्षेत्र का एक शराब ठेका शामिल हैं।
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इससे पहले भी मंसूरपुर क्षेत्र के एक सरकारी शराब ठेके पर नकली शराब बेचे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें संबंधित ठेका संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। उक्त मामले में जिला आबकारी विभाग को उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा था, जब जांच में संबंधित ठेका संचालक की मामला प्रकाश में आने से करीब तीन महीने पहले ही मौत होने की पुष्टि हुई थी। अब फिर से सरकारी शराब ठेकों पर नकली शराब बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने पर आबकारी विभाग के अफसरों को जवाब देते नहीं बन पा रहा है।
हर माह होने वाली चेकिंग में भी नहीं खुला मामला
मुजफ्फरनगर। जिला आबकारी विभाग द्वारा हर माह शराब ठेकों पर स्टॉक के साथ ही बार कोड के जरिये शराब की बोतलों की भी जांच की जाती है। इसके बावजूद जिले के तीन शराब ठेकों पर नकली शराब बेचे जाने को विभागीय अफसर पकड़ नहीं पाए, जिससे सरकारी ठेकों पर विभाग की आंखों में धूल झोंककर नकली शराब लगातार बेची जाती रही। अब मामले का खुलासा होने के बाद उक्त तीनों सरकारी ठेकों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा करीब सवा साल पूर्व जनपद में जीरो ड्रग्स अभियान शुरू किया गया था। इसके तहत जिले में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर नकली शराब बनाकर सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। इसके बाद जिले में एक-एक कर कुल तीन अन्य नकली शराब की फैक्टरियां पकड़ी गईं, जिनमें से दो शहर क्षेत्र में चलाई जा रहीं थीं। जीरो ड्रग्स अभियान के तहत अब एक बार फिर जनपद पुलिस ने पश्चिमी यूपी में बड़े स्तर पर नकली शराब बनाकर सप्लाई करने के धंधे का भंडाफोड़ किया है। शासन की ओर से अभियान में शामिल पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम को दो लाख रुपये पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
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सरकारी ठेके पर पहले भी मिली थी नकली शराब
मुजफ्फरनगर। नकली शराब तैयार कर सेल्समैनों की मिलीभगत से उसे जनपद के कई सरकारी शराब ठेकों पर भी बेचा जा रहा था। इनमें खतौली क्षेत्र के दो और छपार क्षेत्र का एक शराब ठेका शामिल हैं।
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इससे पहले भी मंसूरपुर क्षेत्र के एक सरकारी शराब ठेके पर नकली शराब बेचे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें संबंधित ठेका संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। उक्त मामले में जिला आबकारी विभाग को उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा था, जब जांच में संबंधित ठेका संचालक की मामला प्रकाश में आने से करीब तीन महीने पहले ही मौत होने की पुष्टि हुई थी। अब फिर से सरकारी शराब ठेकों पर नकली शराब बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने पर आबकारी विभाग के अफसरों को जवाब देते नहीं बन पा रहा है।
हर माह होने वाली चेकिंग में भी नहीं खुला मामला
मुजफ्फरनगर। जिला आबकारी विभाग द्वारा हर माह शराब ठेकों पर स्टॉक के साथ ही बार कोड के जरिये शराब की बोतलों की भी जांच की जाती है। इसके बावजूद जिले के तीन शराब ठेकों पर नकली शराब बेचे जाने को विभागीय अफसर पकड़ नहीं पाए, जिससे सरकारी ठेकों पर विभाग की आंखों में धूल झोंककर नकली शराब लगातार बेची जाती रही। अब मामले का खुलासा होने के बाद उक्त तीनों सरकारी ठेकों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।