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पड़ोसी राज्यों में हत्यारोपियों को तलाश
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मोरना पुलिस चौकी में पुलिस स्टाफ को दिशा निर्देश देते भोपा सीओ सोमेंद्र नेगी।
- फोटो : KHATAULI
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की हत्या के दस दिन बाद भी पुलिस तमाम प्रयासों के बावजूद उसके हत्यारोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है। जिले के आसपास क्षेत्रों के साथ ही अब पुलिस पड़ोसी राज्यों में भी हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।
दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की गत 17 सितंबर की देर रात की गई दुस्साहसिक हत्या के बाद से कस्बे में दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार के कस्बे से पलायन किए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन पर भी हत्यारोपियों को पकड़ने का दबाव है, लेकिन फिलहाल हत्यारोपी पुलिस की हर चाल पर भारी पड़ रहे हैं। पुलिस की दस से अधिक टीमें लगातार ड्रोन कैमरे के साथ क्षेत्र के जंगलों में हत्यारोपियों की तलाश कर रही हैं, लेकिन नतीजा फिलहाल सिफर ही है। सूत्रों के अनुसार, हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस अब उनकी तलाश के लिए अन्य राज्यों उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली में भी नजरें गड़ा रही है।
उधर, दवा विक्रेता की हत्या होने के बाद से कस्बे में छाया दहशत का माहौल दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। कस्बे के व्यापारियों में उपजी असुरक्षा की भावना खत्म नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अब भी कस्बे में व्यापारी वर्ग शाम होते ही प्रतिष्ठान बंद करने की तैयारी में जुट जाता है। कस्बे के साथ ही क्षेत्र में बनाए गए चेक प्वाइंट्स पर दो शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन अब तक हत्यारोपियों का कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया है।
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दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की गत 17 सितंबर की देर रात की गई दुस्साहसिक हत्या के बाद से कस्बे में दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार के कस्बे से पलायन किए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन पर भी हत्यारोपियों को पकड़ने का दबाव है, लेकिन फिलहाल हत्यारोपी पुलिस की हर चाल पर भारी पड़ रहे हैं। पुलिस की दस से अधिक टीमें लगातार ड्रोन कैमरे के साथ क्षेत्र के जंगलों में हत्यारोपियों की तलाश कर रही हैं, लेकिन नतीजा फिलहाल सिफर ही है। सूत्रों के अनुसार, हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस अब उनकी तलाश के लिए अन्य राज्यों उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली में भी नजरें गड़ा रही है।
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उधर, दवा विक्रेता की हत्या होने के बाद से कस्बे में छाया दहशत का माहौल दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। कस्बे के व्यापारियों में उपजी असुरक्षा की भावना खत्म नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अब भी कस्बे में व्यापारी वर्ग शाम होते ही प्रतिष्ठान बंद करने की तैयारी में जुट जाता है। कस्बे के साथ ही क्षेत्र में बनाए गए चेक प्वाइंट्स पर दो शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन अब तक हत्यारोपियों का कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया है।
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