फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Scorpio bought by taking loan in the name of laborer

मजदूर के नाम पर लोन लेकर खरीद ली स्कॉर्पियो

Thu, 09 Dec 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
Scorpio bought by taking loan in the name of laborer
ठगी का शिकार युवक मुले राजा। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मजदूर के नाम पर लोन लेकर खरीद ली स्कॉर्पियो
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर मजदूर के नाम पर शातिरों ने लोन पर स्कॉर्पियो कार खरीद ली। पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बैंक ने धोखाधड़ी के मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का कहना है कि उसने कभी कोई वाहन नहीं खरीदा। शातिरों ने उसके प्रमाणपत्रों का प्रयोग किया है। फोटो किसी अन्य व्यक्ति के लगाए गए हैं।
बामनहेड़ी निवासी मूलेराज ने बताया कि वह मजदूरी कर घर का गुजारा करता है। 26 नवंबर को इनकम टैक्स रिटर्न भरवाने के लिए एक अधिवक्ता के पास गया था। अधिवक्ता ने प्रमाणपत्रों की जांच की तो पता चला कि उसके नाम पर लोन लेकर स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी गई है। जबकि उसने कोई वाहन नहीं खरीदा है। उसके नाम पर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर स्कॉर्पियो कार खरीदी गई है। पीड़ित ने पुलिस और परिवहन विभाग को जानकारी दी। पीड़ित का कहना है कि सिविल लाइन पुलिस ने उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
विज्ञापन

फर्जी आईडी से लोन पर निकाली गई थी 70 लाख की लग्जरी गाड़ियां
मुजफ्फरनगर। फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 1.19 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड और 17 लाख 50 हजार रुपये का ऑटो लोन पास कराने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने पिछले महीने पकड़ा था। आरोपियों के कब्जे से चार लग्जरी गाड़ी बरामद हुईं, जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये थी। जिसमें शहर के रामपुरी निवासी अंकुश त्यागी, एकता विहार निवासी आलोक त्यागी, नई मंडी निवासी संदीप कुमार और गांधीनगर निवासी सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी प्रमाणपत्रों से लोन पर ली गई 15 गाडिय़ां
यह गैंग फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड व फर्जी फोटो बनाकर बैंक में कागज जमा कर लोन पास कराकर नई गाड़ी कंपनी से खरीद लेते हैं। ये लोग अब तक करीब 15 गाड़ियों का फर्जी फाइनेंस करा चुका है। एक गाड़ी को खरीदने के लिये गाड़ी की कीमत का 20 प्रतिशत बैंक में जमा कराते हैं, जिसमें फर्जी पता होने के कारण बैंक उसे ट्रैस नहीं कर पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed