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निजामपुर गांव में विद्यालय समय से खुला
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4-नया गांव निजामपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाती शिक्षिकाएं।
- फोटो : KHATAULI
निजामपुर गांव में विद्यालय समय से खुला
मोरना। नया गांव निजामपुर में बंद पड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंगलवार को समय से खोला गया। स्कूल में आए बच्चों ने क्लास के दौरान पढ़ाई की। शिक्षिकाओं ने सफाई कर्मचारी पर स्कूल की सफाई न करने का आरोप लगाते हुए परिजनों से बच्चों को समय से स्कूल भेजने की अपील की।
ककरौली क्षेत्र के नया गांव निजामपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोमवार को बंद होने पर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सागरपति त्रिपाठी ने स्कूल बंद पाए जाने पर दोनों शिक्षिकाओं का वेतन काट कर विभागीय कार्रवाई कराए जाने की बात कही थी। मंगलवार को स्कूल की शिक्षिका पुष्पा व रिनेश ने समय से गांव पहुंचकर स्कूल को खोलकर पढ़ाई शुरू कराई। स्कूल की कक्षा में करीब 15 बच्चे ही दिखाई दिए। शिक्षिकाओं ने बताया कि गांव की राजनीति के कारण सफाई कर्मी स्कूल के परिसर की सफाई करने नहीं आता है। कई बार ग्रामीणों से इस बाबत बातचीत कर स्कूल में जमी घास फूंस को साफ कराए जाने का आग्रह किया गया था। उधर, ग्रामीण मनोज कुमार, हरविंद्र पोशवाल, ब्रहमसिंह, जतिन, महकार सिंह, राजपाल प्रधान, सतीश कुमार, अमित, सोनू, विनय, सोहनवीर, हाशिम, शौकीन, विरेंद्र, बबलू आदि ने स्कूल बंद होने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित किए जाने पर शिक्षिकाओं द्वारा समय से स्कूल खोले जाने से गांव के लोग गदगद नजर आए।
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मोरना। नया गांव निजामपुर में बंद पड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंगलवार को समय से खोला गया। स्कूल में आए बच्चों ने क्लास के दौरान पढ़ाई की। शिक्षिकाओं ने सफाई कर्मचारी पर स्कूल की सफाई न करने का आरोप लगाते हुए परिजनों से बच्चों को समय से स्कूल भेजने की अपील की।
ककरौली क्षेत्र के नया गांव निजामपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोमवार को बंद होने पर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सागरपति त्रिपाठी ने स्कूल बंद पाए जाने पर दोनों शिक्षिकाओं का वेतन काट कर विभागीय कार्रवाई कराए जाने की बात कही थी। मंगलवार को स्कूल की शिक्षिका पुष्पा व रिनेश ने समय से गांव पहुंचकर स्कूल को खोलकर पढ़ाई शुरू कराई। स्कूल की कक्षा में करीब 15 बच्चे ही दिखाई दिए। शिक्षिकाओं ने बताया कि गांव की राजनीति के कारण सफाई कर्मी स्कूल के परिसर की सफाई करने नहीं आता है। कई बार ग्रामीणों से इस बाबत बातचीत कर स्कूल में जमी घास फूंस को साफ कराए जाने का आग्रह किया गया था। उधर, ग्रामीण मनोज कुमार, हरविंद्र पोशवाल, ब्रहमसिंह, जतिन, महकार सिंह, राजपाल प्रधान, सतीश कुमार, अमित, सोनू, विनय, सोहनवीर, हाशिम, शौकीन, विरेंद्र, बबलू आदि ने स्कूल बंद होने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित किए जाने पर शिक्षिकाओं द्वारा समय से स्कूल खोले जाने से गांव के लोग गदगद नजर आए।
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