फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   School is not ready to open

विद्यालय खुलने के आसार नहीं, मेन गेट पर ताला लटका

Mon, 24 Jul 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Mon, 24 Jul 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
School is not ready to open
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाला गांव तिगाई का कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के अब खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। विद्यालय के मेन गेट पर भी ताला डाल दिया गया है। रविवार को भी विद्यालय में एक भी बालिका शिक्षा ग्रहण करने के लिए नहीं पहुंची। उधर, अभिभावकों ने अपनी बालिकाओं को विद्यालय भेजने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।
विज्ञापन


विद्यालय के स्टॉफ की संविदा समाप्त करने तथा स्टॉफ को पुलिस बल के साथ बाहर निकालने को लेकर शुक्रवार को अभिभावकों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया था। इस घटना से नाराज अभिभावक अपनी सभी बालिकाओं को विद्यालय से घर लेकर चल दिए थे। इस दौरान विद्यालय में मौजूद एसडीएम कन्हई सिंह व बीएसए चंद्रकेश यादव भी बालिकाओं को विद्यालय छोड़कर जाने से रोकने में विफल हो गए थे।
विज्ञापन


बालिकाओं के जाने के बाद शुक्रवार की शाम को विद्यालय से नया स्टाफ भी चला गया था। इसलिए विद्यालय में ताले डाल दिए गए थे। शनिवार को मेन गेट पर ताला नहीं लगा था, रविवार को मेन गेट पर भी ताला डाल दिया गया है। रविवार को भी विद्यालय में एक भी बालिका शिक्षा ग्रहण करने नहीं पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिभावक सुरेंद्र, विनोद, नरेश आदि का कहना है कि उनको नए स्टाफ पर भरोसा नहीं है। यदि संविदा समाप्त स्टाफ को वापस बहाल करके बुलाया जाता है तो वे अपनी बालिकाओं को वापस लेकर विद्यालय आ सकते हैं। इस तरह से इस शिक्षा के मंदिर के खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

बालिकाओं को वापस बुलाना चुनौती बनी
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासी विद्यालय हमेशा किसी न किसी विवाद को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहा है। एक बार इस विद्यालय से एक शिक्षिका दीवार कूदकर गायब हो गई थी। उस वक्त भी यह विद्यालय सुर्खियों में रहा था। 29 मार्च को बर्खास्त वार्डन द्वारा बालिकाओं के कपड़े उतारने की घटना लखनऊ तक गूंज गई थी।

इसके बाद मजिस्ट्रीयल जांच में बालिकाओं के कपड़े उतरवाने की घटना में समस्त स्टाफ को दोषी मानते हुए डीएम ने स्टाफ की संविदा समाप्त कर दी। इस मामले को लेकर भी पिछले तीन दिनों से विद्यालय चर्चा में है। विद्यालय की समस्त बालिकाओं को उनके अभिभावक सामान समेत वापस अपने घर ले गए थे। शिक्षा विभाग ने अभी तक बालिकाओं को वापस बुलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए बालिकाओं को वापस बुलाना अब चुनौती से कम नहीं है।


अफसर नहीं उठाते फोन
इस घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए मीडिया  शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों से फोन पर बात करना चाहती है, लेकिन फोन की घंटियां घनघनाने के बावजूद अधिकारी मीडिया का फोन नहीं उठाते हैं। इससे साफ जाहिर है कि अधिकारी भी अब मीडिया से बातचीत करने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed