{"_id":"61b8e4cfcd2f24437821551d","slug":"saudi-arabia-s-ministry-s-statement-a-matter-of-concern-madani-devband-news-mrt569076880","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरब के मंत्रालय का बयान चिंता का विषय : मदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवबंद (सहारनपुर)। तब्लीगी जमात के खिलाफ सऊदी अरब के इस्लामी व धार्मिक मामलों के मंत्रालय के बयान को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सऊद मोहम्मद बिन साती से मुलाकात की। इस दौरान मौलाना मदनी ने कहा कि तब्लीगी जमात के सिलसिले में धार्मिक मामलों के मंत्रालय का बयान पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए बहुत ही चिंता का विषय बन गया है।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद दिल्ली के प्रेस सचिव फजलुर्रहमान कासमी ने बताया कि मंगलवार को मौलाना अरशद मदनी ने सऊदी राजदूत सऊद मोहम्मद बिन साती से मुलाक़ात के दौरान कहा कि तब्लीगी जमात देवबंदी विचारधारा की जमात है। इसलिए जमात पर सऊदी की ओर से दिया गया बयान व लगाए गए इल्जाम दारुल उलूम और जमीयत उलमा-ए-हिंद के लिए भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब सरकार अपने देश के अंदर जमात के बारे में क्या विचार रखती है इसमें कोई बहस नहीं है और न हमने कभी इस सिलसिले में कोई बात की है, लेकिन धार्मिक मामलों के मंत्रालय की ओर से तब्लीगी जमात पर जिस तरह के इल्जाम लगाए गए हैं। यह सिर्फ जमात के लिए ही नहीं बल्कि तमाम मुसलमानों और ख़ास तौर पर दीन और मजहब से जुड़े लोगों के लिए तकलीफ की बात है। फजलुर्रहमान ने बताया कि इस मामले में मौलाना अरशद मदनी ने सऊदी के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के नाम एक पत्र भी राजदूत को सौंपा है। पत्र में जमात को लेकर दिए बयान के नतीजे में क्या मुश्किलें और ख़राब नतीजे दीन से जुड़े मुसलमानों को पहुंच सकते हैं, इनसे अवगत कराया गया है।
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