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सहंसरपाल हत्याकांड में सतेंद्र को आजीवन कारावास की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:29 PM IST
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अदालत का फैसला
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जनपद शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में आठ साल पहले हुई लक्ष्मणपुरा के किसान सहंसरपाल की हत्या में कोर्ट ने मुल्जिम सतेंद्र उर्फ काला को आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। एडीजे-6 अंबर रावत की अदालत में बुधवार को सजा सुनाई। वर्ष 2009 में जमीनी विवाद के चलते किसान की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मणपुरा निवासी सहंसरपाल उर्फ काला 15 मई 2009 को गांव शिवनगर में किसान शिवकुमार के यहां ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने गया था। अगले रोज लक्ष्मणपुरा के जंगल में उसकी लाश पड़ी मिली थी। उसकी गोली मार कर हत्या की गई थी। मृतक के भाई वीरेंद्र कुमार ने झिंझाना थाने पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान गांव के ही सतेंद्र उर्फ जिला पुत्र ब्रजपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस ने चार्जशीट में बताया था कि मृतक ने विरोध के बावजूद सतेंद्र के भाई की जमीन खरीदी थी, इसी रंजिश में उसने सहंसरपाल की हत्या की। यह मुकदमा एडीजे-6 अम्बर रावत की कोर्ट में चला। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कय्यूम अली और शलभ कुमार गुप्ता ने अदालत में 10 गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुल्जिम सतेंद्र उर्फ काला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सतेंद्र काफी समय से जमानत पर जेल से बाहर था, कोर्ट में सजा सुनाए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मणपुरा निवासी सहंसरपाल उर्फ काला 15 मई 2009 को गांव शिवनगर में किसान शिवकुमार के यहां ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने गया था। अगले रोज लक्ष्मणपुरा के जंगल में उसकी लाश पड़ी मिली थी। उसकी गोली मार कर हत्या की गई थी। मृतक के भाई वीरेंद्र कुमार ने झिंझाना थाने पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान गांव के ही सतेंद्र उर्फ जिला पुत्र ब्रजपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस ने चार्जशीट में बताया था कि मृतक ने विरोध के बावजूद सतेंद्र के भाई की जमीन खरीदी थी, इसी रंजिश में उसने सहंसरपाल की हत्या की। यह मुकदमा एडीजे-6 अम्बर रावत की कोर्ट में चला। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कय्यूम अली और शलभ कुमार गुप्ता ने अदालत में 10 गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुल्जिम सतेंद्र उर्फ काला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सतेंद्र काफी समय से जमानत पर जेल से बाहर था, कोर्ट में सजा सुनाए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया।
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