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Muzaffarnagar News: पालिका में खरीदी जा रही एलईडी लाइटों का सैंपल फेल

Sat, 16 Nov 2024 12:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 12:37 AM IST
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Samples of LED lights being purchased in the municipality fail
मुजफ्फरनगर। भाजपा सभासद की शिकायत पर कराई जा रही जांच के दौरान लोक निर्माण विभाग लखनऊ की लैब में पालिका की ओर से खरीदी जा रही एलईडी लाइटों का सैंपल फेल हो गया। नगर पालिका ने पथ प्रकाश के लिए 45-50 वॉट की एलईडी लाइट खरीदने का टेंडर स्वीकृत किया था, लेकिन शर्त पूरा करने के लिए ठेकेदार फर्म की ओर से किया गया गोलमाल जांच में खुल गया। एलईडी लाइट को 132.50 ल्यूमिनर प्रति वॉट बताकर ठेकेदार फर्म आपूर्ति के आदेश का इंतजार कर रही थी। उसकी ल्यूमिनर क्षमता जांच में मात्र 122.93 प्रति वॉट पाई गई।
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पालिका ने दीवाली पर शहर के 55 वार्डों में एलईडी लाइट लगाने के लिए 1.74 करोड़ रुपये का बजट बनाकर 45-50 वॉट की तीन हजार एलईडी लाइट खरीदने को टेंडर आमंत्रित किए थे। इसमें पालिका ने शर्त लगाई थी कि 130 ल्यूमिनर प्रति वॉट की विशेषता वाली एलईडी लाइट की ही आपूर्ति स्वीकार्य होगी। जिसके बाद आरके एंटरप्राइजेज थानाभवन शामली ने हेलोनिक्स मेक और उर्वशी एंटरप्राइजेज आगरा, निर्मल एसोसिएशन गाजियाबाद और एसएस एंटरप्राइजेज नई मंडी मुजफ्फरनगर ने सूर्या मेक के सैंपल दिए थे।
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पालिका पथ प्रकाश की ओर से इन चारों सैम्पल में से सूर्या मेक और हेलोनिक्स मेक के एक-एक सैम्पल लाइट की ल्यूमिनर क्षमता की परख कराने के लिए प्राइवेट स्तर पर अल्फा टेस्ट हाउस पीरागढ़ी, नई दिल्ली से जांच कराई गई। पालिका को जांच रिपोर्ट मिली, जिसमें जांचकर्ता कंपनी ने दावा किया था कि सूर्या मेक की 45 वॉट एलईडी लाइट का ल्यूमिनर 132.50 प्रति वॉट और हेलोनिक्स मेक लाइट का ल्यूमिनर 127.8 प्रति वॉट पाया गया। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर सूर्या मेक लाइट की आपूर्ति देने वाली तीन फर्मों की निविदा को रेस्पोन्सिव पाए जाने पर ईओ के समक्ष इनकी वित्तीय निविदा को खोला गया।
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इसमें विभागीय एसएस एंटरप्राइजेज नई मंडी की ओर से एस्टीमेट से 41.87 प्रतिशत बिलो पर निविदा दिए जाने के कारण उसको स्वीकृत किया गया। ठेकेदार फर्म की ओर से प्रति लाइट 3400 रुपये की दर से 1.2 करोड़ रुपये में 45 वॉट की तीन हजार एलईडी सूर्या मेक लाइट आपूर्ति करने की तैयारी भी शुरू कर दी।

भाजपा नेता और सभासद देवेश कौशिक ने सूर्या मेक लाइट की ल्यूमिनर क्षमता कम बताने के साथ ही, इसमें अन्य अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायत कर जांच की मांग की। लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिक खंड लखनऊ से जांच कराई गई तो उसमें सैंपल फेल आया। ईओ डा. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि उन्होंने जांच रिपोर्ट पर पथ प्रकाश विभाग की आख्या मांगी है। उसके बाद आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उधर शिकायतकर्ता सभासद देवेश कौशिक का कहना है कि वह अब पथ प्रकाश विभाग की ओर से जितनी भी लाइट खरीदी गईं। उनकी भी जांच करवाएंगे।
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