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Muzaffarnagar News: ढूंढे नहीं मिल रही रोडवेज बस...पुलिस हुई बेबस

Wed, 09 Sep 2026 01:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:05 AM IST
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Roadways bus is not found despite search...police is helpless
मुजफ्फरनगर। मिनटों और घंटों में अपराधियों को ढूंढने का दावा करने वाली पुलिस अभी तक मुजफ्फरनगर दंगे के विवादित पोस्टर लगाने वाले आरोपियों की तलाश नहीं कर पाई है। सीसीटीवी में दो संदिग्ध फ्लेक्स ले जाते दिखाई दिए, लेकिन इसके बाद वह गायब हो गए। पश्चिम यूपी के अलग-अलग शहरों में एक ही तरह के फ्लेक्स लगाए लाने के कारण गिरोह के शामिल होने की संभावना है। शुरुआती जांच में पुलिस मान रही है कि आरोपी रोडवेज जैसी दिख रही बस में सवार होकर आए थे। डिपो के अधिकारियों ने अपनी बस होने से इन्कार कर दिया है।
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सोमवार सुबह एसएसपी आवास के पास दंगे के विवादित फ्लेक्स लगाए गए थे। अब पुलिस की दो टीम आरोपियों की तलाश में लगी हैं। अभी कोई सुराग नहीं लग सका है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा का कहना था कि फ्लेक्स चस्पा करने वाले रोडवेज बस में बैठकर आए थे और रोडवेज बस में ही बैठकर वापस चले गए। इसके चलते पुलिस ने रोडवेज बस की भी तलाश शुरू की है। पुलिस को सीसीटीवी में बस तो खड़ी दिखाई दी लेकिन उसका नंबर दिखाई नहीं रहा है। पुलिस का मानना है कि रात में लंबी दूरी वाली दूसरे डिपो की बस आई और चली गई। आरोपी भी कहीं दूर-दराज के रहने वाले हो सकते हैं। पुलिस को सीसीटीवी में दो लोग कंधे पर फ्लेक्स लेकर जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की है। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि इस मामले में पुलिस की दो टीम कार्रवाई में लगी हैं।
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एआरएम प्रभात कुमार सिन्हा ने कहा कि रात साढ़े 11 बजे तक ही डिपो की बसें वापस आ जाती हैं। पुलिस को जिस रोडवेज की तलाश है, वह मुजफ्फरनगर डिपो की नहीं है।
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यह था मामला
सात सितंबर को सांप्रदायिक दंगे की बरसी पर शरारती तत्वों ने रोडवेज बस अड्डे व एसएसपी कार्यालय के पास विवादित फ्लेक्स लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया था। पोस्टर पर लिखा था कि न भूले थे, न भूले हैं न भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा। सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी।
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इनसेट
इन पुलिसकर्मियों की लापरवाही आई सामने
सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा पंकज कुमार के अलावा सिपाही महेंद्र, विवेक, विशाल की रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक शांति व्यवस्था, रात में पिकेट गश्त थी। पुलिसकर्मियों की प्रकाश चौक, रोडवेज बस अड्डे व रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ड्यूटी थी। इसी बीच रात में एसएसपी आवास के पास विवादित पोस्टर लगा दिए गए। पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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आरोपियों को छोड़े जाने के कारण हुआ दंगा : कपिल देव
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कवाल कांड के आरोपियों को सपा सरकार के इशारे पर छोड़े जाने के कारण दंगा हुआ था। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का मौके पर ही तबादला कर दिया गया। फ्लेक्स किसने लगाए, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। भाजपा सरकार में कानून का राज है।
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