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हड़ताल से आमजन बेहाल
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 03 Sep 2015 12:13 AM IST
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मुजफ्फरनगर। देशभर की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर बुधवार को हुई हड़ताल से नागरिक बेहाल रहे। रोडवेज समेत सभी यात्री वाहनों का चक्का जाम रहने से लोग दिनभर परेशान रहे।
बसें नहीं चलने से ट्रेनों में यात्रियों की मारामारी रही। डग्गामार वाहन भी हड़ताल में शामिल रहे। लोगों ने अपने निजी वाहनों से ही यात्रा की। बसें नहीं मिलने से यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए भटकते रहे।
उधर, बैंकों में भी कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
केंद्र के सेफ्टी बिल 2014 के विरोध में रोडवेज का मंगलवार मध्य रात्रि में ही चक्का जाम शुरू हो गया था। रोडवेज के चक्का जाम में सभी ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट बस यूनियनों ने पूर्ण समर्थन दिया।
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जिस कारण बुधवार को कोई भी यात्री वाहन नहीं चला। रोजमर्रा की तरह यात्री गंतव्य को जाने के लिए घरों से निकले, लेकिन वाहनों के नहीं मिलने से घंटों इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल का पता चला तो ट्रेनों पर भार बढ़ गया। सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही।
देहात में लोगों ने निजी वाहनों से यात्रा की। ई-रिक्शाओं से भी राहगीरों से यात्री की। मुजफ्फरनगर डिपो पर बसें कार्यशाला से बाहर नहीं निकली। यहां पर यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे। हड़ताल के चलते बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी भीषण गर्मी में बेहाल हो गए। हाईवे और देहात के मार्गों पर चलने वाले डग्गामार वाहन भी हड़ताल में नहीं चलने से यात्रियों को काफी परेशानियों से रूबरू होना पड़ा। काफी लोगों ने अपनी यात्री स्थगित करना बेहतर समझा।
शाम चार बजे चली बसें
मुजफ्फरनगर। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज इंपलाइज यूनियन पदाधिकारियों ने बसें चलाने का निर्णय लिया। शाम चार बजे मुजफ्फरनगर डिपो से बसों का संचालन शुरू हुआ, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
डिपो पर धरना प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। चक्का जाम के दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिल को काले कानून की संज्ञा देते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।
धरने में राजकुमार तोमर, सुशील कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजेश कुमार, रामबाबू, रुपचंद, विनोद मलिक, कृष्णपाल, ब्रजपाल, अजय कुमार, रमेश कुमार, फरमूद अली, राहुल, हरेंद्र, बॉबी, सुधीर यादव, राकेश, आदित्य, संदीप आदि शामिल रहे।
दवा प्रतिनिधियों ने जुलूस निकाला
मुजफ्फरनगर। दवा प्रतिनिधियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। कार्यालय पर बैठक कर श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने, काम के आठ घंटे का निर्धारण करने आदि मांग की गई।
बाद में नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शशि भूषण त्यागी, रवि, अजय, निशांत त्यागी, सचिन, अरशद, विनय, अनुज भारती, मयंक, पंकज, योगेंद्र, संजय, विश्वदीप, दीपक, अनुज शर्मा आदि शामिल रहे।
श्रमिक भी हड़ताल पर रहे, प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। देशव्यापी हड़ताल में श्रमिक भी शामिल रहे। जिससे यहां की औद्योगिक इकाईयों काम काम ठप रहा तथा उत्पादन प्रभावित हुआ। सुबह की शिफ्ट में श्रमिकों ने काम नहीं किया।
इंटक के बैनर तले इंस्ट्रीयल एरिया में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया। प्रांतीय मंत्री रामचंद्र, सुभाष उपाध्याय आदि ने श्रमिकों को हड़ताल के कारण की जानकारी दी।
बैंकों में काम ठप कर धरना प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। हड़ताल के चलते बैंकों में काम काज ठप रहा। बैंकिंग कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी हुई। करोड़ों रुपयों की क्लीयरिंग नहीं हो सकी। बैंक कर्मचारियों ने जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने सरकार की श्रमिक विरोधी और कारपोरेट क्षेत्र हितार्थ नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूपी बैंक एंपलाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा, मंत्री अशेाक शर्मा ने कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। प्रदर्शन में बीके सूर्यवंशी, एमसी भार्गव, रविंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, संजीव कुमार, राजीव जैन,
दीन मोहम्मद, अनिल गोयल, सत्यनारायण गोयल, यशवीर सिंह, राकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, लक्ष्मण सिंह, अशोक शर्मा, जयेंद्र कुमार, लवलेश, आरके मिश्रा, राजवीर सिंह, अनुज माहेश्वरी, अनुभव चौधरी, वीके तिवारी, नेपाल सिंह, नीरज जैन, अरविंद गुप्ता आदि शामिल रहे।
महिलाओं ने यूनियन लीडर की धुनाई की
मुजफ्फरनगर। हड़ताल से परेशान महिलाओं ने एक यूनियन के लीडर की जमकर धुनाई की। बाद में पुलिसकर्मी लीडर को अपने साथ थाने ले गए। हड़ताल के कारण कुछ महिलाएं एक टेंपो में सवार होकर जा रही थी।
महावीर चौक पर एक यूनियन के लीडर ने टेंपो रुकवा लिया। लीडर ने कहा कि हड़ताल है, टेंपो नहीं चलेगा। महिलाओं ने आगे जाने का आग्रह किया, मगर लीडर नहीं माना। जिस पर लीडर की महिलाओं से कहासुनी हो गई। इसी दौरान महिलाओं ने लीडर को घेर लिया और चप्पलों से उसकी धुनाई करना शुरू कर दिया।
जिससे वहां पर अफरातफरी मच गई। भीड़ एकत्र हो गई। मामले की जानकारी पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लीडर को मुक्त कराया और महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत किया। मामला बढ़ता देखकर पुलिस लीडर को अपने साथ ले गई।
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बसें नहीं चलने से ट्रेनों में यात्रियों की मारामारी रही। डग्गामार वाहन भी हड़ताल में शामिल रहे। लोगों ने अपने निजी वाहनों से ही यात्रा की। बसें नहीं मिलने से यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए भटकते रहे।
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उधर, बैंकों में भी कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
केंद्र के सेफ्टी बिल 2014 के विरोध में रोडवेज का मंगलवार मध्य रात्रि में ही चक्का जाम शुरू हो गया था। रोडवेज के चक्का जाम में सभी ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट बस यूनियनों ने पूर्ण समर्थन दिया।
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जिस कारण बुधवार को कोई भी यात्री वाहन नहीं चला। रोजमर्रा की तरह यात्री गंतव्य को जाने के लिए घरों से निकले, लेकिन वाहनों के नहीं मिलने से घंटों इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल का पता चला तो ट्रेनों पर भार बढ़ गया। सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही।
देहात में लोगों ने निजी वाहनों से यात्रा की। ई-रिक्शाओं से भी राहगीरों से यात्री की। मुजफ्फरनगर डिपो पर बसें कार्यशाला से बाहर नहीं निकली। यहां पर यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे। हड़ताल के चलते बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी भीषण गर्मी में बेहाल हो गए। हाईवे और देहात के मार्गों पर चलने वाले डग्गामार वाहन भी हड़ताल में नहीं चलने से यात्रियों को काफी परेशानियों से रूबरू होना पड़ा। काफी लोगों ने अपनी यात्री स्थगित करना बेहतर समझा।
शाम चार बजे चली बसें
मुजफ्फरनगर। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज इंपलाइज यूनियन पदाधिकारियों ने बसें चलाने का निर्णय लिया। शाम चार बजे मुजफ्फरनगर डिपो से बसों का संचालन शुरू हुआ, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
डिपो पर धरना प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। चक्का जाम के दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिल को काले कानून की संज्ञा देते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।
धरने में राजकुमार तोमर, सुशील कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजेश कुमार, रामबाबू, रुपचंद, विनोद मलिक, कृष्णपाल, ब्रजपाल, अजय कुमार, रमेश कुमार, फरमूद अली, राहुल, हरेंद्र, बॉबी, सुधीर यादव, राकेश, आदित्य, संदीप आदि शामिल रहे।
दवा प्रतिनिधियों ने जुलूस निकाला
मुजफ्फरनगर। दवा प्रतिनिधियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। कार्यालय पर बैठक कर श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने, काम के आठ घंटे का निर्धारण करने आदि मांग की गई।
बाद में नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शशि भूषण त्यागी, रवि, अजय, निशांत त्यागी, सचिन, अरशद, विनय, अनुज भारती, मयंक, पंकज, योगेंद्र, संजय, विश्वदीप, दीपक, अनुज शर्मा आदि शामिल रहे।
श्रमिक भी हड़ताल पर रहे, प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। देशव्यापी हड़ताल में श्रमिक भी शामिल रहे। जिससे यहां की औद्योगिक इकाईयों काम काम ठप रहा तथा उत्पादन प्रभावित हुआ। सुबह की शिफ्ट में श्रमिकों ने काम नहीं किया।
इंटक के बैनर तले इंस्ट्रीयल एरिया में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया। प्रांतीय मंत्री रामचंद्र, सुभाष उपाध्याय आदि ने श्रमिकों को हड़ताल के कारण की जानकारी दी।
बैंकों में काम ठप कर धरना प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। हड़ताल के चलते बैंकों में काम काज ठप रहा। बैंकिंग कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी हुई। करोड़ों रुपयों की क्लीयरिंग नहीं हो सकी। बैंक कर्मचारियों ने जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने सरकार की श्रमिक विरोधी और कारपोरेट क्षेत्र हितार्थ नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूपी बैंक एंपलाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा, मंत्री अशेाक शर्मा ने कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। प्रदर्शन में बीके सूर्यवंशी, एमसी भार्गव, रविंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, संजीव कुमार, राजीव जैन,
दीन मोहम्मद, अनिल गोयल, सत्यनारायण गोयल, यशवीर सिंह, राकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, लक्ष्मण सिंह, अशोक शर्मा, जयेंद्र कुमार, लवलेश, आरके मिश्रा, राजवीर सिंह, अनुज माहेश्वरी, अनुभव चौधरी, वीके तिवारी, नेपाल सिंह, नीरज जैन, अरविंद गुप्ता आदि शामिल रहे।
महिलाओं ने यूनियन लीडर की धुनाई की
मुजफ्फरनगर। हड़ताल से परेशान महिलाओं ने एक यूनियन के लीडर की जमकर धुनाई की। बाद में पुलिसकर्मी लीडर को अपने साथ थाने ले गए। हड़ताल के कारण कुछ महिलाएं एक टेंपो में सवार होकर जा रही थी।
महावीर चौक पर एक यूनियन के लीडर ने टेंपो रुकवा लिया। लीडर ने कहा कि हड़ताल है, टेंपो नहीं चलेगा। महिलाओं ने आगे जाने का आग्रह किया, मगर लीडर नहीं माना। जिस पर लीडर की महिलाओं से कहासुनी हो गई। इसी दौरान महिलाओं ने लीडर को घेर लिया और चप्पलों से उसकी धुनाई करना शुरू कर दिया।
जिससे वहां पर अफरातफरी मच गई। भीड़ एकत्र हो गई। मामले की जानकारी पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लीडर को मुक्त कराया और महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत किया। मामला बढ़ता देखकर पुलिस लीडर को अपने साथ ले गई।