{"_id":"5f74c4318ebc3e5bc527d33a","slug":"rld-leaders-took-to-the-road-to-protest-against-the-agricultural-law-muzaffarnagar-news-mrt50387669","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि विधेयकों के विरोध में सड़क पर उतरे रालोद नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि विधेयकों के विरोध में सड़क पर उतरे रालोद नेता
विज्ञापन
बुढ़ाना तहसील मुख्यालय पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देते रालोद नेता व कार्यकर्ता।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
कृषि कानून के विरोध में सड़क पर उतरे रालोद नेता
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कृषि कानून के विरोध में रालोद नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। पूर्व मंत्री योगराज सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कृषि कानून को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की गई। पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में हुई बैठक में पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कृषि कानून को काला कानून बताया। सरकार की नीति के कारण किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। युवा रालोद के प्रदेश सचिव बालकिशोर त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों की सरकार है। यह सरकार देेश के किसान व शिक्षित बेरोजगारों के खिलाफ है। सरकार की नीतियों ने देश के किसान व शिक्षित युवाओं को बर्बाद कर दिया है। समिति के चेयरमैन सुरेंद्र सहरावत ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी व करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। युवाओं को रोजगार देने के नाम पर आई सरकार ने युवाओं को बर्बाद कर दिया है। इसके बाद, कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कृषि संबंधी तीनों कानून को किसानों को बर्बाद करने वाला बताया। जनहित में तीनों कानूनों को रद् करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर सकुल सहरावत, रामनिवास सहरावत, पवन सहरावत, आकाश राठी, संजय शर्मा सरनावली, गुलाम मौहम्मद जौला, देवीलाल, नितिन सहरावत व सत्यपाल सहरावत सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुलाम मोहम्मद जौला ने तथा संचालन बाल किशोर त्यागी ने किया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कृषि कानून के विरोध में रालोद नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। पूर्व मंत्री योगराज सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कृषि कानून को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की गई। पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में हुई बैठक में पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कृषि कानून को काला कानून बताया। सरकार की नीति के कारण किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। युवा रालोद के प्रदेश सचिव बालकिशोर त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों की सरकार है। यह सरकार देेश के किसान व शिक्षित बेरोजगारों के खिलाफ है। सरकार की नीतियों ने देश के किसान व शिक्षित युवाओं को बर्बाद कर दिया है। समिति के चेयरमैन सुरेंद्र सहरावत ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी व करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। युवाओं को रोजगार देने के नाम पर आई सरकार ने युवाओं को बर्बाद कर दिया है। इसके बाद, कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कृषि संबंधी तीनों कानून को किसानों को बर्बाद करने वाला बताया। जनहित में तीनों कानूनों को रद् करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर सकुल सहरावत, रामनिवास सहरावत, पवन सहरावत, आकाश राठी, संजय शर्मा सरनावली, गुलाम मौहम्मद जौला, देवीलाल, नितिन सहरावत व सत्यपाल सहरावत सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुलाम मोहम्मद जौला ने तथा संचालन बाल किशोर त्यागी ने किया।
विज्ञापन