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जन सूचना अधिकार अधिनियम से भ्रष्टाचार पर लगी लगाम : श्रीवास्तव
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 से भ्रष्टाचार पर काफी लगाम लगी है। प्रत्येक व्यक्ति को जन हित में इसका प्रयोग करना चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में किसी का शोषण व उत्पीड़न न किया जाएं। जनपद मुजफ्फरनगर में 427 प्रार्थनापत्र लंबित है। सभी अधिकारी मांगी गई सूचनाओं को 30 दिन में उपलब्ध कराएं। भरसक प्रयास करें कि जो सूचनाएं विभाग से मांगी जाए, उसका निचले स्तर पर ही निराकरण कर दिया जाएं।
जिला पंचायत सभागार में राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जनपद स्तर पर कार्यरत जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष जो भी मामले लाए जाते है, उन पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें निस्तारित किया जाता है। अगर कोई सूचना दो या दो से अधिक लोक प्राधिकरण की है तो ऐसी स्थिति में एक्ट के अनुसार जनसूचना अधिकारी प्रार्थनापत्र को निरस्त कर सकता है और आयोग को इसकी सूचना देगा। उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त करने के अनुरोध में 500 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। थर्ड पार्टी सूचना के संबंध में उन्होंने बताया कि यदि पर व्यक्ति के संबंध में मांगी गई सूचना अधिनियम के प्रावधानों व नियमावली के नियमों के अनुसार नहीं दी जा सकती हो तो उस मांग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्वीकृत कर दिया जाएं।
डीएम चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि सभी विभागों में जन सूचना अधिकार प्रार्थना पत्रों से संबंधित एक रजिस्टर बनाया जाएं। प्राप्त प्रार्थनापत्रों को रजिस्टर में अंकित कर उनका निस्तारण किया जाएं। एसएसपी विनीत जायसवाल, एडीएम वित्त अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जन सूचना अधिकारी, अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 से भ्रष्टाचार पर काफी लगाम लगी है। प्रत्येक व्यक्ति को जन हित में इसका प्रयोग करना चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में किसी का शोषण व उत्पीड़न न किया जाएं। जनपद मुजफ्फरनगर में 427 प्रार्थनापत्र लंबित है। सभी अधिकारी मांगी गई सूचनाओं को 30 दिन में उपलब्ध कराएं। भरसक प्रयास करें कि जो सूचनाएं विभाग से मांगी जाए, उसका निचले स्तर पर ही निराकरण कर दिया जाएं।
जिला पंचायत सभागार में राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जनपद स्तर पर कार्यरत जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष जो भी मामले लाए जाते है, उन पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें निस्तारित किया जाता है। अगर कोई सूचना दो या दो से अधिक लोक प्राधिकरण की है तो ऐसी स्थिति में एक्ट के अनुसार जनसूचना अधिकारी प्रार्थनापत्र को निरस्त कर सकता है और आयोग को इसकी सूचना देगा। उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त करने के अनुरोध में 500 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। थर्ड पार्टी सूचना के संबंध में उन्होंने बताया कि यदि पर व्यक्ति के संबंध में मांगी गई सूचना अधिनियम के प्रावधानों व नियमावली के नियमों के अनुसार नहीं दी जा सकती हो तो उस मांग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्वीकृत कर दिया जाएं।
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डीएम चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि सभी विभागों में जन सूचना अधिकार प्रार्थना पत्रों से संबंधित एक रजिस्टर बनाया जाएं। प्राप्त प्रार्थनापत्रों को रजिस्टर में अंकित कर उनका निस्तारण किया जाएं। एसएसपी विनीत जायसवाल, एडीएम वित्त अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जन सूचना अधिकारी, अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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