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नामचीन स्कूलों में गुमनाम हुआ शिक्षा का अधिकार
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336 बच्चों चयन हुआ था गत सत्र में, लेकिन एक का भी एडमिशन आरटीई के तहत नहीं हुआ
1048 बच्चों को इस योजना का लाभ मिला जिले में अब तक
होली एंजिल्स, शारदेन, जीसी, माउंट लिट्रा जैसे बड़े स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बड़े और नाम वाले स्कूलों में शिक्षा का अधिकार गुमनाम हो गया है। शहर के कई बड़े स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पिछले वर्ष तक इस योजना में एक भी एडमिशन नहीं हो पाया। स्कूलों और बीएसए ऑफिस का आपसी तालमेल भी इसमें बड़ा कारण है। इस बार इस योजना में तीन बार आवेदन हुए, जिसमें 336 बच्चों चयन हुआ।
शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निर्धन परिवारों के बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ सकते हैं। जिले में अब तक 1048 बच्चों को इस योजना का लाभ मिला है, इनमें 336 एडमिशन इसी वर्ष हुए है। 2016 से 2021 तक इसमें केवल 712 एडमिशन हो पाए थे। आश्चर्य की बात यह है कि इस योजना में 712 में से 401 ग्रामीण अंचल के बच्चे हैं। शहर में बीते छह साल में केवल 311 एडमिशन ही हो पाए। शहर के होली एंजिल्स, शारदेन, जीसी, माउंट लिट्रा, गुरू रामराय, डीपीएस जैसे बड़े स्कूलों में शिक्षा विभाग ने किसी बच्चे को भेजा ही नहीं है। जिन स्कूलों में अधिक एडमिशन कराए गए, उनमें से अधिकतम ऐसे हैं, जिनमें सरकार से निर्धारित से कम फीस है। इस कारण छात्रों ने खुश होकर प्रवेश ले लिए। शहर के जिन स्कूलों में अधिक फीस है, उन्हें योजना से जोड़ा ही नहीं गया। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि इस बार इन स्कूलों को भी योजना में जोड़ा जाएगा।
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स्कूल छात्र प्रवेश
लिटिल एंजिल 48
गोल्डन फ्यूचर 4
सरस्वती मॉडर्न 4
गिरधारीलाल 19
अगस्त एकेडमी 2
एवरग्रीन 12
मार्शल पब्लिक 23
एसडी पब्लिक 15
एमजी पब्लिक 23
अर्वाचीन जूनियर 2
चिल्ड्रन एकेडमी 26
जीएम पब्लिक 3
न्यू एवरग्रीन 3
पीआर पब्लिक 5
जैनिथ पब्लिक 2
मॉ शारदे 1
एमवी पब्लिक 24
जगदीश प्रसाद 04
यूनिक पब्लिक 11
सरस्वती निकेतन 22
आर्य बाल निकेतन 6
जनता पब्लिक 33
एसडी ग्लोबल 1
आशादीप 1
दयानंद पब्लिक 5
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ग्रामीण क्षेत्र में चरथावल अव्वल
जिले के ग्रामीण अंचल में चरथावल क्षेत्र के पब्लिक स्कूलों में 110, पुरकाजी के पब्लिक स्कूलों में 169, मोरना में 28, जानसठ के स्कूलों में 23, बुढ़ाना में आठ, खतौली के स्कूलों में 45 और बघरा के स्कूलों में 18 एडमिशन शिक्षा के अधिकार के तहर हुए हैं।
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प्रत्येक बच्चे को मिलता है पांच हजार
शिक्षा का अधिकार योजना में एडमिशन पाने वाले प्रत्येक छात्र को ड्रेस और किताबों के लिए पांच हजार रुपये सरकार देती है। इन छात्रों को कोई फीस नहीं देनी होती है।
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विभाग पर स्कूलों का 75 लाख बकाया
प्रदेश सरकार को शिक्षा का अधिकार में एडमिशन लेने वाले प्रत्येक छात्र की फीस के रूप में पब्लिक स्कूलों को 450 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होता है। स्कूलों का सरकार पर 75 लाख 65 हजार 400 रुपया निकल रहा है, इसके सापेक्ष सरकार से केवल दो लाख 64 हजार ही आया है।
बड़े स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा
शिक्षा का अधिकार के तहत शहर के सीबीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों का सहयोग लिया जाएगा। प्रयास यह है कि कोई भी बच्चा बिना शिक्षा के नहीं रहना चाहिए। - शुभम शुक्ला, बीएसए
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1048 बच्चों को इस योजना का लाभ मिला जिले में अब तक
होली एंजिल्स, शारदेन, जीसी, माउंट लिट्रा जैसे बड़े स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बड़े और नाम वाले स्कूलों में शिक्षा का अधिकार गुमनाम हो गया है। शहर के कई बड़े स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पिछले वर्ष तक इस योजना में एक भी एडमिशन नहीं हो पाया। स्कूलों और बीएसए ऑफिस का आपसी तालमेल भी इसमें बड़ा कारण है। इस बार इस योजना में तीन बार आवेदन हुए, जिसमें 336 बच्चों चयन हुआ।
शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निर्धन परिवारों के बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ सकते हैं। जिले में अब तक 1048 बच्चों को इस योजना का लाभ मिला है, इनमें 336 एडमिशन इसी वर्ष हुए है। 2016 से 2021 तक इसमें केवल 712 एडमिशन हो पाए थे। आश्चर्य की बात यह है कि इस योजना में 712 में से 401 ग्रामीण अंचल के बच्चे हैं। शहर में बीते छह साल में केवल 311 एडमिशन ही हो पाए। शहर के होली एंजिल्स, शारदेन, जीसी, माउंट लिट्रा, गुरू रामराय, डीपीएस जैसे बड़े स्कूलों में शिक्षा विभाग ने किसी बच्चे को भेजा ही नहीं है। जिन स्कूलों में अधिक एडमिशन कराए गए, उनमें से अधिकतम ऐसे हैं, जिनमें सरकार से निर्धारित से कम फीस है। इस कारण छात्रों ने खुश होकर प्रवेश ले लिए। शहर के जिन स्कूलों में अधिक फीस है, उन्हें योजना से जोड़ा ही नहीं गया। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि इस बार इन स्कूलों को भी योजना में जोड़ा जाएगा।
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स्कूल छात्र प्रवेश
लिटिल एंजिल 48
गोल्डन फ्यूचर 4
सरस्वती मॉडर्न 4
गिरधारीलाल 19
अगस्त एकेडमी 2
एवरग्रीन 12
मार्शल पब्लिक 23
एसडी पब्लिक 15
एमजी पब्लिक 23
अर्वाचीन जूनियर 2
चिल्ड्रन एकेडमी 26
जीएम पब्लिक 3
न्यू एवरग्रीन 3
पीआर पब्लिक 5
जैनिथ पब्लिक 2
मॉ शारदे 1
एमवी पब्लिक 24
जगदीश प्रसाद 04
यूनिक पब्लिक 11
सरस्वती निकेतन 22
आर्य बाल निकेतन 6
जनता पब्लिक 33
एसडी ग्लोबल 1
आशादीप 1
दयानंद पब्लिक 5
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ग्रामीण क्षेत्र में चरथावल अव्वल
जिले के ग्रामीण अंचल में चरथावल क्षेत्र के पब्लिक स्कूलों में 110, पुरकाजी के पब्लिक स्कूलों में 169, मोरना में 28, जानसठ के स्कूलों में 23, बुढ़ाना में आठ, खतौली के स्कूलों में 45 और बघरा के स्कूलों में 18 एडमिशन शिक्षा के अधिकार के तहर हुए हैं।
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प्रत्येक बच्चे को मिलता है पांच हजार
शिक्षा का अधिकार योजना में एडमिशन पाने वाले प्रत्येक छात्र को ड्रेस और किताबों के लिए पांच हजार रुपये सरकार देती है। इन छात्रों को कोई फीस नहीं देनी होती है।
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विभाग पर स्कूलों का 75 लाख बकाया
प्रदेश सरकार को शिक्षा का अधिकार में एडमिशन लेने वाले प्रत्येक छात्र की फीस के रूप में पब्लिक स्कूलों को 450 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होता है। स्कूलों का सरकार पर 75 लाख 65 हजार 400 रुपया निकल रहा है, इसके सापेक्ष सरकार से केवल दो लाख 64 हजार ही आया है।
बड़े स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा
शिक्षा का अधिकार के तहत शहर के सीबीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों का सहयोग लिया जाएगा। प्रयास यह है कि कोई भी बच्चा बिना शिक्षा के नहीं रहना चाहिए। - शुभम शुक्ला, बीएसए