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हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार
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खतौली में खराब पड़ा हैंडपंप।
- फोटो : KHATAULI
हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार
खतौली। भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल अधिक जरूरत है। नगर में लगे इंडिया मार्का के हैंडपंपों के हलक का पानी सूख जाने के कारण उनका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंप द्वारा शत प्रतिशत काम करने का दावा विकास खंड कर रहा है।
जानसठ तिराहे, बुढ़ाना तिराहा से प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री सफर करते हैं। दर्जनों यात्री यहां खड़े रहकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं। ऐसे में प्यास लगने पर उन्हें पानी खरीदकर पीना पड़ता है। नगर पालिका द्वारा लगाए गए इंडिया मार्का के हैंडपंपों खराब हैं। नगर पालिका क्षेत्र में 217 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से 37 हैंडपंप खराब हैं। उनको रीबोर कराया जाना है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि खराब हुए हैंडपंप और रीबोर होने वाले हैंडपंपों की सूची जल निगम को भेजी जा चुकी है। अभी तक जल निगम द्वारा हैंडपंपों को ठीक कराने का कार्य नहीं किया गया।
जबकि विकास खंड में 84 ग्राम पंचायतें आती हैं। इन ग्राम पंचायतों में 2805 हैंडपंप लगे हुए हैं। एक अप्रैल 2020 में 61 नल खराब थे, 11 नलों का रिबोर होना था और 60 नलों की मरम्मत की जानी थी। एडीओ पंचायत संजय ने बताया कि लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए विकास खंड द्वारा 60 नलों की मरम्मत करा दी गई, जबकि नौ नलों को रीबोर कराया गया। कुल मिलाकर 84 ग्राम पंचायतों में दो नलों का रीबोर होना बाकी है, जबकि एक नल की मरम्मत का कार्य बाकी है, जो जल्द पूरा करा दिया जाएगा।
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खतौली। भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल अधिक जरूरत है। नगर में लगे इंडिया मार्का के हैंडपंपों के हलक का पानी सूख जाने के कारण उनका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंप द्वारा शत प्रतिशत काम करने का दावा विकास खंड कर रहा है।
जानसठ तिराहे, बुढ़ाना तिराहा से प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री सफर करते हैं। दर्जनों यात्री यहां खड़े रहकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं। ऐसे में प्यास लगने पर उन्हें पानी खरीदकर पीना पड़ता है। नगर पालिका द्वारा लगाए गए इंडिया मार्का के हैंडपंपों खराब हैं। नगर पालिका क्षेत्र में 217 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से 37 हैंडपंप खराब हैं। उनको रीबोर कराया जाना है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि खराब हुए हैंडपंप और रीबोर होने वाले हैंडपंपों की सूची जल निगम को भेजी जा चुकी है। अभी तक जल निगम द्वारा हैंडपंपों को ठीक कराने का कार्य नहीं किया गया।
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जबकि विकास खंड में 84 ग्राम पंचायतें आती हैं। इन ग्राम पंचायतों में 2805 हैंडपंप लगे हुए हैं। एक अप्रैल 2020 में 61 नल खराब थे, 11 नलों का रिबोर होना था और 60 नलों की मरम्मत की जानी थी। एडीओ पंचायत संजय ने बताया कि लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए विकास खंड द्वारा 60 नलों की मरम्मत करा दी गई, जबकि नौ नलों को रीबोर कराया गया। कुल मिलाकर 84 ग्राम पंचायतों में दो नलों का रीबोर होना बाकी है, जबकि एक नल की मरम्मत का कार्य बाकी है, जो जल्द पूरा करा दिया जाएगा।
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