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राहत की बारिश, सात डिग्री गिरा तापमान
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नगर के रुड़की रोड पर बारिश में गंतव्य का जाते राहगीर।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। मानसून की पहली बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आई। रुक-रुककर करीब छह घंटे में 34.4 मिली बरसात हुई। तापमान में सात डिग्री की गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। गन्ना, धान और अन्य फसलों के लिए बरसात सोना साबित होगी।
गर्मी के कारण लोग मुश्किलें झेल रहे थे। बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री पर था। रात के समय ही आसमान में बादल छा गए तो लोगों को बरसात की उम्मीद जगने लगी थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर दो बजे तक रुक-रुककर बरसात होती रही। मौसम विज्ञान विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री रिकॉर्ड किया। रात के न्यूनतम तापमान में भी पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के प्रभारी अनिल कटियार का कहना है कि फसलों के लिए बारिश अच्छी है। गन्ने और चारे की फसलों का लाभ होगा। बरसात फसलों के लिए अच्छी है।
पहली बरसात में ही खुली जल निकासी की पोल
मानसून की पहली बरसात से ही शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। नालों से निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर पानी भरा रहा। शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों पर जलभराव रहा। प्रमुख चौराहे पर शिव चौक, रामलीला टिल्ला, रामपुरी, मिमलाना रोड के अलावा टाउन हॉल रोड पर भी जलभराव की स्थिति बन गई।
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जलनिकासी के लिए शहर में 58 नाले
शहर में जलनिकासी के लिए बड़े और छोटे करीब 58 नाले-नालियां है। बड़े नाले की लंबाई करीब ढाई किमी है।
क्या कहते हैं नागरिक
दुकानदार कपिल कुमार का कहना है कि जल निकासी का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। बरसात के बाद पानी दुकानों में पहुंचता है।
टाउन हॉल रोड पर दुकान चलाने वाले संजय का कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लोगों का मुख्य मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
दुकानदार मनु बंसल का कहना है कि पालिका से बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं निकल सका है। जलभराव परेशानी बना हुआ है।
भोकरहेड़ी में घरों तक पहुंच गया पानी
मोरना। नगर पंचायत भोकरहेडी अनेक समस्याओं से ग्रस्त है। जलभराव की समस्या से नागरिक हलकान है। पहली बारिश में ही मुख्य मार्ग पहली बारिश में ही तालाब बन गया। कस्बे के नागरिक व राहगीर गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद जल भराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। कस्बे के नागरिकों ने जलभराव की समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उदयवीर सिंह सहरावत ने बताया कि बसेडा-बरला व लक्सर मार्ग पर भारी जलभराव के कारण पानी घरों में घुस आया है तथा दुपहिया वाहनों का निकलना दूभर हो गया है।
बारिश से राहत, किसान हुए खुश
छपार। क्षेत्र में वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली है। किसानों को ही बहुत खुशी हुई है। ईंख की फसल सूख रही थी उसे भी वर्षा से संजीवनी मिल गई है। धान के लिए भी बारिश सोना साबित होगी।
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गर्मी के कारण लोग मुश्किलें झेल रहे थे। बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री पर था। रात के समय ही आसमान में बादल छा गए तो लोगों को बरसात की उम्मीद जगने लगी थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर दो बजे तक रुक-रुककर बरसात होती रही। मौसम विज्ञान विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री रिकॉर्ड किया। रात के न्यूनतम तापमान में भी पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के प्रभारी अनिल कटियार का कहना है कि फसलों के लिए बारिश अच्छी है। गन्ने और चारे की फसलों का लाभ होगा। बरसात फसलों के लिए अच्छी है।
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पहली बरसात में ही खुली जल निकासी की पोल
मानसून की पहली बरसात से ही शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। नालों से निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर पानी भरा रहा। शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों पर जलभराव रहा। प्रमुख चौराहे पर शिव चौक, रामलीला टिल्ला, रामपुरी, मिमलाना रोड के अलावा टाउन हॉल रोड पर भी जलभराव की स्थिति बन गई।
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जलनिकासी के लिए शहर में 58 नाले
शहर में जलनिकासी के लिए बड़े और छोटे करीब 58 नाले-नालियां है। बड़े नाले की लंबाई करीब ढाई किमी है।
क्या कहते हैं नागरिक
दुकानदार कपिल कुमार का कहना है कि जल निकासी का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। बरसात के बाद पानी दुकानों में पहुंचता है।
टाउन हॉल रोड पर दुकान चलाने वाले संजय का कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लोगों का मुख्य मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
दुकानदार मनु बंसल का कहना है कि पालिका से बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं निकल सका है। जलभराव परेशानी बना हुआ है।
भोकरहेड़ी में घरों तक पहुंच गया पानी
मोरना। नगर पंचायत भोकरहेडी अनेक समस्याओं से ग्रस्त है। जलभराव की समस्या से नागरिक हलकान है। पहली बारिश में ही मुख्य मार्ग पहली बारिश में ही तालाब बन गया। कस्बे के नागरिक व राहगीर गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद जल भराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। कस्बे के नागरिकों ने जलभराव की समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उदयवीर सिंह सहरावत ने बताया कि बसेडा-बरला व लक्सर मार्ग पर भारी जलभराव के कारण पानी घरों में घुस आया है तथा दुपहिया वाहनों का निकलना दूभर हो गया है।
बारिश से राहत, किसान हुए खुश
छपार। क्षेत्र में वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली है। किसानों को ही बहुत खुशी हुई है। ईंख की फसल सूख रही थी उसे भी वर्षा से संजीवनी मिल गई है। धान के लिए भी बारिश सोना साबित होगी।