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राज्यपाल ने की बंदी की रिहाई याचिका खारिज
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राज्यपाल ने बंदी की रिहाई याचिका खारिज की
मुजफ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र में दिसंबर 1992 में चार लोगों की सामूहिक हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी की रिहाई याचिका राज्यपाल ने खारिज कर दी है। उक्त बंदी आगरा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
जनपद के मीरापुर क्षेत्र में चार दिसंबर-92 को जमीन संबंधी विवाद के चलते चार लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। इसमें कस्बा मीरापुर के मोहल्ला कमलियान निवासी राकेश पुत्र रघुबीर व उसके चार साथियों का नाम सामने आया था। अदालत ने ने चार मार्च 1998 को राकेश को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजाई सुनाई थी। राकेश की अर्जी पर हाईकोर्ट ने आठ सितंबर 1998 को मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था। इसके बाद से ही बंदी लगातार जेल में है और फिलहाल आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। 22 नवंबर 2018 तक बंदी राकेश 29 वर्ष चार माह 14 दिन की सजा पूरी कर चुका है, जिनमें से 20 वर्ष आठ माह 19 दिन की सजा उसने लगातार काटी है। बंदी राकेश ने राज्यपाल के समक्ष कुछ समय पूर्व जेल से रिहाई किए जाने की गुहार लगाई थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया है। शासन के संयुक्त सचिव सुरेंद्र प्रकाश सिंह सेंगर ने इस बाबत जिला कारागार प्रशासन को पत्र जारी कर बंदी राकेश को भी इससे अवगत कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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मुजफ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र में दिसंबर 1992 में चार लोगों की सामूहिक हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी की रिहाई याचिका राज्यपाल ने खारिज कर दी है। उक्त बंदी आगरा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
जनपद के मीरापुर क्षेत्र में चार दिसंबर-92 को जमीन संबंधी विवाद के चलते चार लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। इसमें कस्बा मीरापुर के मोहल्ला कमलियान निवासी राकेश पुत्र रघुबीर व उसके चार साथियों का नाम सामने आया था। अदालत ने ने चार मार्च 1998 को राकेश को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजाई सुनाई थी। राकेश की अर्जी पर हाईकोर्ट ने आठ सितंबर 1998 को मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था। इसके बाद से ही बंदी लगातार जेल में है और फिलहाल आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। 22 नवंबर 2018 तक बंदी राकेश 29 वर्ष चार माह 14 दिन की सजा पूरी कर चुका है, जिनमें से 20 वर्ष आठ माह 19 दिन की सजा उसने लगातार काटी है। बंदी राकेश ने राज्यपाल के समक्ष कुछ समय पूर्व जेल से रिहाई किए जाने की गुहार लगाई थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया है। शासन के संयुक्त सचिव सुरेंद्र प्रकाश सिंह सेंगर ने इस बाबत जिला कारागार प्रशासन को पत्र जारी कर बंदी राकेश को भी इससे अवगत कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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