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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Rampur Tiraha incident: Hour of judgment after 30 years, first file set for judgment

रामपुर तिराहा कांड: तीन दशक बाद फैसले की घड़ी, पहली पत्रावली फैसले के लिए नियत, पढ़ें-क्या था पूरा मामला

Thu, 14 Mar 2024 04:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 14 Mar 2024 04:04 PM IST
सार

रामपुर तिराहा कांड में तीन दशक बाद फैसले की घड़ी नजदीक है। अदालत ने फैसले की पहली पत्रावली शुक्रवार के लिए नियत कर दी है। पत्रावली में पीएसी के दो सिपाहियों पर मुकदमा चल रहा है।

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Rampur Tiraha incident: Hour of judgment after 30 years, first file set for judgment
रामपुर तिराहा कांड -file photo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामपुर तिराहा कांड में आखिरकार तीन दशक बाद फैसले की घड़ी आ पहुंची है। शुक्रवार को सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह फैसले पर सुनवाई करेंगे।

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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि मिलाप सिंह की पत्रावली में 
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प्रकरण में सुनवाई पूरी हो चुकी है।  

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पत्रावली में पीएसी के सिपाही मिलाप सिंह और वीरेंद्र प्रताप पर मुकदमा चल रहा था। दोनों अभियुक्तों पर पीड़िता के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का मुकदमा है। 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए थे। 
 
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। अदालत में प्रकरण की सुनवाई चल रही है। पहले मुकदमे में  शुक्रवार को फैसला आने की संभावना है।
  
यहां के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पीएसी गाजियाबाद में सिपाही मिलाप सिंह मूल रूप एटा के निधौली कलां थाना क्षेत्र के होर्ची गांव का रहने वाला है। दूसरा आरोपी सिपाही वीरेंद्र प्रताप मूल रूप सिद्धार्थनगर के गांव गौरी का रहने वाला है।

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