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रामपुर तिराहा कांड: पीड़िताओं तक पहुंचने के लिए सीबीआई ने अदालत से मांगा समय, अभी तक तामील नहीं हुए समन
Mon, 17 Jul 2023 06:49 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाल, न्यूज डेस्क मुजफ्फरनगर
अमर उजाल, न्यूज डेस्क मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 17 Jul 2023 06:49 PM IST
सार
रामपुर तिराहा कांड की पीड़िताओं तक पहुंचने के लिए सीबीआई ने अदालत से समय मांगा है। वहीं अदालत द्वारा जारी किए गए समन अभी तामील नहीं कराए गए हैं। प्रकरण में सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
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रामपुर तिराहा कांड का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर तिराहा कांड की पीड़िताओं को समन तामील नहीं कराए जा सके हैं। सीबीआई ने पीड़िताओं का पता तलाशने के लिए अदालत से समय मांगा। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात में अब प्रकरण की सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि अदालत से जारी समन सीबीआई पीड़िताओं को तामील नहीं करा सकी है। सीबीआई का कहना है कि वर्ष 1994 के मुकाबले चमौली की भौगोलिक स्थिति बदल चुकी है।
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ऐसे में पीड़िताओं का वर्तमान निवास स्थान का पता लगाए जाने के लिए समय दिए जाने की आवश्यकता है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सीबीआई को 24 जुलाई तक का समय दिया है।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।