{"_id":"618180f4b0d59d19ff266813","slug":"rakesh-tikait-will-not-return-to-sisauli-on-diwali-muzaffarnagar-news-mrt5634027127","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर सिसौली नहीं लौटेंगे राकेश टिकैत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर सिसौली नहीं लौटेंगे राकेश टिकैत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली पर सिसौली नहीं लौटेंगे राकेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत इस बार दिवाली पर घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि वह बॉर्डर पर ही किसानों के बीच दिवाली मनाएंगे, किसान अपना हक लेकर रहेंगे। सरकार ने अगर मांग नहीं मानी तो 27 नवंबर से आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा।
तीन कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं। किसानों ने होली का त्योहार भी यहीं पर मनाया था। इस बार की दिवाली भी किसान दिल्ली के बॉर्डर पर ही मनाने जा रहे हैं। भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि राकेश टिकैत दिवाली पर भी इस बार गांव नहीं लौटेंगे। बॉर्डर पर ही रहकर वे किसानों के बीच दिवाली मनाएंगे। किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। किसान पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार की कोई भी साजिश किसानों के आंदोलन को नाकाम नहीं कर सकती।
उधर, भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि सरकार के पास 26 नवंबर तक का समय है। अगर किसानों के हित में फैसला नहीं लिया तो 27 नवंबर से किसान आंदोलन को नया रूप देंगे। दोबारा पूरी ताकत के साथ दिल्ली की पूर्ण घेराबंदी की जाएगी। इसके लिए किसान गांव-गांव तैयारी कर रहे हैं। सरकार किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। वर्तमान में किसानों के सामने बड़ी समस्याएं हैं। डीजल के बढ़े दामों ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय बढ़ने के बजाये घट गई है। इसकी जवाबदेह भी पूरी तरह केंद्र सरकार ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत इस बार दिवाली पर घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि वह बॉर्डर पर ही किसानों के बीच दिवाली मनाएंगे, किसान अपना हक लेकर रहेंगे। सरकार ने अगर मांग नहीं मानी तो 27 नवंबर से आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा।
तीन कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं। किसानों ने होली का त्योहार भी यहीं पर मनाया था। इस बार की दिवाली भी किसान दिल्ली के बॉर्डर पर ही मनाने जा रहे हैं। भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि राकेश टिकैत दिवाली पर भी इस बार गांव नहीं लौटेंगे। बॉर्डर पर ही रहकर वे किसानों के बीच दिवाली मनाएंगे। किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। किसान पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार की कोई भी साजिश किसानों के आंदोलन को नाकाम नहीं कर सकती।
विज्ञापन
उधर, भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि सरकार के पास 26 नवंबर तक का समय है। अगर किसानों के हित में फैसला नहीं लिया तो 27 नवंबर से किसान आंदोलन को नया रूप देंगे। दोबारा पूरी ताकत के साथ दिल्ली की पूर्ण घेराबंदी की जाएगी। इसके लिए किसान गांव-गांव तैयारी कर रहे हैं। सरकार किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। वर्तमान में किसानों के सामने बड़ी समस्याएं हैं। डीजल के बढ़े दामों ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय बढ़ने के बजाये घट गई है। इसकी जवाबदेह भी पूरी तरह केंद्र सरकार ही है।
विज्ञापन