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Muzaffarnagar News: घायलों की जान बचा रहे थे रजत और जिंदगी-मौत के बीच फंसा था भाई शुभम
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- खून से लथपथ हालत में अपने ही भाई को नहीं पहचान पाया दूसरा भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। मोरना-जानसठ मार्ग पर हादसे के बाद एक भाई रजत घायलों की जान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था और दूसरा भाई शुभम जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा था। खून से लथपथ होने के कारण मदद के लिए पहुंचा रजत अपने भाई को नहीं पहचान पाया। दूसरे घायले ने शुभम के विषय में बताया तो उसे जानकारी मिली।
चौरावाला निवासी रजत केंद्रीय एंबुलेंस सेना बल का संचालन करता है। क्षेत्र में सड़क हादसों या मुसीबत में घिरे लोगों की मदद के लिए यह दल बाइक से पहुंच जाता है। जानसठ मार्ग पर रविवार सुबह हादसा हुआ तो उन्हें भी पुलिस ने सूचना दी। इसके बाद बाइक से वह मदद के लिए पहुंच गए। उनकी टीम घायलों की मदद कर रही थी, इसी दौरान घायल सागर ने रजत को बताया कि उसका भाई शुभम भी गंभीर घायल है। पिकअप में फंसा हुआ है।
असल में रजत अपने भाई को शुरूआत में पहचान ही नहीं पाया और घायलों की मदद में जुट गया। जैसे ही उसे भाई की हालत गंभीर होने की जानकारी मिली तो वह मदद के लिए दौड़ा। मेरठ में शुभम को मृत घोषित कर दिया गया है। लंबे समय से रजत क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे हैं। अब तक वह कई लोगों की जान बचा चुके हैं, जिसके लिए कई बार उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
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गम में डूब गए दोनों परिवार
शुभम के परिवार में बेटी लवी एवं भूमि, माता सरला देवी, बहन सोनम और भाई रजत मास्टर व अमन है। शुभम के अलावा मां सरला देवी भी धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। परिवार ने अपनी ही गाड़ी बना रखी है। उधर, कृष्ण के भाई सागर ,बहन स्वाति, ज्योति, माता नीलम का रो रोकर बुरा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष भी पहुंचे
चोरावाला गांव के पीडि़त परिवारों की जानकारी लेने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने पीडि़त परिवारों को ढांढस बंधाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। मोरना-जानसठ मार्ग पर हादसे के बाद एक भाई रजत घायलों की जान बचाने की जद्दोजहद कर रहा था और दूसरा भाई शुभम जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा था। खून से लथपथ होने के कारण मदद के लिए पहुंचा रजत अपने भाई को नहीं पहचान पाया। दूसरे घायले ने शुभम के विषय में बताया तो उसे जानकारी मिली।
चौरावाला निवासी रजत केंद्रीय एंबुलेंस सेना बल का संचालन करता है। क्षेत्र में सड़क हादसों या मुसीबत में घिरे लोगों की मदद के लिए यह दल बाइक से पहुंच जाता है। जानसठ मार्ग पर रविवार सुबह हादसा हुआ तो उन्हें भी पुलिस ने सूचना दी। इसके बाद बाइक से वह मदद के लिए पहुंच गए। उनकी टीम घायलों की मदद कर रही थी, इसी दौरान घायल सागर ने रजत को बताया कि उसका भाई शुभम भी गंभीर घायल है। पिकअप में फंसा हुआ है।
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असल में रजत अपने भाई को शुरूआत में पहचान ही नहीं पाया और घायलों की मदद में जुट गया। जैसे ही उसे भाई की हालत गंभीर होने की जानकारी मिली तो वह मदद के लिए दौड़ा। मेरठ में शुभम को मृत घोषित कर दिया गया है। लंबे समय से रजत क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे हैं। अब तक वह कई लोगों की जान बचा चुके हैं, जिसके लिए कई बार उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
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गम में डूब गए दोनों परिवार
शुभम के परिवार में बेटी लवी एवं भूमि, माता सरला देवी, बहन सोनम और भाई रजत मास्टर व अमन है। शुभम के अलावा मां सरला देवी भी धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। परिवार ने अपनी ही गाड़ी बना रखी है। उधर, कृष्ण के भाई सागर ,बहन स्वाति, ज्योति, माता नीलम का रो रोकर बुरा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष भी पहुंचे
चोरावाला गांव के पीडि़त परिवारों की जानकारी लेने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने पीडि़त परिवारों को ढांढस बंधाया।