आषाढ़ की झमाझम बारिश बृहस्पतिवार को आफत बन गई। सिर्फ 24 घंटे में 182.8 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई। करीब 16 साल बाद लगातार इतने बादल बरसे हैं। जुलाई माह में अब तक 262.5 मिमी बरसात हो चुकी है। दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर मिट्टी कटान के कारण भारी वाहन रोक दिए गए। मिट्टी हटवाकर रास्ता खुला लेकिन करीब 15 किमी का सफर ही ढाई से तीन घंटे में पूरा हुआ।
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शुकतीर्थ गंगा घाट पर बाण गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। पैड़ियां डूब गई हैं।
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पुरकाजी खादर में सोलानी उफनने लगी है। शहर में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जलनिकासी की स्थिति देखी। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि बारिश के कारण शुक्रवार को कक्षा 12 तक के स्कूलों की छुट्टी रहेगी।
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खतौली में गिरा पेड़।
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गन्ना शोध संस्थान पर बुधवार से बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक 182.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। कई साल ऐसे हैं, जब पूरे जुलाई माह में भी इतनी बरसात नहीं हुई। मीरापुर के गांव देवल के समीप बीआईटी चौकी के पास निर्माणाधीन हाईवे के अंडरपास में कई फीट पानी भर गया। इसके अलावा हाईवे से मिट्टी बहकर सर्विस रोड पर आ गई। मिट्टी से वाहन फिसलने के कारण जाम लग गया।
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मुजफ्फरनगर में जलभराव।
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पुलिस ने एक तरफ बिजनौर और दूसरी तरफ मीरापुर बाईपास पर वाहन रोक दिए। इस कारण लंबा जाम लग गया। रोडवेज बसों में यात्री फंसे रहे। हाईवे पर पानी भर गया, जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। एआरएम प्रभात सिन्हा ने कहा कि जाम में बसें फंसी रही। कई घंटे बाद अवागमन शुरू होने पर बसों की रवानगी हुई।
एसओ मीरापुर राजीव कुमार ने बताया कि मिट्टी को जेसीबी से हटवाया गया। इसके अलावा देवल में हाईवे पर पानी भर गया था। एनएचएआई की टीम ने बजरी डलवाई है, जिसके बाद वाहन निकलवाए जा रहे हैं।
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बारिश से ये हुए हालात।
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पानी में बह गया मोलाहेड़ी का रास्ता
जड़ौदा से मोलाहेडी जाने वाली सड़क का करीब 10 फीट का हिस्सा मिट्टी कटाव के कारण पानी में बह गया। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधान रमन कुमार और जड़ौदा के प्रधान बब्बल कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष भी यहां से सड़क टूट गई थी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने यहां पर खड़ंजा लगवा दिया था। यहां पर सड़क के दोनों और ईटों की दीवार बनाई जानी चाहिए तभी मिट्टी का कटाव रुक पाएगा। लोक निर्माण विभाग के एक्सईन अभिषेक सिंह का कहना है कि काली नदी के बहाव के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। शुक्रवार को मरम्मत करा दी जाएगी।