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खंड विकास कार्यालय में 20 सप्ताह तक लटका रहा राशन वितरण का प्रस्ताव
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मुजफ्फरनगर। खंड विकास कार्यालय शाहपुर की लापरवाही के कारण सावटू के सरस्वती समूह के पक्ष में राशन वितरण का प्रस्ताव लटका रहा। ब्लॉक से तहसील तक प्रस्ताव 20 सप्ताह में पहुंचा, जबकि इसका अधिकतम समय दो सप्ताह तय है। एसडीएम बुढ़ाना अरुण कुमार ने खुली बैठक में समूह के पक्ष में राशन वितरण के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है।
गांव सावटू में 26 नवंबर 2021 को खुली बैठक में राशन वितरण करने का प्रस्ताव गांव के महिला रितु की अध्यक्षता वाले सरस्वती समूह की 10 महिलाओं को दिया गया था। एसडीएम बुढ़ाना ने यह प्रस्ताव रद्द कर दिया है। उनका कहना है कि खंड विकास कार्यालय शाहपुर से प्रस्ताव तहसील में देरी से पहुंचा। शासनादेश है कि दो सप्ताह में प्रस्ताव मिल जाना चाहिए था। यह भी कहा गया कि खुली बैठक के दिन अभिकर्ता समूह ने अर्नेस्ट मनी का बैंक ड्राफ्ट जिला पूर्ति अधिकारी के पक्ष में जमा नहीं किया। खुली बैठक की वीडियोग्राफी नही कराई गई थी। एसडीएम ने बताया कि तहसील स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर समूह के पक्ष में किए गए प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है।
प्रशासन की गलती, सजा समूह को मिली
जन कल्याण समिति के संयोजक प्रमोद बालियान का कहना है कि पूरे मामले में प्रशासन की गलती है। वीडियोग्राफी प्रशासन को करानी चाहिए थी। खंड विकास कार्यालय से प्रस्ताव तहसील में प्रशासन ने देरी से भेजा। लेकिन समूह के पक्ष का प्रस्ताव निरस्त किए जाने से महिलाओं के बीच निराशा का माहौल है। गांव के कुछ लोग अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर समूह की महिलाओं को परेशान कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा और सीएम और पीएम को पत्र लिखेंगे।
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गांव सावटू में 26 नवंबर 2021 को खुली बैठक में राशन वितरण करने का प्रस्ताव गांव के महिला रितु की अध्यक्षता वाले सरस्वती समूह की 10 महिलाओं को दिया गया था। एसडीएम बुढ़ाना ने यह प्रस्ताव रद्द कर दिया है। उनका कहना है कि खंड विकास कार्यालय शाहपुर से प्रस्ताव तहसील में देरी से पहुंचा। शासनादेश है कि दो सप्ताह में प्रस्ताव मिल जाना चाहिए था। यह भी कहा गया कि खुली बैठक के दिन अभिकर्ता समूह ने अर्नेस्ट मनी का बैंक ड्राफ्ट जिला पूर्ति अधिकारी के पक्ष में जमा नहीं किया। खुली बैठक की वीडियोग्राफी नही कराई गई थी। एसडीएम ने बताया कि तहसील स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर समूह के पक्ष में किए गए प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है।
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प्रशासन की गलती, सजा समूह को मिली
जन कल्याण समिति के संयोजक प्रमोद बालियान का कहना है कि पूरे मामले में प्रशासन की गलती है। वीडियोग्राफी प्रशासन को करानी चाहिए थी। खंड विकास कार्यालय से प्रस्ताव तहसील में प्रशासन ने देरी से भेजा। लेकिन समूह के पक्ष का प्रस्ताव निरस्त किए जाने से महिलाओं के बीच निराशा का माहौल है। गांव के कुछ लोग अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर समूह की महिलाओं को परेशान कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा और सीएम और पीएम को पत्र लिखेंगे।
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