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बिजली कटौती ने नागरिकों को रुलाया
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बिजली कटौती ने नागरिकों को रुलाया
मुजफ्फरनगर। उमस भरी गर्मी में विद्युत आपूर्ति जनता को रुला रही है। बिजली अचानक किसी भी समय गुल हो जाती है। बिजली के आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। विभाग 24 घंटे आपूर्ति की बात करता है, लेकिन जनता को 18 घंटे भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन कट न हो रहा हो।
बरसात के मौसम में उमस भरी गर्मी सबसे ज्यादा परेशान करती है। ऐसे हालात में बिजली के पंखे के नीचे बैठकर की शांति मिलती है। कुछ देर के लिए बिजली चली जाए तो पूरा शरीर पसीने से तर बतर हो जाता है। प्रदेश सरकार और विद्युत निगम यूं तो 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की बात करते हैं, लेकिन इस समय 18 घंटे की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। एक्सईएन नगर खुद मानते हैं कि हम 20 से 22 घंटे आपूर्ति कर पा रहे हैं। अपने घरों पर जिस समय आम जनता को भोजन बनाने आदि का मुख्य कार्य होता है, तो उस समय ज्यादातर कट होते हें। इससे महिलाओं को भी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम और सुबह को प्रतिदिन कट की स्थिति बनी है। रात में भी यहीं हाल रहता है। बरसात के पूरे महीने यही हाल बना हुआ है। शनिवार को भी कई बार कट होने से नागरिकों का हाल बेहाल रहा, जबकि पड़ोसी जिले सहारनपुर में सीएम योगी आए हुए थे, बावजूद इसके शहर में बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अंडर ग्राउंड सप्लाई से ही निराकरण
मुजफ्फरनगर। एक्सईएन नगर पंकज कुमार कहते हैं कि बिजली के कट के अनेकों कारण है। किसी के घर में फाल्ट होता है तो लाइन डिस्टर्ब हो जाती है। आंधी में लाइन पर पेड़ गिर जाता है, तो फाल्ट हो जाता है। बरसात के मौसम में समस्या बन जाती है। जब तक खुली लाइन है समस्या बनी रहेगी। इस समस्या का निदान केवल अंडर ग्राउंड लाइन से ही है। अभी केवल कुछ बड़े शहरों नोएडा, गाजियाबाद में ही यह व्यवस्था चालू हुई है। खर्च बहुत ज्यादा है। इस कारण सरकार धीरे-धीरे आगे बढ रही है। हम पूरा प्रयास कर रहें है कि लोगों को अधिक से अधिक आपूर्ति दी जाए।
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भाजपा के मंत्री भी हो गए थे चित्त
मुजफ्फरनगर। विद्युत आपूर्ति को आश्वस्त भाजपा सरकार के मंत्रियों को भी तीन दिन पूर्व उस समय बड़ा झटका लगा था, जब कार्यक्रम शुरू होते ही बिजली गुल हो गई थी। अचानक तेज हवा आने से यह स्थिति बनी। बड़ी बात यह रही कि आपूर्ति कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही बहाल हो पाई थी।
शहर की बाहरी कालोनियां ज्यादा प्रभावित
मुजफ्फरनगर। विद्युत आपूर्ति में सबसे ज्यादा बाधा शहर की बाहरी कालोनियों में आती है। सरवट, इंद्रा कालोनी, रामपुरी, सूजडू, कूकडा, सुभाषनगर, लालबाग, अंकित विहार, खालापार, रामलीला टिल्ला, बचन सिंह कालोनी आदि में आपूर्ति अधिक बाधित रहती है। कुछ पॉश कालोनियों में भी समस्या का सामना करना पड़ता है।
वोल्टेज की समस्या बनी परेशानी का सबब
मुजफ्फरनगर। लो और हाई वोल्टेज की समस्या गांधी कॉलोनी और सुभाषनगर वासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यहां पर रात्रि में बहुत कम वोल्टेज आने से कूलर नहीं चल पाते हैं। दिन में कभी अधिक वोल्टेज आती है। ऐसे में लोग परेशान है, उन्हें अपने बिजली के उपकरण फ़ुंकने की भी आशंका रहती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष बालियान ने कहना है कि जेई रामदयाल से मिलकर इस समस्या को बता चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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मुजफ्फरनगर। उमस भरी गर्मी में विद्युत आपूर्ति जनता को रुला रही है। बिजली अचानक किसी भी समय गुल हो जाती है। बिजली के आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। विभाग 24 घंटे आपूर्ति की बात करता है, लेकिन जनता को 18 घंटे भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन कट न हो रहा हो।
बरसात के मौसम में उमस भरी गर्मी सबसे ज्यादा परेशान करती है। ऐसे हालात में बिजली के पंखे के नीचे बैठकर की शांति मिलती है। कुछ देर के लिए बिजली चली जाए तो पूरा शरीर पसीने से तर बतर हो जाता है। प्रदेश सरकार और विद्युत निगम यूं तो 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की बात करते हैं, लेकिन इस समय 18 घंटे की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। एक्सईएन नगर खुद मानते हैं कि हम 20 से 22 घंटे आपूर्ति कर पा रहे हैं। अपने घरों पर जिस समय आम जनता को भोजन बनाने आदि का मुख्य कार्य होता है, तो उस समय ज्यादातर कट होते हें। इससे महिलाओं को भी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम और सुबह को प्रतिदिन कट की स्थिति बनी है। रात में भी यहीं हाल रहता है। बरसात के पूरे महीने यही हाल बना हुआ है। शनिवार को भी कई बार कट होने से नागरिकों का हाल बेहाल रहा, जबकि पड़ोसी जिले सहारनपुर में सीएम योगी आए हुए थे, बावजूद इसके शहर में बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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अंडर ग्राउंड सप्लाई से ही निराकरण
मुजफ्फरनगर। एक्सईएन नगर पंकज कुमार कहते हैं कि बिजली के कट के अनेकों कारण है। किसी के घर में फाल्ट होता है तो लाइन डिस्टर्ब हो जाती है। आंधी में लाइन पर पेड़ गिर जाता है, तो फाल्ट हो जाता है। बरसात के मौसम में समस्या बन जाती है। जब तक खुली लाइन है समस्या बनी रहेगी। इस समस्या का निदान केवल अंडर ग्राउंड लाइन से ही है। अभी केवल कुछ बड़े शहरों नोएडा, गाजियाबाद में ही यह व्यवस्था चालू हुई है। खर्च बहुत ज्यादा है। इस कारण सरकार धीरे-धीरे आगे बढ रही है। हम पूरा प्रयास कर रहें है कि लोगों को अधिक से अधिक आपूर्ति दी जाए।
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भाजपा के मंत्री भी हो गए थे चित्त
मुजफ्फरनगर। विद्युत आपूर्ति को आश्वस्त भाजपा सरकार के मंत्रियों को भी तीन दिन पूर्व उस समय बड़ा झटका लगा था, जब कार्यक्रम शुरू होते ही बिजली गुल हो गई थी। अचानक तेज हवा आने से यह स्थिति बनी। बड़ी बात यह रही कि आपूर्ति कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही बहाल हो पाई थी।
शहर की बाहरी कालोनियां ज्यादा प्रभावित
मुजफ्फरनगर। विद्युत आपूर्ति में सबसे ज्यादा बाधा शहर की बाहरी कालोनियों में आती है। सरवट, इंद्रा कालोनी, रामपुरी, सूजडू, कूकडा, सुभाषनगर, लालबाग, अंकित विहार, खालापार, रामलीला टिल्ला, बचन सिंह कालोनी आदि में आपूर्ति अधिक बाधित रहती है। कुछ पॉश कालोनियों में भी समस्या का सामना करना पड़ता है।
वोल्टेज की समस्या बनी परेशानी का सबब
मुजफ्फरनगर। लो और हाई वोल्टेज की समस्या गांधी कॉलोनी और सुभाषनगर वासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यहां पर रात्रि में बहुत कम वोल्टेज आने से कूलर नहीं चल पाते हैं। दिन में कभी अधिक वोल्टेज आती है। ऐसे में लोग परेशान है, उन्हें अपने बिजली के उपकरण फ़ुंकने की भी आशंका रहती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष बालियान ने कहना है कि जेई रामदयाल से मिलकर इस समस्या को बता चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।