{"_id":"61ad0c4cf5cd4d0edd008ca2","slug":"population-control-law-is-very-important-anil-chaudhary-muzaffarnagar-news-mrt5677599121","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकदमा दर्ज न करने पर थाना घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकदमा दर्ज न करने पर थाना घेरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छपार। गांव सिसोना के पास दो दिन पूर्व एक आईटीआई कालेज के चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के मामले में मुकदमा दर्ज न करने पर परिजनों व ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सिसौना के पास महादेव आईटीआई में गांव शाहबुद्दीन पुर निवासी 55वर्षीय विक्टर निवासी गांव शाहबुद्दीनपुर, थाना कोतवाली सदर पिछले 10वर्षो से चौकीदार की नौकरी करता था। दो दिसंबर की रात वह अपने साथी गांव सिसौना निवासी फेरू सिंह के साथ ड्यूटी कर रहा था। उसके पुत्र राहुल ने तहरीर देते हुए बताया कि दूसरे चौकीदार फेरू ने फोन करके उसके मामा गांव मंडावली थाना मंगलोर उत्तराखंड निवासी माल सिंह को बताया था कि विक्टर को चोट लगी है। हालत गंभीर है। उसने गांव में फोन किया तो मृतक का भाई मंजीत आदि मौक़े पर पहुंचे और घायल से बात की। उसने बताया कि उसके 1.80 लाख रुपये मालिक पर बकाया है। वह मांगता है तो उसे धमकी दी जाती है।
उसी ने चौकीदार फेरू सिंह के साथ मिलकर उसका गला व नाक दबा दी और फरार हो गया। परिजनों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी ग्रामीण वापस चले गये। थाने पहुंचने वालों में सुखपाल सिंह, बालमुकुंद, मंजीत,सोनू, राहुल, सुधीर, विकास, मनोज, प्रीति, तोशता, संगीता, रूबी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिसौना के पास महादेव आईटीआई में गांव शाहबुद्दीन पुर निवासी 55वर्षीय विक्टर निवासी गांव शाहबुद्दीनपुर, थाना कोतवाली सदर पिछले 10वर्षो से चौकीदार की नौकरी करता था। दो दिसंबर की रात वह अपने साथी गांव सिसौना निवासी फेरू सिंह के साथ ड्यूटी कर रहा था। उसके पुत्र राहुल ने तहरीर देते हुए बताया कि दूसरे चौकीदार फेरू ने फोन करके उसके मामा गांव मंडावली थाना मंगलोर उत्तराखंड निवासी माल सिंह को बताया था कि विक्टर को चोट लगी है। हालत गंभीर है। उसने गांव में फोन किया तो मृतक का भाई मंजीत आदि मौक़े पर पहुंचे और घायल से बात की। उसने बताया कि उसके 1.80 लाख रुपये मालिक पर बकाया है। वह मांगता है तो उसे धमकी दी जाती है।
विज्ञापन
उसी ने चौकीदार फेरू सिंह के साथ मिलकर उसका गला व नाक दबा दी और फरार हो गया। परिजनों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी ग्रामीण वापस चले गये। थाने पहुंचने वालों में सुखपाल सिंह, बालमुकुंद, मंजीत,सोनू, राहुल, सुधीर, विकास, मनोज, प्रीति, तोशता, संगीता, रूबी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन