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विदेशों की तर्ज पर दौड़ेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिले में एंबुलेंस की तरह 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पुलिस पहुंचेगी। डायल-100 पर पीड़ित की कॉल जाते ही लखनऊ से मिलेंगे पुलिस को दिशा निर्देश। बहुत कम समय में ही पुलिस हरकत में आ जाएगी। योजना को अमल में लाने के लिए पुलिस विभाग के 274 लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है। आधुनिक सिस्टमों से लैस 55 गाड़ियों का काफिला बहुत जल्दी ही जिले में अपनी आमद कराएगा। विदेशों की तर्ज पर यूपी पुलिस दौड़ती नजर आएगी।
प्रदेश के दस जनपदों में पुलिस विभाग डायल-100 योजना शुरू करने जा रहा है। विदेशों की तर्ज पर पुलिस को आधुनिक व्यवस्था के अनुसार काम कराने की प्रक्रिया में शासन ने काम शुरू कर दिया है। नवंबर तक इसे प्रदेश के समस्त जिलों में चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए इसी माह जिले के 137 हेड कांस्टेबल और 137 आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय ने बताया कि योजना के तहत कहीं भी घटना होने पर पीड़ित को लखनऊ में डायल-100 पर फोन करना होगा।
वहां से तुरंत पीड़ित से घटनास्थल का नाम पूछा जाएगा इसके तुरंत बाद ही शहर में 15 मिनट और देहात में बीस मिनट में मौके पर पुलिस पहुंचेगी। इसके लिए शासन की ओर से जल्दी ही जिले में 55 नई गाड़ियां पहुंचेगी। जिनमेें 6 इनोवा और 49 बोलेरो होंगी। हर गाड़ी में दो लोग 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। जीपीआरएस सिस्टम से लैस गाड़ियों के भीतर येलो टेप, हथियार, टार्च, लाठी आदि सभी सामान 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
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इस पुलिस का ला एंड आर्डर से कोई मतलब नहीं होगा। मौके पर पहुंची पुलिस लखनऊ को हालात की जानकारी देगी और वहीं से अधिकारियों को कार्रवाई को लेकर निर्देश मिलेंगे। जिले में पूरी योजना के नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय रहेंगे और 100 नंबर के जिले के प्रभारी अजय पाल गौतम रहेंगे। विदेशों की तर्ज पर जल्दी ही यूपी पुलिस सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी।
युद्ध स्तर पर जारी है काम
डायल-100 के लिए पुलिस द्वारा शहर की मुख्य जगहों और गांवों के नामों को अपलोड किया जा रहा है। जियोग्राफिकल इनफॉरमेशन सिस्टम का एप पुलिस के मोबाइल में डाला जा रहा है। सिस्टम के तहत पीड़ित को लखनऊ फोन करने के दौरान घटनास्थल की जगह बतानी है, जैसे ही वह जगह बताएगा तुरंत सिस्टम जगह के सबसे नजदीक खड़ी गाड़ी को सूचित कर देगा और 15 से 20 मिनट के बीच पुलिस मौके पर होगी। इसके लिए पुलिस इस समय शहर के बैंक, स्कूल, चौराहे, गांव, सड़क, सिनेमाहाल और मशहूर जगहों के नामों का डाटा तैयार कर रही है।
पुलिस को मिलेगी क्राइम कंट्रोल करने में मदद
प्रदेश सरकार की डायल-100 योजना से जिला पुलिस को क्राइम कंट्रोल करने में बड़ी सहायता मिलेगी। जिले के 21 थानों में वैसे तो पहले से ही गाड़ियां उपलब्ध है, लेकिन 55 गाड़ियां और मिलने से पुलिस को अपराध रोकने में बड़ी सहायता मिलेंगी। हाईवे, लिंक मार्गों, संवेदनशील जगहों और गांवों के आसपास जरा सी हरकत होते ही मिनटों में पुलिस पहुंचेगी तो अपने आप ही घटनाओं में कमी आ जाएगी।
24 घंटे गाड़ियां जिले की सड़कों पर घूमेंगी, ऐसे में लूट जैसे घटनाओं के रुकने की संभावना नजर आ रही हैं। रात में हाईवे पर होने वाली घटनाओं में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। एक्सीडेंट होने पर पुलिस सहायता जल्दी मिलेगी। बवाल, जाम, हंगामे आदि मामलों में समय से सूचना मिलने पर पुलिस इन पर जल्दी काबू पाने में कामयाब रहेगी।
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प्रदेश के दस जनपदों में पुलिस विभाग डायल-100 योजना शुरू करने जा रहा है। विदेशों की तर्ज पर पुलिस को आधुनिक व्यवस्था के अनुसार काम कराने की प्रक्रिया में शासन ने काम शुरू कर दिया है। नवंबर तक इसे प्रदेश के समस्त जिलों में चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए इसी माह जिले के 137 हेड कांस्टेबल और 137 आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय ने बताया कि योजना के तहत कहीं भी घटना होने पर पीड़ित को लखनऊ में डायल-100 पर फोन करना होगा।
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वहां से तुरंत पीड़ित से घटनास्थल का नाम पूछा जाएगा इसके तुरंत बाद ही शहर में 15 मिनट और देहात में बीस मिनट में मौके पर पुलिस पहुंचेगी। इसके लिए शासन की ओर से जल्दी ही जिले में 55 नई गाड़ियां पहुंचेगी। जिनमेें 6 इनोवा और 49 बोलेरो होंगी। हर गाड़ी में दो लोग 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। जीपीआरएस सिस्टम से लैस गाड़ियों के भीतर येलो टेप, हथियार, टार्च, लाठी आदि सभी सामान 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
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इस पुलिस का ला एंड आर्डर से कोई मतलब नहीं होगा। मौके पर पहुंची पुलिस लखनऊ को हालात की जानकारी देगी और वहीं से अधिकारियों को कार्रवाई को लेकर निर्देश मिलेंगे। जिले में पूरी योजना के नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय रहेंगे और 100 नंबर के जिले के प्रभारी अजय पाल गौतम रहेंगे। विदेशों की तर्ज पर जल्दी ही यूपी पुलिस सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी।
युद्ध स्तर पर जारी है काम
डायल-100 के लिए पुलिस द्वारा शहर की मुख्य जगहों और गांवों के नामों को अपलोड किया जा रहा है। जियोग्राफिकल इनफॉरमेशन सिस्टम का एप पुलिस के मोबाइल में डाला जा रहा है। सिस्टम के तहत पीड़ित को लखनऊ फोन करने के दौरान घटनास्थल की जगह बतानी है, जैसे ही वह जगह बताएगा तुरंत सिस्टम जगह के सबसे नजदीक खड़ी गाड़ी को सूचित कर देगा और 15 से 20 मिनट के बीच पुलिस मौके पर होगी। इसके लिए पुलिस इस समय शहर के बैंक, स्कूल, चौराहे, गांव, सड़क, सिनेमाहाल और मशहूर जगहों के नामों का डाटा तैयार कर रही है।
पुलिस को मिलेगी क्राइम कंट्रोल करने में मदद
प्रदेश सरकार की डायल-100 योजना से जिला पुलिस को क्राइम कंट्रोल करने में बड़ी सहायता मिलेगी। जिले के 21 थानों में वैसे तो पहले से ही गाड़ियां उपलब्ध है, लेकिन 55 गाड़ियां और मिलने से पुलिस को अपराध रोकने में बड़ी सहायता मिलेंगी। हाईवे, लिंक मार्गों, संवेदनशील जगहों और गांवों के आसपास जरा सी हरकत होते ही मिनटों में पुलिस पहुंचेगी तो अपने आप ही घटनाओं में कमी आ जाएगी।
24 घंटे गाड़ियां जिले की सड़कों पर घूमेंगी, ऐसे में लूट जैसे घटनाओं के रुकने की संभावना नजर आ रही हैं। रात में हाईवे पर होने वाली घटनाओं में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। एक्सीडेंट होने पर पुलिस सहायता जल्दी मिलेगी। बवाल, जाम, हंगामे आदि मामलों में समय से सूचना मिलने पर पुलिस इन पर जल्दी काबू पाने में कामयाब रहेगी।