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पुलिस सख्त, फिर भी उड़ रही आचार संहिता की धज्जियां

Mon, 07 Feb 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 12:03 AM IST
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Police strict, still flouting the code of conduct flying
मुजफ्फरनगर। जिले में चुनाव आचार संहिता लागू है। आचार संहिता का पालन कराने के लिए पुलिस हो या फिर प्रशासन। सख्त कदम उठा रहा है। आए दिन चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जा रहे है, बावजूद इसके नेताओं पर कोई फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा। बल्कि विभिन्न कृत्य कर आचार संहिता का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
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इनके खिलाफ हुए मुकदमे दर्ज
- शहर कोतवाली में शहर विधानसभा सीट के आइआइएम प्रत्याशी इंतजार पर मुकदमा।
- शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर सभा करने पर मुकदमा।
- पुरकाजी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद उटवाल व समर्थकों पर बैठक करने पर मुकदमा।
- बुढ़ाना कोतवाली में बुढ़ाना में भाजपा प्रत्याशी उमेश मलिक पर मुकदमा।
- मीरापुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रशांत गुर्जर पर मीरापुर थाने में मुकदमा।
- चरथावल विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी सलमान सईद पर चरथावल थाने में मुकदमा।
- राकेश शर्मा का टिकट कटने के विरोध में पुतला फूंकने पर सपा नेता व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- मीरापुर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी सालिम और समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- छपार थाने में पुरकाजी विधानसभा सीट से आजाद समाज पार्टी की प्रत्याशी पूर्व मंत्री उमा किरण व समर्थकों पर मुकदमा दर्ज।
- खतौली कोतवाली में खतौली विधानसभा सीट से प्रत्याशी बसपा प्रत्याशी करतार सिंह भड़ाना व समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
यह है प्रावधान
- आइपीसी की धारा 188- एक माह की सजा व दो सौ रुपये तक जुर्माना
- आइपीसी की धारा 269 - उपेक्षा से जानबूझ कर ऐसा कार्य करना जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोग का संक्रमण फैलना संभव हो। इसमें छह माह की सजा या जुर्माना अथवा दोनों
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- आइपीसी की धारा 270- जानते बूझते हुए ऐसा कार्य जिससे संकट पूर्ण किसी रोग का संक्रमण फैलना संभव हो। दो साल की सजा या जुर्माना, या दोनों। सभी अपराध जमानती है।
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- आइपीसी 188- निषेधाज्ञा का उल्लंघन, बिना परमिशन के बैठक या जूलूस निकालना। अथवा बिना अनुमति एकत्रित होना।
- महामारी अधिनियम की धारा 3- एक से तीन साल की सजा या जुर्माना।
इसलिए होता है उल्लंघन
कानून के जानकारों का कहना है कि आचार संहिता का उल्लंघन इसलिए होता है, क्योंकि इन धाराओं में सजाए कम है और जमानती अपराध है। धाराओं में सजा बढ़ाई जाए और गैर जमानतीय किया जाए। तब कहीं आचार संहिता के उल्लंघन पर रोक लग सकती है।
चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।-अभिषेक यादव, एसएसपी।
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