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छात्रा प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में
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छात्रा प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में
मुजफ्फरनगर। पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरेे में है। पुलिस यदि समय रहते कार्रवाई करती तो छात्रा की जान बच सकती थी। करीब चार माह पूर्व छात्रा को ब्लैकमेल कर प्रेमी व उसके दोस्तों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। गंभीर वारदात की नामजद तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई न कर समझौता करा दिया था।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी छात्रा ने मंगलवार शाम पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट छोड़कर प्रेमी तुषार व उसके दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर प्रेमी तुषार को जेल भेज दिया। प्रेमी को जेल भेजने के बावजूद मामले में नई मंडी थाना पुलिस गंभीर आरोपों के घेरे में है। दरअसल, सितंबर माह में छात्रा के साथ प्रेमी तुषार ने अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसकी नामजद तहरीर 11 सितंबर 2020 को पीड़ित पिता ने आरोपी प्रेमी तुषार व उसके तीन दोस्तों के खिलाफ दी थी। परिजनों का आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म की नामजद तहरीर देने के बावजूद चौकी गांधीनगर पुलिस ने मामले में किसी तरह की कार्रवाई न कर दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाकर फैसला करा दिया था। फैसला होने के बावजूद आरोपी प्रेमी व उसके तीनों दोस्त लगातार छात्रा को ब्लैकमेल कर उस पर अनैतिक संबंध जारी रखने का दबाव बनाते रहे। इससे आजिज आकर आखिरकार मंगलवार शाम छात्रा ने पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस सितंबर माह में दी गई तहरीर पर ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर देती तो आज उनकी बेटी परिवार के साथ होती।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि पूर्व में दी गई तहरीर पर छात्रा के परिजनों ने खुद ही गांधीनगर चौकी पहुंचकर समझौता कर लिया था। छात्रा के सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरेे में है। पुलिस यदि समय रहते कार्रवाई करती तो छात्रा की जान बच सकती थी। करीब चार माह पूर्व छात्रा को ब्लैकमेल कर प्रेमी व उसके दोस्तों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। गंभीर वारदात की नामजद तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई न कर समझौता करा दिया था।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी छात्रा ने मंगलवार शाम पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट छोड़कर प्रेमी तुषार व उसके दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर प्रेमी तुषार को जेल भेज दिया। प्रेमी को जेल भेजने के बावजूद मामले में नई मंडी थाना पुलिस गंभीर आरोपों के घेरे में है। दरअसल, सितंबर माह में छात्रा के साथ प्रेमी तुषार ने अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसकी नामजद तहरीर 11 सितंबर 2020 को पीड़ित पिता ने आरोपी प्रेमी तुषार व उसके तीन दोस्तों के खिलाफ दी थी। परिजनों का आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म की नामजद तहरीर देने के बावजूद चौकी गांधीनगर पुलिस ने मामले में किसी तरह की कार्रवाई न कर दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाकर फैसला करा दिया था। फैसला होने के बावजूद आरोपी प्रेमी व उसके तीनों दोस्त लगातार छात्रा को ब्लैकमेल कर उस पर अनैतिक संबंध जारी रखने का दबाव बनाते रहे। इससे आजिज आकर आखिरकार मंगलवार शाम छात्रा ने पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस सितंबर माह में दी गई तहरीर पर ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर देती तो आज उनकी बेटी परिवार के साथ होती।
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एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि पूर्व में दी गई तहरीर पर छात्रा के परिजनों ने खुद ही गांधीनगर चौकी पहुंचकर समझौता कर लिया था। छात्रा के सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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