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साल्हाखेड़ी में महिला सिपाही को दी अंतिम विदाई
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मुजफ्फरनगर के साल्हाखेड़ी में महिला सिपाही मेघा चौधरी को सलाती देते पुलिसकर्मी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
साल्हाखेड़ी में महिला सिपाही को दी अंतिम विदाई
तितावी (मुजफ्फरनगर)। अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में रविवार रात महिला सिपाही की हत्या से उसके पैतृक गांव साल्हाखेड़ी में शोक व्याप्त है। शाम को पीड़ित परिजन शव लेकर गांव लौटे। बाद में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। विभाग की ओर से पुलिसकर्मियों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
तितावी क्षेत्र के गांव साल्हाखेड़ी निवासी किसान सवेंद्र चौधरी की छोटी बेटी मेघा चौधरी (22) वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर नियुक्त हुई थी। करीब सात माह से वह गजरौला थाने में तैनात थी। वहीं पर, मोहल्ला अवंतिका नगर निवासी कांस्टेबल नरेंद्र कुमार के मकान में किराए पर रहती थी। रविवार शाम डायल-112 में तैनात सिपाही मनोज ने मेघा चौधरी को उसके घर पहुंचकर गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली थी। रविवार देर रात ही मेघा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उसकी हत्या की सूचना मिलते ही साल्हाखेड़ी में उसके परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही पिता सवेंद्र, मां अनीता और बड़ा भाई सागर अन्य परिजनों के साथ अमरोहा गए। सोमवार शाम मुरादाबाद में पोस्टमार्टम के बाद परिजन मेघा का शव लेकर गांव लौटे तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक उठे। इसके बाद, मेघा का शव गांव के श्मशान घाट ले जाया गया। यहां पुलिसकर्मियों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी। उसके भाई सागर चौधरी ने शव को मुखाग्नि दी।
एक माह पूर्व छुट्टी पर घर आई थी मेघा
तितावी। गांव साल्हाखेड़ी निवासी मेघा चौधरी करीब एक माह पूर्व गजरौला थाने से पांच दिन की छुट्टी पर घर आई थी। छुट्टी पूरी होने के बाद मेघा गजरौला लौट गई थी। इसके बाद से उसकी लगातार परिजनों से मोबाइल पर बात होती रहती थी।
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तितावी (मुजफ्फरनगर)। अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में रविवार रात महिला सिपाही की हत्या से उसके पैतृक गांव साल्हाखेड़ी में शोक व्याप्त है। शाम को पीड़ित परिजन शव लेकर गांव लौटे। बाद में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। विभाग की ओर से पुलिसकर्मियों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
तितावी क्षेत्र के गांव साल्हाखेड़ी निवासी किसान सवेंद्र चौधरी की छोटी बेटी मेघा चौधरी (22) वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर नियुक्त हुई थी। करीब सात माह से वह गजरौला थाने में तैनात थी। वहीं पर, मोहल्ला अवंतिका नगर निवासी कांस्टेबल नरेंद्र कुमार के मकान में किराए पर रहती थी। रविवार शाम डायल-112 में तैनात सिपाही मनोज ने मेघा चौधरी को उसके घर पहुंचकर गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली थी। रविवार देर रात ही मेघा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उसकी हत्या की सूचना मिलते ही साल्हाखेड़ी में उसके परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही पिता सवेंद्र, मां अनीता और बड़ा भाई सागर अन्य परिजनों के साथ अमरोहा गए। सोमवार शाम मुरादाबाद में पोस्टमार्टम के बाद परिजन मेघा का शव लेकर गांव लौटे तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक उठे। इसके बाद, मेघा का शव गांव के श्मशान घाट ले जाया गया। यहां पुलिसकर्मियों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी। उसके भाई सागर चौधरी ने शव को मुखाग्नि दी।
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एक माह पूर्व छुट्टी पर घर आई थी मेघा
तितावी। गांव साल्हाखेड़ी निवासी मेघा चौधरी करीब एक माह पूर्व गजरौला थाने से पांच दिन की छुट्टी पर घर आई थी। छुट्टी पूरी होने के बाद मेघा गजरौला लौट गई थी। इसके बाद से उसकी लगातार परिजनों से मोबाइल पर बात होती रहती थी।
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