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खेतों में खड़े पिलर, हवा में हाईवे का चौड़ीकरण
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परियोजना वाली खबर का फोटो- शहर के पीनना गांव से होकर जाता पानीपत-ख्टीमा राजमार्ग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खेतों में खड़े पिलर, हवा में हाईवे का चौड़ीकरण
मुजफ्फरनगर। पानीपत-खटीमा हाईवे के चौड़ीकरण करने का दावा हवा हवाई साबित हो गया। शिलान्यास के एक साल बाद भी एक इंच भी काम आगे नहीं बढ़ सका। चौड़ीकरण करने के लिए न तो भूमि का अधिग्रहण हो सका न ही किसानों को मिलने वाले मुआवजे के बारे में जानकारी है। एक साल से किनारे के खेतों में खड़े पिलर लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिला मुख्यालय पर जनसभा कर पानीपत-खटीमा वाया शामली, मुजफ्फरनगर, जानसठ, बिजनौर हाईवे के चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया था। 3500 करोड़ के इस काम के लिए 2491 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल गई थी। दावा किया गया था कि दो साल में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। निर्माण के पांच वर्ष बाद तक कार्यदायी संस्था को ही रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके बावजूद अभी काम शुरू नहीं हुआ। जागाहेड़ी के किसान परवेंद्र, ब्रह्मपाल, बालकिशन, महेंद्र, ऋषिपाल, सैदपुरा के अहसान, गोपाल एवं भारत आदि का कहना है कि उनकी जमीन में पिलर लगा दिए गए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। न ही उनसे किसी ने जमीन के संबंध में बात की है।
79 गांवों की 364 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
पानीपत-खटीमा हाईवे के चौड़ीकरण में 79 गांवों की 364 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसमें 32.38 हेक्टेयर भूमि सरकारी और 332.38 हेक्टेयर गैर सरकारी है। 129 किलोमीटर लंबे हाईवे पर 42 ओवरब्रिज तथा 44 अंडरपास प्रस्तावित हैं।
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इन दिनों बदहाल है हाईवे
पानीपत-खटीमा हाईवे इन दिनों बदहाल स्थिति में है। हरियाणा, पंजाब का भारी ट्रैफिक इस मार्ग से गुजरता है। एक साल पहले हाईवे के गड्ढे भरने का काम हुआ था, लेकिन बीते करीब तीन-चार माह से सड़क की हालत फिर खराब हो गई है। मुजफ्फरनगर से जानसठ तक हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया है। 27 जनवरी को मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा के समय पर कुछ स्थानों पर गड्ढे भरवाए भी गए थे।
इन्होंने कहा...
अवार्ड बन रहे हैं। एक माह में किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। कुछ दिन बाद हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
- आलोक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
पहले लोकसभा चुनाव तथा बाद में पर्यावरण अनापत्ति लेने में समय लग गया। बड़ा प्रोजेक्ट है। टेंडर हो चुके हैं। नोटिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
- डा. संजीव बालियान, केंद्रीय राज्यमंत्री।
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मुजफ्फरनगर। पानीपत-खटीमा हाईवे के चौड़ीकरण करने का दावा हवा हवाई साबित हो गया। शिलान्यास के एक साल बाद भी एक इंच भी काम आगे नहीं बढ़ सका। चौड़ीकरण करने के लिए न तो भूमि का अधिग्रहण हो सका न ही किसानों को मिलने वाले मुआवजे के बारे में जानकारी है। एक साल से किनारे के खेतों में खड़े पिलर लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिला मुख्यालय पर जनसभा कर पानीपत-खटीमा वाया शामली, मुजफ्फरनगर, जानसठ, बिजनौर हाईवे के चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया था। 3500 करोड़ के इस काम के लिए 2491 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल गई थी। दावा किया गया था कि दो साल में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। निर्माण के पांच वर्ष बाद तक कार्यदायी संस्था को ही रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके बावजूद अभी काम शुरू नहीं हुआ। जागाहेड़ी के किसान परवेंद्र, ब्रह्मपाल, बालकिशन, महेंद्र, ऋषिपाल, सैदपुरा के अहसान, गोपाल एवं भारत आदि का कहना है कि उनकी जमीन में पिलर लगा दिए गए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। न ही उनसे किसी ने जमीन के संबंध में बात की है।
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79 गांवों की 364 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
पानीपत-खटीमा हाईवे के चौड़ीकरण में 79 गांवों की 364 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसमें 32.38 हेक्टेयर भूमि सरकारी और 332.38 हेक्टेयर गैर सरकारी है। 129 किलोमीटर लंबे हाईवे पर 42 ओवरब्रिज तथा 44 अंडरपास प्रस्तावित हैं।
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इन दिनों बदहाल है हाईवे
पानीपत-खटीमा हाईवे इन दिनों बदहाल स्थिति में है। हरियाणा, पंजाब का भारी ट्रैफिक इस मार्ग से गुजरता है। एक साल पहले हाईवे के गड्ढे भरने का काम हुआ था, लेकिन बीते करीब तीन-चार माह से सड़क की हालत फिर खराब हो गई है। मुजफ्फरनगर से जानसठ तक हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया है। 27 जनवरी को मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा के समय पर कुछ स्थानों पर गड्ढे भरवाए भी गए थे।
इन्होंने कहा...
अवार्ड बन रहे हैं। एक माह में किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। कुछ दिन बाद हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
- आलोक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
पहले लोकसभा चुनाव तथा बाद में पर्यावरण अनापत्ति लेने में समय लग गया। बड़ा प्रोजेक्ट है। टेंडर हो चुके हैं। नोटिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
- डा. संजीव बालियान, केंद्रीय राज्यमंत्री।