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बीमारी के साथ कच्चे मकान में पल रहा परिवार

Fri, 17 Jan 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 11:51 PM IST
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People living in raw houses in village Chaurawala
ककरौली के गांव चौरावाला में कच्चा मकान दिखाती महिला। - फोटो : KHATAULI
ककरौली। एक महिला कई साल से अपने बीमार पति और तीन छोटे बच्चों के साथ एक छोटे से कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। ग्राम प्रधान और अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उसका मकान बनवाना तो दूर आर्थिक मदद भी नहीं हो सकी है।
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गांव चौरावाला निवासी महिला बृजबाला ने बताया कि उसके पति तीन साल से बीमारी से जूझ रहे हैं। वह कक्षा 12 तक पढ़ी लिखी है और घर पर ही गांव के ही कुछ बच्चों को 50 रुपये महीना ट्यूशन पढ़ाती है। जिससे उसे अपने बीमार पति का इलाज भी कराना होता है। छोटे तीन बच्चों बेटी सिद्धि, शगुन व बेटा सक्षम को पाल रही है। जब भी बारिश होती है, तो उनके कच्चे मकान की छत से पानी टपक करके घर में बहने लगता है। जिसकी वजह से उसको काफी परेशानी होती है। इस स्थिति में बीमारी होने व संक्रमण फैलने का खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। महिला बृजबाला अपना पक्का मकान बनवाने को लेकर प्रधान व अधिकारियों से भी मिली, लेकिन उसे झूठा आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। बाबूराम, सुमित, बबलू, ऋषिपाल, नरेश, मुनेश, भूरा, सचिन व पूर्व प्रधान दलसिंह आदि ग्रामीणों ने पीड़ित महिला को जानसठ एसडीएम को ज्ञापन देकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। वहीं गांव चौरावाला निवासी 40 वर्षीय नूरती ने बताया कि वह काफी साल से एक छोटे से कच्चे मकान में चार बच्चों के साथ रहती है। 11 साल पहले बीमारी के चलते उसके पति की मौत हो गई थी। महिला अपना मकान बनवाने के लिए ग्राम प्रधानों, सचिव व अधिकारियों के दफ्तरों के काफी चक्कर काट चुकी है, लेकिन उसे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने जानसठ एसडीएम से महिला को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
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पक्के मकान के निर्माण के लिए एडीओ ने जांच पड़ताल की थी। जांच में बृजबाला को अपात्र और नूरती को पात्र बताया था। सर्वे रिपोर्ट की लिस्ट में भी नूरती का नाम शामिल है। फिलहाल दो साल से गांव में मकानों के निर्माण की योजना बंद है। योजना शुरू होते ही नूरती का मकान बनवाया जाएगा। - भहरोज, प्रधान गांव चौरावाला
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गांव चौरावाला में जिन गरीब परिवारों के पक्के मकानों का निर्माण नहीं हुआ है। इसकी जांच पड़ताल कराई जाएगी। सरकार की योजना के तहत पात्र ग्रामीणों के पक्के मकान अवश्य बनेंगे। - कुलदीप मीणा, एसडीएम
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