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तीन मिनट में पास, 32
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जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अपर मुख्य अधिकारी डा. नूतन शर्मा एजेंडा पेश करते हुए।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
तीन मिनट में 328 करोड़ के प्रस्ताव पास
मुजफ्फरनगर। जिले के विकास का खाका तैयार करने वाली जिला योजना को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बिना चर्चा के ही पास कर दिया गया। मात्र तीन मिनट में 328.36 करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। सदस्यों ने प्रस्तावों को सुनना तक उचित नहीं समझा। प्रस्ताव पास होते ही मात्र पांच मिनट के भीतर बैठक खत्म होने की घोषणा कर दी गई।
शनिवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जिला योजना का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल ने 1.25 बजे बैठक शुरू करने की अनुमति दी, तो अपर मुख्य अधिकारी डा. नूतन शर्मा ने एजेंडे के बिंदु पढ़ने शुरू किए। बीते वर्ष के संशोधित बजट का अनुमोदन मनरेगा के तहत 23.75 करोड़ के परिव्यय एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 135 सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव को सुनते ही सदस्यों ने मंजूरी दे दी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए तैयार की गई 328.36 करोड़ रुपये की जिला योजना को सदस्यों ने बिना किसी चर्चा के ही स्वीकृति दे दी। मात्र तीन मिनट में सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए और पांच मिनट के भीतर ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी। अब 29 जनवरी को प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में जिला योजना का अनुमोदन किया जाएगा। बैठक में डीईएसटीओ अशोक कुमार, पीडी डीआरडीए जय सिंह यादव, बीईओ योगेश शर्मा समेत जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
295 में से मिले मात्र 54 करोड़ रुपये
जिला स्तर पर तैयार होने वाली जिला योजना औपचारिकता मात्र रह गई है। 2019-20 के लिए 295 करोड़ की जिला योजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी, लेकिन इसमें से मात्र 54 करोड़ रुपये ही मिल पाए, जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है। कई विभाग तो ऐसे हैं जिन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। इनमें जिला उद्यान, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई व रामगंगा कमांड, भूमि सुधार, सामुदायिक विकास, नेडा, रेशम, सड़क एवं पुल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, खेलकूद, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा, आईटीआई शिल्पकार प्रशिक्षण, पूल्ड आवास, ग्रामीण पेयजल एवं कार्यक्रम विभाग को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।
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बीते दो वर्षों की जिला योजना का हाल
वित्तीय वर्ष अनुमोदित खर्च धनराशि (करोड़ रुपये में)
2018-19 291.06 92.49
2019-20 295.16 54.98
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मुजफ्फरनगर। जिले के विकास का खाका तैयार करने वाली जिला योजना को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बिना चर्चा के ही पास कर दिया गया। मात्र तीन मिनट में 328.36 करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। सदस्यों ने प्रस्तावों को सुनना तक उचित नहीं समझा। प्रस्ताव पास होते ही मात्र पांच मिनट के भीतर बैठक खत्म होने की घोषणा कर दी गई।
शनिवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जिला योजना का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल ने 1.25 बजे बैठक शुरू करने की अनुमति दी, तो अपर मुख्य अधिकारी डा. नूतन शर्मा ने एजेंडे के बिंदु पढ़ने शुरू किए। बीते वर्ष के संशोधित बजट का अनुमोदन मनरेगा के तहत 23.75 करोड़ के परिव्यय एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 135 सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव को सुनते ही सदस्यों ने मंजूरी दे दी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए तैयार की गई 328.36 करोड़ रुपये की जिला योजना को सदस्यों ने बिना किसी चर्चा के ही स्वीकृति दे दी। मात्र तीन मिनट में सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए और पांच मिनट के भीतर ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी। अब 29 जनवरी को प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में जिला योजना का अनुमोदन किया जाएगा। बैठक में डीईएसटीओ अशोक कुमार, पीडी डीआरडीए जय सिंह यादव, बीईओ योगेश शर्मा समेत जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
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295 में से मिले मात्र 54 करोड़ रुपये
जिला स्तर पर तैयार होने वाली जिला योजना औपचारिकता मात्र रह गई है। 2019-20 के लिए 295 करोड़ की जिला योजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी, लेकिन इसमें से मात्र 54 करोड़ रुपये ही मिल पाए, जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है। कई विभाग तो ऐसे हैं जिन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। इनमें जिला उद्यान, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई व रामगंगा कमांड, भूमि सुधार, सामुदायिक विकास, नेडा, रेशम, सड़क एवं पुल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, खेलकूद, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा, आईटीआई शिल्पकार प्रशिक्षण, पूल्ड आवास, ग्रामीण पेयजल एवं कार्यक्रम विभाग को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।
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बीते दो वर्षों की जिला योजना का हाल
वित्तीय वर्ष अनुमोदित खर्च धनराशि (करोड़ रुपये में)
2018-19 291.06 92.49
2019-20 295.16 54.98

जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में मौजूद सदस्य।- फोटो : MUZAFFARNAGAR