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Muzaffarnagar News: नावला के रहने वाले हैं पराग जैन, कानपुर में बस गया परिवार
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पराग जैन को खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग का प्रमुख नियुक्त किया। मूल रूप से वह मंसूरपुर क्षेत्र के नावला गांव के रहने वाले हैं। बाद में उनका परिवार कानपुर में जाकर बस गया।
पंजाब कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी पराग जैन एक जुलाई को दो साल के लिए नई जिम्मेदारी संभालेंगे। नावला गांव के प्रतिष्ठित परिवार से उनका जुड़ाव है, उनके पिता वीरेंद्र कुमार जैन सरकारी नौकरी में कार्यरत रहे।
कानपुर में पोस्टिंग के कारण परिवार वहीं पर जाकर बस गया। बड़े बेटे पराग जैन की शिक्षा भी वहीं पर हुई, लेकिन गांव में उनका लगातार आना-जाना लगा रहा। बाद में वह आईपीएस बन गए और उन्हें पंजाब कैडर मिला।
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नई नियुक्ति की जानकारी मिलते ही शहर में रह रहे परिवार के सदस्य सतीश जैन, आशीष जैन, विप्लव जैन ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नावला गांव के परिवार के लिए यह बेहद गौरवशाली पल है, उनके पिता वीरेंद्र कुमार जैन ने भी खुशी जताई है।
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इनसेट
23 साल पहले आए थे वहलना
आईपीएस पराग जैन अतिशय क्षेत्र वहलना के कार्यक्रम में करीब 23 साल पहले आए थे, तब उनका भव्य स्वागत समाज के लोगों ने किया था।
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इनसेट
वीर बेटे की बहादुरी पर परिवार को नाज
परिवार के सतीश जैन कहते हैं कि पराग जैन की बहादुरी पर नाज है। भटिंडा, मानसा, होशियारपुर में आतंकवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने और ऑपरेशन बालाकोट के दौरान जम्मू-कश्मीर में भी काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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पंजाब कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी पराग जैन एक जुलाई को दो साल के लिए नई जिम्मेदारी संभालेंगे। नावला गांव के प्रतिष्ठित परिवार से उनका जुड़ाव है, उनके पिता वीरेंद्र कुमार जैन सरकारी नौकरी में कार्यरत रहे।
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कानपुर में पोस्टिंग के कारण परिवार वहीं पर जाकर बस गया। बड़े बेटे पराग जैन की शिक्षा भी वहीं पर हुई, लेकिन गांव में उनका लगातार आना-जाना लगा रहा। बाद में वह आईपीएस बन गए और उन्हें पंजाब कैडर मिला।
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नई नियुक्ति की जानकारी मिलते ही शहर में रह रहे परिवार के सदस्य सतीश जैन, आशीष जैन, विप्लव जैन ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नावला गांव के परिवार के लिए यह बेहद गौरवशाली पल है, उनके पिता वीरेंद्र कुमार जैन ने भी खुशी जताई है।
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23 साल पहले आए थे वहलना
आईपीएस पराग जैन अतिशय क्षेत्र वहलना के कार्यक्रम में करीब 23 साल पहले आए थे, तब उनका भव्य स्वागत समाज के लोगों ने किया था।
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वीर बेटे की बहादुरी पर परिवार को नाज
परिवार के सतीश जैन कहते हैं कि पराग जैन की बहादुरी पर नाज है। भटिंडा, मानसा, होशियारपुर में आतंकवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने और ऑपरेशन बालाकोट के दौरान जम्मू-कश्मीर में भी काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।