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रथेड़ी में नहीं हो पाई दलितों की पंचायत, सुबह से ही पुलिस बल तैनात
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:13 AM IST
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कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे दलित समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर के दलित समाज के पक्ष में रथेड़ी में की जाने वाली पंचायत प्रशासन की सख्ती के चलते नहीं हो पाई। अफसरों ने आयोजन स्थल के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। पुलिस ने शक के चलते कई लोगों को सुबह से ही हिरासत में ले लिया था। एसपी सिटी ने पूरे दिन मामले की कमान थामे रखी। शाम तक किसी के नहीं आने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच जातीय हिंसा हो गई थी। शासन की जांच में संघर्ष के पीछे भीम आर्मी का नाम सामने आया था। एलआईयू विभाग ने जांच में जनपद में भीम आर्मी की सक्रियता को नकारते हुए अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। गत सप्ताह चंद्रशेखर को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया तो दलित समाज के लोगों ने चरथावल थाने पर प्रदर्शन कर भीम आर्मी की उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रदर्शन किया था।
इससे पूर्व शुक्रताल गंगा स्नान मेले में शिविर लगाकर भीम आर्मी के नाम से चंदा वसूली करने वाले तीन युवकों को भोपा पुलिस ने जेल भेज दिया था। अफसरों ने मामले की जांच की तो पता चला कि 14 जून को नई मंडी कोतवाली के रथेड़ी बाईपास पर और 18 जून को उत्तराखंड के मंगलौर में दलित समाज की पंचायत आयोजित करने की तैयारी चल रही है। बुधवार को पंचायत को रोकने के लिए रथेड़ी बाईपास पर सुबह से ही मंडी सीओ मणीलान पाटीदार पुलिस और पीएसी के साथ रथेड़ी पशु पैठ मैदान पर पहुंच गए थे।
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पुलिस ने पूरे मैदान को अपने घेरे में ले लिया था । एसपी सिटी ओमवीर सिंह पल-पल की जानकारी ले रहे थे। मैदान स्वामी को पुलिस ने बुलवाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ लोग एक दो दिन पहले आए थे, लेकिन उसने कार्यक्रम के लिए जगह देने से इंकार कर दिया था। बाईपास पर पुलिस सुबह से शाम तक भीड़ की तलाश करती रही। देर शाम तक भीड़ नहीं पहुंचने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
ट्रैक्टर और छोटे हाथी पर थी नजरें
मुजफ्फरनगर। पंचायत रोकने के लिए अफसरों ने कड़े बंदोबस्त किए थे। इसके लिए सभी थानों को सुबह ही निर्देश दे दिए गए थे। पुलिस को बताया गया था कि ट्रैक्टर-ट्रालियों तथा छोटे हाथी टैंपों में शहर की ओर आने वाली भीड़ को प्रभारी निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में रोकेंगे। वाहनों पर लगे बैनरों को जब्त कर भीड़ को वापस भेजा जाएगा।
चरथावल थाने पर थी निगाह
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर के जातीय संघर्ष के बाद चरथावल के चार युवकों के दलितों को उकसाने में नाम सामने आए थे। रथेड़ी पंचायत को रोकने के लिए प्रशासन ने चरथावल निवासी युवक को सुबह ही थाने बुलवाकर पंचायत के बारे जानकारी ली। युवक द्वारा अपने किसी भी तरह के संबंधों से इंकार करने पर पुलिस ने उसे कुछ देर बैठाकर जाने दिया।
दलित एकता मंच पीएम के नाम डीएम को ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भारतीय दलित एकता मंच ने शब्बीरपुर गांव के घायल दलितों को दस-दस लाख का मुआवजा देने की मांग की है। मृतक के परिवार को 20 लाख देने की मांग की। प्रधानमंत्री के नाम डीएम को दिए ज्ञापन में मंच ने कहा कि शब्बीरपुर में जातीय संघर्ष में गंभीर घायलों को दस-दस लाख दिया जाना चाहिए। मृतक के परिवार को बीस लाख की मदद की जाए।
जिनके घर जले हैं, उन्हें सात-सात लाख की सहायता दी जाए। दलितों का उत्पीड़न रोका जाए। दलितों पर हो रही एक पक्षीय कार्रवाई पर अंकुश लगाएं। भीम आर्मी के चंद्रशेखर की रिहाई की जाए। एससी की महिला यदि किसी अन्य जाति के व्यक्ति से शादी करती है तो उसको एससी के अधिकारों से वंचित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में शोभाराम आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच जातीय हिंसा हो गई थी। शासन की जांच में संघर्ष के पीछे भीम आर्मी का नाम सामने आया था। एलआईयू विभाग ने जांच में जनपद में भीम आर्मी की सक्रियता को नकारते हुए अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। गत सप्ताह चंद्रशेखर को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया तो दलित समाज के लोगों ने चरथावल थाने पर प्रदर्शन कर भीम आर्मी की उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रदर्शन किया था।
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इससे पूर्व शुक्रताल गंगा स्नान मेले में शिविर लगाकर भीम आर्मी के नाम से चंदा वसूली करने वाले तीन युवकों को भोपा पुलिस ने जेल भेज दिया था। अफसरों ने मामले की जांच की तो पता चला कि 14 जून को नई मंडी कोतवाली के रथेड़ी बाईपास पर और 18 जून को उत्तराखंड के मंगलौर में दलित समाज की पंचायत आयोजित करने की तैयारी चल रही है। बुधवार को पंचायत को रोकने के लिए रथेड़ी बाईपास पर सुबह से ही मंडी सीओ मणीलान पाटीदार पुलिस और पीएसी के साथ रथेड़ी पशु पैठ मैदान पर पहुंच गए थे।
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पुलिस ने पूरे मैदान को अपने घेरे में ले लिया था । एसपी सिटी ओमवीर सिंह पल-पल की जानकारी ले रहे थे। मैदान स्वामी को पुलिस ने बुलवाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ लोग एक दो दिन पहले आए थे, लेकिन उसने कार्यक्रम के लिए जगह देने से इंकार कर दिया था। बाईपास पर पुलिस सुबह से शाम तक भीड़ की तलाश करती रही। देर शाम तक भीड़ नहीं पहुंचने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
ट्रैक्टर और छोटे हाथी पर थी नजरें
मुजफ्फरनगर। पंचायत रोकने के लिए अफसरों ने कड़े बंदोबस्त किए थे। इसके लिए सभी थानों को सुबह ही निर्देश दे दिए गए थे। पुलिस को बताया गया था कि ट्रैक्टर-ट्रालियों तथा छोटे हाथी टैंपों में शहर की ओर आने वाली भीड़ को प्रभारी निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में रोकेंगे। वाहनों पर लगे बैनरों को जब्त कर भीड़ को वापस भेजा जाएगा।
चरथावल थाने पर थी निगाह
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर के जातीय संघर्ष के बाद चरथावल के चार युवकों के दलितों को उकसाने में नाम सामने आए थे। रथेड़ी पंचायत को रोकने के लिए प्रशासन ने चरथावल निवासी युवक को सुबह ही थाने बुलवाकर पंचायत के बारे जानकारी ली। युवक द्वारा अपने किसी भी तरह के संबंधों से इंकार करने पर पुलिस ने उसे कुछ देर बैठाकर जाने दिया।
दलित एकता मंच पीएम के नाम डीएम को ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भारतीय दलित एकता मंच ने शब्बीरपुर गांव के घायल दलितों को दस-दस लाख का मुआवजा देने की मांग की है। मृतक के परिवार को 20 लाख देने की मांग की। प्रधानमंत्री के नाम डीएम को दिए ज्ञापन में मंच ने कहा कि शब्बीरपुर में जातीय संघर्ष में गंभीर घायलों को दस-दस लाख दिया जाना चाहिए। मृतक के परिवार को बीस लाख की मदद की जाए।
जिनके घर जले हैं, उन्हें सात-सात लाख की सहायता दी जाए। दलितों का उत्पीड़न रोका जाए। दलितों पर हो रही एक पक्षीय कार्रवाई पर अंकुश लगाएं। भीम आर्मी के चंद्रशेखर की रिहाई की जाए। एससी की महिला यदि किसी अन्य जाति के व्यक्ति से शादी करती है तो उसको एससी के अधिकारों से वंचित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में शोभाराम आदि मौजूद रहे।