{"_id":"618180f3700d046b074bd3b4","slug":"paddy-has-been-procured-from-258-farmers-in-the-district-so-far-muzaffarnagar-news-mrt5634130151","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में अब तक 258 किसानों से हुई धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में अब तक 258 किसानों से हुई धान खरीद
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के नवीन मंडी स्थल में सरकारी क्रय केद्र पर धान की बोरे को रखता कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में अब तक 258 किसानों से हुई धान खरीद
मुजफ्फरनगर। जिले में अब तक 258 किसानों से धान खरीद हो चुकी है। इन किसानों से एक करोड़ 93 लाख का धान खरीदा गया है। बारिश के बाद जो धान खराब हुआ है उसे सरकार नहीं खरीदेगी। ऐसे धान को वापिस किया जा रहा है।
जिले में दस हजार 500 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। धान की अधिकतम उपज गंगा खादर के इलाके में होती है। बारिश के बाद धान की जो फसल खराब हुई है उसे बेचने को लेकर किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सरकार ने खराब धान खरीदने से मना कर दिया है। जिले में अब तक मोरना क्रय केंद्र पर एक किसान को वापिस लौटाया गया है। धान का क्षेत्रफल कम होने के कारण यहां अधिक बड़ी समस्या नहीं है। जिले में नौ केंद्र हैं जिसमें एक मुजफ्फरनगर, एक पुरकाजी, एक मोरना, एक जानसठ, एक चरथावल, एक खतौली, एक सिखरेडा, एक रामराज में बनाया गया है। 4200 मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 258 किसानों से एक करोड़ 93 लाख 93 हजार का धान खरीदा गया है। किसानों के खातों में एक करोड़ 27 लाख का भुगतान किसानों को हो चुका है।
खराब धान नहीं खरीद सकते
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि जिले में अब तक एक किसान का धान की मानक के अनुसार नहीं मिला है, जिसे खरीदा नहीं जा सका। बाकी किसानों से धान निरंतर खरीदा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिले में अब तक 258 किसानों से धान खरीद हो चुकी है। इन किसानों से एक करोड़ 93 लाख का धान खरीदा गया है। बारिश के बाद जो धान खराब हुआ है उसे सरकार नहीं खरीदेगी। ऐसे धान को वापिस किया जा रहा है।
जिले में दस हजार 500 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। धान की अधिकतम उपज गंगा खादर के इलाके में होती है। बारिश के बाद धान की जो फसल खराब हुई है उसे बेचने को लेकर किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सरकार ने खराब धान खरीदने से मना कर दिया है। जिले में अब तक मोरना क्रय केंद्र पर एक किसान को वापिस लौटाया गया है। धान का क्षेत्रफल कम होने के कारण यहां अधिक बड़ी समस्या नहीं है। जिले में नौ केंद्र हैं जिसमें एक मुजफ्फरनगर, एक पुरकाजी, एक मोरना, एक जानसठ, एक चरथावल, एक खतौली, एक सिखरेडा, एक रामराज में बनाया गया है। 4200 मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 258 किसानों से एक करोड़ 93 लाख 93 हजार का धान खरीदा गया है। किसानों के खातों में एक करोड़ 27 लाख का भुगतान किसानों को हो चुका है।
विज्ञापन
खराब धान नहीं खरीद सकते
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि जिले में अब तक एक किसान का धान की मानक के अनुसार नहीं मिला है, जिसे खरीदा नहीं जा सका। बाकी किसानों से धान निरंतर खरीदा जा रहा है।

मुजफ्फरनगर के नवीन मंडी स्थल पर धान की बोरे को तौलते कर्मचारी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन