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डूबे बच्चों की तलाश में जुटी पीएसी, दमकल व एनडीआरएफ की टीम
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भोपा में नहर में डूबने वाले सूरज व छवी का फाइल फोटो।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। भोपा गंगनहर में डूबे बहन भाई का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं मिल सका। दोनों को तलाशने के लिए पीएसी, दमकल विभाग व एनडीआरएफ की टीम जुटी है। भोपा की गंगनहर पटरी, झाल पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उधर, बच्चों के पिता संदीप व अपने बच्चों व परिजनों के साथ थाने पहुंचा। उसने अपने डूबे बच्चों को जल्द तलाश करने की गुहार लगाई।
यह था मामला
थाना चरथावल क्षेत्र के गांव अलावलपुर निवासी महिला रीना ने पति संदीप से हुए विवाद के चलते शनिवार को अपने चार बच्चों संध्या 9 वर्ष, सूरज 7 वर्ष, छवि 5 वर्ष व नीविका 3 वर्ष को लेकर भोपा नहर में छलांग लगा दी थी। किसी प्रकार रीना, संध्या व नीविका को तो बाहर निकाल लिया था, लेकिन सूरज व छवि पानी में समा गए थे।
मासूम संध्या बोली- मेरा भाई मिला क्या
भोपा। शनिवार को मम्मी और छोटी बहन साथ गंग नहर में डूबने से बची परिवार की बड़ी बेटी संध्या (9 वर्ष ) रविवार को अपने पापा व परिजनों के साथ थाने पहुंची। मासूम बच्ची ने पूछा- कि क्या मेरा सूरज भाई मिल गया है। उसको भी निकाल दो नहर से। इतनी बात सुनकर सीनियर सब इंस्पेक्टर सत्यनारायण दहिया भावुक हो उठे। उन्होंने बच्ची को गले से लगाकर कहा कि बेटा चिंता मत करो। तुम्हारे भाई और बहन की तलाश की जा रही है।
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दस बहनों का इकलौता भाई था सूरज
भोपा। महिला के पति संदीप के बड़े भाई जय भगवान की बीमारी के चलते लगभग दो साल पूर्व मौत हो गई थी। जय भगवान के यहां कोई बेटा नहीं है। केवल सात बेटी है। दोनों भाइयों के 10 बेटियां हैं और सूरज इकलौता भाई था। जिसे तलाशा जा रहा है।
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यह था मामला
थाना चरथावल क्षेत्र के गांव अलावलपुर निवासी महिला रीना ने पति संदीप से हुए विवाद के चलते शनिवार को अपने चार बच्चों संध्या 9 वर्ष, सूरज 7 वर्ष, छवि 5 वर्ष व नीविका 3 वर्ष को लेकर भोपा नहर में छलांग लगा दी थी। किसी प्रकार रीना, संध्या व नीविका को तो बाहर निकाल लिया था, लेकिन सूरज व छवि पानी में समा गए थे।
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मासूम संध्या बोली- मेरा भाई मिला क्या
भोपा। शनिवार को मम्मी और छोटी बहन साथ गंग नहर में डूबने से बची परिवार की बड़ी बेटी संध्या (9 वर्ष ) रविवार को अपने पापा व परिजनों के साथ थाने पहुंची। मासूम बच्ची ने पूछा- कि क्या मेरा सूरज भाई मिल गया है। उसको भी निकाल दो नहर से। इतनी बात सुनकर सीनियर सब इंस्पेक्टर सत्यनारायण दहिया भावुक हो उठे। उन्होंने बच्ची को गले से लगाकर कहा कि बेटा चिंता मत करो। तुम्हारे भाई और बहन की तलाश की जा रही है।
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दस बहनों का इकलौता भाई था सूरज
भोपा। महिला के पति संदीप के बड़े भाई जय भगवान की बीमारी के चलते लगभग दो साल पूर्व मौत हो गई थी। जय भगवान के यहां कोई बेटा नहीं है। केवल सात बेटी है। दोनों भाइयों के 10 बेटियां हैं और सूरज इकलौता भाई था। जिसे तलाशा जा रहा है।