Muzaffarnagar News: बाणगंगा के पानी से खत्म हो रही ऑक्सीजन, मरने लगे जलीय जीव
- तीन सैंपल की रिपोर्ट आई, बाणगंगा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
- उत्तराखंड और यूपी की टीम संयुक्त रूप से दोनों प्रदेशों में करेगी जांच
विस्तार
मुजफ्फरनगर के मोरना में बाणगंगा के पानी में खतरनाक स्तर तक प्रदूषण बढ़ गया है। प्रदूषण विभाग की जांच में सामने आया है कि नदी के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा सिर्फ 0. 8 मिलीग्राम प्रति लीटर ही रह गई है। जलीय जीव मरने लगे हैं। प्रदूषण विभाग ने उत्तराखंड के अधिकारियों को पत्र लिखा है। दोनों प्रदेशों की संयुक्त टीम जल्द ही नदी के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगी और सैंपल लेगी।
बाणगंगा में शनिवार को भी प्रदूषित पानी बहता रहा, जिससे संत समाज के बीच नाराजगी है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि शुक्रवार को लिए गए तीन सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। बाणगंगा में ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम पाया गया है। प्रदूषण की वजह से ऑक्सीजन सिर्फ 0.8 तक ही रह गई है, जबकि यह चार मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए थी।
जलीय जीवों के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं है। काले पानी में दिनभर मृत मछलियां नजर आई। सोलानी नदी में ऑक्सीजन की मात्रा पांच मिलीग्राम प्रति लीटर और शुकताल से दोनों नदियों के पानी से लिए गए सैंपल में ऑक्सीजन की मात्रा चार मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक आई है। सोमवार या मंगलवार को दोनों प्रदेशों की संयुक्त टीम जांच करेगी।
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इदरीशपुर नाला बढ़ा रहा मुश्किल
उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में बहने वाला इदरीशपुर नाला बाणगंगा के पानी को प्रदूषित कर रहा है। इस नाले के जरिए फैक्ट्रियों का पानी नदी तक जाता है। प्रदूषित पानी आने की वजह से हालात मुश्किल बन गए हैं।
शुकतीर्थ में संत समाज ने किया प्रदर्शन
बाणगंगा में हरिद्वार की ओर से प्रदूषित पानी आने पर संत समाज ने नाराजगी जताई। शनिवार को साधु-संतों ने नदी में खड़े होकर धरना प्रदर्शन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर संत समाज को शांत किया।
दूसरे दिन भी घाट पर गंगा स्नान बंद रहा और दूरदराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु बिना स्नान किए ही वापस लौट गए। मां पूर्णा गिरी आश्रम के महामंडलेश्वर गोपाल महाराज, उदासीन निर्वाण आश्रम के महंत बाबा कृपाल दास महाराज के साथ सेवादास, अर्जुन दास, रामगिरी, बसंत दास, रामकिशन महाराज, नागा बाबा, पदम गिरी, शंकर गिरी गंगा घाट पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, अमित राठी, रामकुमार शर्मा, कथा वाचक अजय कृष्ण शास्त्री मौके पर पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने डीएम से बातचीत करने के बाद ठोस कार्रवाई का आश्वासन देकर साधु-संतों को शांत किया।
गंगा की धारा आए तो बनेगी बात
शुकतीर्थ में गंगा की धारा आने से ही समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। संत समाज लंबे समय से केंद्र और प्रदेश सरकार के सामने यह मांग उठाता रहा है। गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा गया। शुकतीर्थ में मेलों के समय गंगा से बाणगंगा में पानी छोड़कर सफाई करा दी जाती है, लेकिन इसके बाद पूरे साल ध्यान नहीं दिया जाता। शुकदेव पीठाधीश्वर ओमानंद ब्रह्मचारी सरकार के समक्ष कई ुबार यह मांग उठा चुके हैं।