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अंग दान दिवस: किडनी देकर ‘रिश्तों’ को दिया जीवनदान
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- पति, बेटे और सहेली को किडनी देकर बचाई जान, खुशी से जीवन बीता रहे तीनों
वासु प्रजापति
मुजफ्फरनगर। किसी पिता की वजह से बेटा जिंदा है, तो किसी पत्नी की बदौलत पति। तो वहीं किसी सहेली की वजह से सहेली आज हंसी खुशी जीवन व्यतीत कर रही है। अंगदान करने वालों में महिलाएं सबसे आगे हैं। महिलाओं ने किड़नी देकर रिश्तों को जीवनदान दिया है। अपनी जान जोखिम में डालकर बिना किसी परवाह के इन्होंने अपनी किडनी देकर मरीज की जान बचाई है।
वैसे तो हर कोई अपने परिवार के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। इस भागदौड़ वाली जिंदगी में किसी के पास शायद ही इतना वक्त होगा कि कोई किसी दूसरे व्यक्ति को समय दे या उसकी मदद कर सके, लेकिन इनमें एक महिला ऐसी भी है, जिसने अपने परिवार के विरोध करने के बावजूद भी अपनी सहेली को किड़नी देकर उसकी जान बचाई। तीनों ही केस में किड़नी देने वाला और किड़नी लेने वाले सभी सुरक्षित और स्वस्थ जीवन व्यवतीत कर रहे है।
केस-1
शहर के नदी रोड स्थित गऊशाला के पास रहने वाली अलका बालियान पत्नी संजय कुमार ने बताया कि उसने विगत 27 अगस्त को चंडीगढ़ में अपनी सहेली को किड़नी दान में दी थी। उसने बताया कि उसकी सहेली शालिनी गोयल पत्नी सचिन गोयल ऊपरी मंजिल से गिर गई थी। उसी हादसे में उसकी हालत बिगड़ गई थी। जब डॉक्टर ने उसे किड़नी बदलने की बात कही तो उसने उसे किड़नी दी। हालांकि अलका के परिवार वालों ने काफी विरोध किया, लेकिन उसने परिवार से ऊपर होकर सहेली की जान बचाई। अब दोनों स्वस्थ है।
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केस- 2
कस्बा चरथावल के दलितपुरा गांव में रहने वाले सुमंत प्रकाश पुत्र गोविंद ने अपने बेटे जितेंद्र को विगत 08 अप्रैल को चंडीगढ़ के मैक्स हॉस्पिटल में किड़नी दी थी। जितेंद्र ने बताया कि 2018 में उसे बुखार आया था। कई दिन मुजफ्फरनगर जिला चिकित्सालय में एडमिट रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। उसके बाद मेरठ, दिल्ली समेत कई जगह पर वह भर्ती रहा। चिकित्सकों ने उसके गुर्दे सुकड़े हुए बताए। करीब 4 साल तक ऐसे ही घूमने के बाद उसके पिता ने उसे किडनी दी। जिसके बाद आज वो और उसके पिता दोनों ठीक है।
केस- 3
थाना छपार क्षेत्र के बसेड़ा गांव में रहने वाली विमलेश पत्नी हंसवीर ने अपने पति को विगत 20 सिंतबर को किड़नी दी थी। पंजाब के मोहाली स्थित आईवीवाई हॉस्पिटल में विमलेश के पति की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। विमलेश ने बताया कि उसके पति हंसवीर की किड़नी फेल हो गई थी। जिसके बाद डॉक्टर्स ने किड़नी की डिमांड की, तो उसने अपने पति को किड़नी दी है। उन्होंने बताया कि अब उसके पति की हालत बिल्कुल ठीक है। उसे भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। दोनों ही अपना खुशी जीवन व्यतीत कर रहे है।
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वासु प्रजापति
मुजफ्फरनगर। किसी पिता की वजह से बेटा जिंदा है, तो किसी पत्नी की बदौलत पति। तो वहीं किसी सहेली की वजह से सहेली आज हंसी खुशी जीवन व्यतीत कर रही है। अंगदान करने वालों में महिलाएं सबसे आगे हैं। महिलाओं ने किड़नी देकर रिश्तों को जीवनदान दिया है। अपनी जान जोखिम में डालकर बिना किसी परवाह के इन्होंने अपनी किडनी देकर मरीज की जान बचाई है।
वैसे तो हर कोई अपने परिवार के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। इस भागदौड़ वाली जिंदगी में किसी के पास शायद ही इतना वक्त होगा कि कोई किसी दूसरे व्यक्ति को समय दे या उसकी मदद कर सके, लेकिन इनमें एक महिला ऐसी भी है, जिसने अपने परिवार के विरोध करने के बावजूद भी अपनी सहेली को किड़नी देकर उसकी जान बचाई। तीनों ही केस में किड़नी देने वाला और किड़नी लेने वाले सभी सुरक्षित और स्वस्थ जीवन व्यवतीत कर रहे है।
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केस-1
शहर के नदी रोड स्थित गऊशाला के पास रहने वाली अलका बालियान पत्नी संजय कुमार ने बताया कि उसने विगत 27 अगस्त को चंडीगढ़ में अपनी सहेली को किड़नी दान में दी थी। उसने बताया कि उसकी सहेली शालिनी गोयल पत्नी सचिन गोयल ऊपरी मंजिल से गिर गई थी। उसी हादसे में उसकी हालत बिगड़ गई थी। जब डॉक्टर ने उसे किड़नी बदलने की बात कही तो उसने उसे किड़नी दी। हालांकि अलका के परिवार वालों ने काफी विरोध किया, लेकिन उसने परिवार से ऊपर होकर सहेली की जान बचाई। अब दोनों स्वस्थ है।
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केस- 2
कस्बा चरथावल के दलितपुरा गांव में रहने वाले सुमंत प्रकाश पुत्र गोविंद ने अपने बेटे जितेंद्र को विगत 08 अप्रैल को चंडीगढ़ के मैक्स हॉस्पिटल में किड़नी दी थी। जितेंद्र ने बताया कि 2018 में उसे बुखार आया था। कई दिन मुजफ्फरनगर जिला चिकित्सालय में एडमिट रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। उसके बाद मेरठ, दिल्ली समेत कई जगह पर वह भर्ती रहा। चिकित्सकों ने उसके गुर्दे सुकड़े हुए बताए। करीब 4 साल तक ऐसे ही घूमने के बाद उसके पिता ने उसे किडनी दी। जिसके बाद आज वो और उसके पिता दोनों ठीक है।
केस- 3
थाना छपार क्षेत्र के बसेड़ा गांव में रहने वाली विमलेश पत्नी हंसवीर ने अपने पति को विगत 20 सिंतबर को किड़नी दी थी। पंजाब के मोहाली स्थित आईवीवाई हॉस्पिटल में विमलेश के पति की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। विमलेश ने बताया कि उसके पति हंसवीर की किड़नी फेल हो गई थी। जिसके बाद डॉक्टर्स ने किड़नी की डिमांड की, तो उसने अपने पति को किड़नी दी है। उन्होंने बताया कि अब उसके पति की हालत बिल्कुल ठीक है। उसे भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। दोनों ही अपना खुशी जीवन व्यतीत कर रहे है।